Philippians · chapter 4 · verse 13
Philippians 4:13 in Hindi
जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
Jo mujhe saamarth detaa hai us mem maim sab kuchh kar sakataa hoon.
Philippians 4:13 in English
- King James Version (KJV)
- I can do all things through Christ which strengtheneth me.
- World English Bible (WEB)
- I can do all things through Christ who strengthens me.
- American Standard Version (ASV)
- I can do all things in him that strengtheneth me.
- Bible in Basic English (BBE)
- I am able to do all things through him who gives me strength.
- Darby Translation (DBY)
- I have strength for all things in him that gives me power.
- Webster's Bible (WBS)
- I can do all things through Christ who strengtheneth me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For all things I have strength, in Christ's strengthening me;
Read in context
- 11यह नहीं कि मैं अपनी घटी के कारण यह कहता हूं; क्योंकि मैं ने यह सीखा है कि जिस दशा में हूं, उसी में सन्तोष करूं।
- 12मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना- घटना सीखा है।
- 13जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
- 14तौभी तुम ने भला किया, कि मेरे क्लेश में मेरे सहभागी हुए।
- 15और हे फिलिप्पियो, तुम आप भी जानते हो, कि सुसमाचार प्रचार के आरम्भ में जब मैं ने मकिदुनिया से कूच किया तब तुम्हें छोड़ और किसी मण्डली ने लेने देने के विषय में मेरी सहयता नहीं की।
Cross references
- Isaiah 41:10 यशायाह 41:10मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।।
- 2 Corinthians 12:9–10 2 कुरिन्थियों 12:9–10और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- Colossians 1:11 कुलुस्सियों 1:11और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्त होते जाओ, यहां तक कि आनन्द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
- Ephesians 6:10 इफिसियों 6:10निदान, प्रभु में और उस की शक्ति में बलवन्त बनो।
- Isaiah 40:29–31 यशायाह 40:29–31वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाई उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।।
- Ephesians 3:16 इफिसियों 3:16कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्व में सामर्थ पाकर बलवन्त होते जाओ।
- John 15:7 यूहन्ना 15:7यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
- 2 Corinthians 3:4–5 2 कुरिन्थियों 3:4–5हम मसीह के द्वारा परमेश्वर पर ऐसा ही भरोसा रखते हैं। यह नहीं, कि हम अपने आप से इस योग्य हैं, कि अपनी ओर से किसी बात का विचार कर सकें; पर हमारी योग्यता परमेश्वर की ओर से है।
- John 15:4–5 यूहन्ना 15:4–5तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
- Isaiah 45:24 यशायाह 45:24लोग मेरे विषय में कहेंगे, केवल यहोवा ही में धर्म और शक्ति है। उसी के पास लोग आएंगे। और जो उस से रूठे रहेंगे, उन्हें लज्जित होना पड़ेगा।