Matthew · chapter 11 · verse 30
Matthew 11:30 in Hindi
क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।।
Kyonki meraa jooaa sahaj aur meraa bojh halkaa hai..
Matthew 11:30 in English
- King James Version (KJV)
- For my yoke [is] easy, and my burden is light.
- World English Bible (WEB)
- For my yoke is easy, and my burden is light.”
- American Standard Version (ASV)
- For my yoke is easy, and my burden is light.
- Bible in Basic English (BBE)
- For my yoke is good, and the weight I take up is not hard.
- Darby Translation (DBY)
- for my yoke is easy, and my burden is light.
- Webster's Bible (WBS)
- For my yoke [is] easy, and my burden is light.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for my yoke [is] easy, and my burden is light.'
Read in context
- 28हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।
- 29मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
- 30क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।।
Cross references
- 1 John 5:3 1 यूहन्ना 5:3और परमेश्वर का प्रेम यह है, कि हम उस की आज्ञाओं को मानें; और उस की आज्ञाएं कठिन नहीं।
- John 16:33 यूहन्ना 16:33मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्ति मिले; संसार में तुम्हें क्लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है।।
- Philippians 4:13 फिलिप्पियों 4:13जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
- 2 Corinthians 12:9–10 2 कुरिन्थियों 12:9–10और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- Galatians 5:1 गलातियों 5:1मसीह ने स्वतंत्राता के लिये हमें स्वतंत्रा किया है; सो इसी में स्थिर रहो, और दासत्व के जूए में फिर से न जुतो।।
- Micah 6:8 मीका 6:8हे मनुष्य, वह तुझे बता चुका है कि अच्छा क्या है; और यहोवा तुझ से इसे छोड़ और क्या चाहता है, कि तू न्याय से काम करे, और कृपा से प्रीति रखे, और अपने परमेश्वर के साथ नम्रता से चले?
- 2 Corinthians 1:4–5 2 कुरिन्थियों 1:4–5वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों। क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्ति भी मसीह के द्वारा अधिक हाती है।
- Galatians 5:18 गलातियों 5:18और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे।
- 2 Corinthians 4:17 2 कुरिन्थियों 4:17क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त जीवन महिमा उत्पन्न करता जाता है।
- Acts 15:10 प्रेरितों के काम 15:10तो अब तुम क्यों परमेश्वर की परीक्षा करते हो? कि चेलों की गरदन पर ऐसा जूआ रखो, जिसे न हमारे बापदादे उठा सके थे और न हम उठा सकते।
- Acts 15:28 प्रेरितों के काम 15:28पवित्रा आत्मा को, और हम को ठीक जान पड़ा, कि इन आवश्यक बातों को छोड़; तुम पर और बोझ न डालें;
- Proverbs 3:17 नीतिवचन 3:17उसके मार्ग मनभाऊ हैं, और उसके सब मार्ग कुशल के हैं।