Matthew · chapter 19 · verse 25
Matthew 19:25 in Hindi
यह सुनकर, चेलों ने बहुत चकित होकर कहा, फिर किस का उद्धार हो सकता है?
Yah sunakar, chelom ne bahut chakit hokar kahaa, phir kis kaa uddhaar ho sakataa hai?
Matthew 19:25 in English
- King James Version (KJV)
- When his disciples heard [it], they were exceedingly amazed, saying, Who then can be saved?
- World English Bible (WEB)
- When the disciples heard it, they were exceedingly astonished, saying, “Who then can be saved?”
- American Standard Version (ASV)
- And when the disciples heard it, they were astonished exceedingly, saying, Who then can be saved?
- Bible in Basic English (BBE)
- And the disciples, hearing this, were greatly surprised, saying, Who then may have salvation?
- Darby Translation (DBY)
- And when the disciples heard [it] they were exceedingly astonished, saying, Who then can be saved?
- Webster's Bible (WBS)
- When his disciples heard [it] , they were exceedingly amazed, saying, Who then can be saved?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And his disciples having heard, were amazed exceedingly, saying, 'Who, then, is able to be saved?'
Read in context
- 23तब यीशु ने अपने चेलों से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि धनवान का स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करना कठिन है।
- 24फिर तुम से कहता हूं, कि परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है।
- 25यह सुनकर, चेलों ने बहुत चकित होकर कहा, फिर किस का उद्धार हो सकता है?
- 26यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।
- 27इस पर पतरस ने उस से कहा, कि देख, हम तो सब कुछ छोड़ के तेरे पीछे हो लिये हैं: तो हमें क्या मिलेगा?
Cross references
- Romans 10:13 रोमियों 10:13क्योंकि जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा।
- Matthew 24:22 मत्ती 24:22और यदि वे दिन घटाए न जाते, तो कोई प्राणी न बचता; परन्तु चुने हुओं के कारण वे दिन घटाए जाएंगे।
- Mark 13:20 मरकुस 13:20और यदि प्रभु उन दिनों को न घटाता, तो कोई प्राणी भी न बचता; परन्तु उन चुने हुओं के कारण जिन को उस ने चुना है, उन दिनों को घटाया।
- Luke 13:23–24 लूका 13:23–24और किसी ने उस से पूछा; हे प्रभु, क्या उद्धार पानेवाले थोड़े हैं? उस ने उन से कहा; सकेत द्वार से प्रवेश करने का यत्न करो, क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि बहुतेरे प्रवेश करना चाहेंगे, और न कर सकेंगे।
- Romans 11:5–7 रोमियों 11:5–7सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं। यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा। सो परिणाम क्या हुआ? यह कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं।