Matthew · chapter 18 · verse 12
Matthew 18:12 in Hindi
तुम क्या समझते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक भटक जाए, तो क्या निन्नानवे को छोड़कर, और पहाड़ों पर जाकर, उस भटकी हुई को न ढूंढ़ेगा?
Tum kyaa samajhate ho? Yadi kisee manushy kee sau bhedem hom, aur un mem se ek bhatak jaae, to kyaa ninnaanave ko chhodakar, aur pahaadom par jaakar, us bhatakee huee ko na dhoondhegaa?
Matthew 18:12 in English
- King James Version (KJV)
- How think ye? if a man have an hundred sheep, and one of them be gone astray, doth he not leave the ninety and nine, and goeth into the mountains, and seeketh that which is gone astray?
- World English Bible (WEB)
- “What do you think? If a man has one hundred sheep, and one of them goes astray, doesn’t he leave the ninety-nine, go to the mountains, and seek that which has gone astray?
- American Standard Version (ASV)
- How think ye? if any man have a hundred sheep, and one of them be gone astray, doth he not leave the ninety and nine, and go unto the mountains, and seek that which goeth astray?
- Bible in Basic English (BBE)
- What would you say now? if a man has a hundred sheep, and one of them has gone wandering away, will he not let the ninety-nine be, and go to the mountains in search of the wandering one?
- Darby Translation (DBY)
- What think ye? If a certain man should have a hundred sheep, and one of them be gone astray, does he not, leaving the ninety and nine on the mountains, go and seek the one that has gone astray?
- Webster's Bible (WBS)
- How think ye? if a man hath a hundred sheep, and one of them is gone astray, doth he not leave the ninety and nine, and go to the mountains, and seek that which is gone astray?
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'What think ye? if a man may have an hundred sheep, and there may go astray one of them, doth he not — having left the ninety-nine, having gone on the mountains — seek that which is gone astray?
Read in context
- 10काना होकर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।
- 11देखो, तुम इन छोटों में से किसी को तुच्छ न जानना; क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि स्वर्ग में उन के दूत मेरे स्वर्गीय पिता का मुंह सदा देखते हैं।
- 12तुम क्या समझते हो? यदि किसी मनुष्य की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक भटक जाए, तो क्या निन्नानवे को छोड़कर, और पहाड़ों पर जाकर, उस भटकी हुई को न ढूंढ़ेगा?
- 13और यदि ऐसा हो कि उसे पाए, तो मैं तुम से सच कहता हूं, कि वह उन निन्नानवे भेड़ों के लिये जो भटकी नहीं थीं इतना आनन्द नहीं करेगा, जितना कि इस भेड़ के लिये करेगा।
- 14ऐसा ही तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है यह इच्छा नहीं, कि इन छोटों में से एक भी नाश हो।
Cross references
- Ezekiel 34:12 यहेजकेल 34:12जैसे चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों में से भटकी हुई को फिर से अपने झुण्ड में बटोरता है, वैसे ही मैं भी अपनी भेड़-बकरियों को बटोरूंगा; मैं उन्हे उन सब स्थानों से निकाल ले आऊंगा, जहां जहां वे बादल और घोर अन्धकार के दिन तितर-बितर हो गई हों।
- Luke 15:4–7 लूका 15:4–7तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है। और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं॥
- Ezekiel 34:16 यहेजकेल 34:16मैं खोई हुई को ढूंढ़ूंगा, और निकाली हुई को फेर लाऊंगा, और घायल के घाव बान्धूंगा, और बीमार को बलवान् करूंगा, और जो मोटी और बलवन्त हैं उन्हें मैं नाश करूंगा; मैं उनकी चरवाही न्याय से करूंगा।
- Isaiah 53:6 यशायाह 53:6हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।।
- Ezekiel 34:28 यहेजकेल 34:28वे फिर जाति-जाति से लूटे न जाएंगे, और न वनपशु उन्हें फाड़ खाएंगे; वे निडर रहेंगे, और उन को कोई न डराएगा।
- Ezekiel 34:6 यहेजकेल 34:6मेरी भेड़-बकरियां तितर-बितर हुई हैं; वे सारे पहाड़ों और ऊंचे ऊंचे टीलों पर भटकती थीं; मेरी भेड़-बकरियां सारी पृथ्वी के ऊपर तितर-बितर हुईं; और न तो कोई उनकी सुधि लेता था, न कोई उन को ढूंढ़ता था।
- 1 Peter 2:25 1 पतरस 2:25क्योंकि तुम पहिले भटकी हुई भेड़ों की नाईं थे, पर अब अपने प्राणों के रखवाले और अध्यक्ष के पास फिर आ गए हो।
- Psalm 119:176 भजन संहिता 119:176मैं खोई हुई भेड़ की नाईं भटका हूं; तू अपने दास को ढूंढ़ ले, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं को भूल नहीं गया।।
- Jeremiah 50:6 यिर्मयाह 50:6मेरी प्रजा खोई हुई भेडें हैं; उनके चरवाहों ने उनको भटका दिया और पहाड़ों पर भटकाया है; वे पहाड़- पहाड़ और पहाड़ी- पहाड़ी घूमते- घूमते अपने बैठने के स्थान को भूल गई हैं।
- John 10:11–21 यूहन्ना 10:11–21अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िया उन्हें पकड़ता और तित्तर बित्तर कर देता है। वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उस को भेड़ों की चिन्ता नहीं। अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं। इसी तरह मैं अपी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं। और मेरी और भी भेड़ें हैं, जो इस भेड़शाला की नहीं; मुझे उन का भी लाना अवश्य है, वे मेरा शब्द सुनेंगी; तब एक ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा। पिता इसलिये मुझ से प्रेम रखता है, कि मैं अपना प्राण देता हूं, कि उसे फिर ले लूं। कोई उसे मुझ से छीनता नहीं, बरन मैं उसे आप ही देता हूं: मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है: यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।। इन बातों के कारण यहूदियों में फिर फूट पड़ी। उन में से बहुतेरे कहने लगे, कि उस में दुष्टात्मा है, और वह पागल है; उस की क्यों सुनते हो? औरों ने कहा, ये बात ऐसे मनुष्य की नहीं जिस में दुष्टात्मा हो: क्या दुष्टात्मा अन्धों की आंखे खोल सकती है?
- Matthew 12:11 मत्ती 12:11उस ने उन से कहा; तुम में ऐसा कौन है, जिस की एक भेड़ हो, और वह सब्त के दिन गड़हे में गिर जाए, तो वह उसे पकड़कर न निकाले?
- Matthew 21:28 मत्ती 21:28तुम क्या समझते हो? किसी मनुष्य के दो पुत्रा थे; उस ने पहिले के पास जाकर कहा; हे पुत्रा आज दाख की बारी में काम कर।