Mark · chapter 9 · verse 37
Mark 9:37 in Hindi
जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, बरन मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है।।
Jo koee mere naam se aise baalakom mem se kisee ek ko bhee grahan karataa hai, vah mujhe grahan karataa hai; aur jo koee mujhe grahan karataa, vah mujhe naheem, baran mere bhejanevaale ko grahan karataa hai..
Mark 9:37 in English
- King James Version (KJV)
- Whosoever shall receive one of such children in my name, receiveth me: and whosoever shall receive me, receiveth not me, but him that sent me.
- World English Bible (WEB)
- “Whoever receives one such little child in my name receives me; and whoever receives me, doesn’t receive me, but him who sent me.”
- American Standard Version (ASV)
- Whosoever shall receive one of such little children in my name, receiveth me: and whosoever receiveth me, receiveth not me, but him that sent me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Whoever will give honour to one such little child in my name, gives honour to me: and whoever gives honour to me, gives honour not to me, but to him who sent me.
- Darby Translation (DBY)
- Whosoever shall receive one of such little children in my name, receives me; and whosoever shall receive me, does not receive me, but him who sent me.
- Webster's Bible (WBS)
- Whoever shall receive one of such children in my name, receiveth me: and whoever shall receive me, receiveth not me, but him that sent me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Whoever may receive one of such children in my name, doth receive me, and whoever may receive me, doth not receive me, but Him who sent me.'
Read in context
- 35तब उस ने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
- 36और उस ने एक बालक को लेकर उन के बीच में खड़ा किया, और उसके गोद में लेकर उन से कहा।
- 37जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, बरन मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है।।
- 38तब यूहन्ना ने उस से कहा, हे गुरू हम ने एक मनुष्य को तेरे नाम से दुष्टात्मओं को निकालते देखा और हम उसे मना करने लगे, क्योंकि वह हमारे पीछे नहीं हो लेता था।
- 39यीशु ने कहा, उस को मत मना करो; क्योंकि ऐसा कोई नहीं जो मेरे नाम से सामर्थ का काम करे, और जल्दी से मुझे बुरा कह सके।
Cross references
- Matthew 18:3–5 मत्ती 18:3–5और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है।
- Luke 10:16 लूका 10:16जो तुम्हारी सुनता है, वह मेरी सुनता है, और जो तुम्हें तुच्छ जानता है, वह मुझे तुच्छ जानता है; और जो मुझे तुच्छ जानता है, वह मेरे भेजनेवाले को तुच्छ जानता है।
- Matthew 10:40–42 मत्ती 10:40–42जो तुम्हें ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है। जो भविष्यद्वक्ता को भविष्यद्वक्ता जानकर ग्रहण करे, वह भविष्यद्वक्ता का बदला पाएगा; और जो धर्मी जानकर धर्मी को ग्रहण करे, वह धर्मी का बदला पाएगा। जो कोई इन छोटों में से एक को चेला जानकर केवल एक कटोरा ठंडा पानी पिलाए, मैं तुम से सच कहता हूं, वह किसी रीति से अपना प्रतिफल न खोएगा।।
- John 14:21–23 यूहन्ना 14:21–23जिस के पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूंगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूंगा। उस यहूदा ने जो इस्करियोती न था, उस से कहा, हे प्रभु, क्या हुआ की तू अपने आप को हम पर प्रगट किया चाहता है, और संसार पर नहीं। यीशु ने उस को उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
- John 10:30 यूहन्ना 10:30मैं और पिता एक हैं।
- John 12:44–45 यूहन्ना 12:44–45यीशु ने पुकारकर कहा, जो मुझ पर विश्वास करता है, वह मुझ पर नहीं, बरन मेरे भेजनेवाले पर विश्वास करता है। और जो मुझे देखता है, वह मेरे भेजनेवाले को देखता है।
- Luke 9:48 लूका 9:48और उन से कहा; जो कोई मेरे नाम से इस बालक को ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है, वह मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है क्योंकि जो तुम में सब से छोटे से छोटा है, वही बड़ा है।
- John 5:23 यूहन्ना 5:23इसलिये कि सब लोग जैसे पिता का आदर करते हैं वैसे ही पुत्रा का भी आदर करें: जो पुत्रा का आदर नहीं करता, वह पिता का जिस ने उसे भेजा है, आदर नहीं करता।
- Matthew 18:10 मत्ती 18:10काना होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।
- Matthew 25:40 मत्ती 25:40तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।
- 1 Thessalonians 4:8 1 थिस्सलुनीकियों 4:8इस कारण जो तुच्छ जानता है, वह मनुष्य को नहीं, परन्तु परमेश्वर को तुच्छ जानता है, जो अपना पवित्रा आत्मा तुम्हें देता है।।