Matthew · chapter 15 · verse 3
Matthew 15:3 in Hindi
उस ने उन को उत्तर दिया, कि तुम भी अपनी रीतों के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो?
Us ne un ko uttar diyaa, ki tum bhee apanee reetom ke kaaran kyom parameshvar kee aajnyaa taalate ho?
Matthew 15:3 in English
- King James Version (KJV)
- But he answered and said unto them, Why do ye also transgress the commandment of God by your tradition?
- World English Bible (WEB)
- He answered them, “Why do you also disobey the commandment of God because of your tradition?
- American Standard Version (ASV)
- And he answered and said unto them, Why do ye also transgress the commandment of God because of your tradition?
- Bible in Basic English (BBE)
- And in answer he said to them, Why do you, yourselves, go against the word of God on account of the teaching which has been handed down to you?
- Darby Translation (DBY)
- But he answering said to them, Why do ye also transgress the commandment of God on account of your traditional teaching?
- Webster's Bible (WBS)
- But he answered and said to them, Why do ye also transgress the commandment of God by your tradition?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he answering said to them, 'Wherefore also do ye transgress the command of God because of your tradition?
Read in context
- 1तब यरूशलेम से कितने फरीसी और शास्त्री यीशु के पास आकर कहने लगे।
- 2तेरे चेले पुरनियों की रीतों को क्यों टालते हैं, कि बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं?
- 3उस ने उन को उत्तर दिया, कि तुम भी अपनी रीतों के कारण क्यों परमेश्वर की आज्ञा टालते हो?
- 4क्योंकि परमेश्वर ने कहा था, कि अपने पिता और अपनी माता का आदर करना: और जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए।
- 5पर तुम कहते हो, कि यदि कोई अपने पिता या माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह परमेश्वर को भेंट चढ़ाई जा चुकी।
Cross references
- Colossians 2:23 कुलुस्सियों 2:23इन विधियों में अपनी इच्छा के अनुसार गढ़ी हुई भक्ति की रीति, और दीनता, और शारीरिक योगाभ्यास के भाव से ज्ञान का नाम तो है, परन्तु शारीरिक लालसाओं को रोकने में इन के कुछ भी लाभ नहीं होता।।
- Titus 1:14 तीतुस 1:14और वे यहूदियों की कथा कहानियों और उन मनुष्यों की आज्ञाओं पर मन न लगाएं, जो सत्य से भटक जाते हैं।
- Colossians 2:8 कुलुस्सियों 2:8चौकस रहो कि कोई तुम्हें उस तत्व- ज्ञान और व्यर्थ धोखे के द्वारा अहेर न करे ले, जो मनुष्यों के परम्पराई मत और संसार की आदि शिक्षा के अनुसार है, पर मसीह के अनुसार नहीं।
- Mark 7:6–8 मरकुस 7:6–8उस ने उन से कहा; कि यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्ववाणी की; जैसा लिखा है; कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है। और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्यों की आज्ञाओं को धर्मोंपादेश करके सिखाते हैं। क्योंकि तुम परमेश्वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो।
- Mark 7:13 मरकुस 7:13इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो।
- Matthew 7:3–5 मत्ती 7:3–5तू क्यों अपने भाई की आंख के तिनके को देखता है, और अपनी आंख का लट्ठा तुझे नहीं सूझता? और जब तेरी ही आंख मे लट्ठा है, तो तू अपने भाई से क्योंकर कह सकता है, कि ला मैं तेरी आंख से तिनका निकाल दूं। हे कपटी, पहले अपनी आंख में से लट्ठा निकाल ले, तक तू अपने भाई की आंख का तिनका भली भांति देखकर निकाल सकेगा।। पवित्रा वस्तु कुत्तों को न दो, और अपने मोती सूअरों के आगे मत डालो; ऐसा न हो कि वे उन्हें पांवों तले रौंदें और पलटकर तुम को फाड़ डालें।।