Mark · chapter 13 · verse 20
Mark 13:20 in Hindi
और यदि प्रभु उन दिनों को न घटाता, तो कोई प्राणी भी न बचता; परन्तु उन चुने हुओं के कारण जिन को उस ने चुना है, उन दिनों को घटाया।
Aur yadi prabhu un dinom ko na ghataataa, to koee praanee bhee na bachataa; parantu un chune huom ke kaaran jin ko us ne chunaa hai, un dinom ko ghataayaa.
Mark 13:20 in English
- King James Version (KJV)
- And except that the Lord had shortened those days, no flesh should be saved: but for the elect’s sake, whom he hath chosen, he hath shortened the days.
- World English Bible (WEB)
- Unless the Lord had shortened the days, no flesh would have been saved; but for the sake of the chosen ones, whom he picked out, he shortened the days.
- American Standard Version (ASV)
- And except the Lord had shortened the days, no flesh would have been saved; but for the elect’s sake, whom he chose, he shortened the days.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if the Lord had not made the time short, no flesh would have been kept from destruction; but because of the saints he has made the time short.
- Darby Translation (DBY)
- and if [the] Lord had not cut short those days, no flesh should have been saved; but on account of the elect whom he has chosen, he has cut short those days.
- Webster's Bible (WBS)
- And except the Lord had shortened those days, no flesh would be saved: but for the elect's sake, whom he hath chosen, he hath shortened the days.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if the Lord did not shorten the days, no flesh had been saved; but because of the chosen, whom He did choose to Himself, He did shorten the days.
Read in context
- 18और प्रार्थना किया करो कि यह जाड़े में न हो।
- 19क्योंकि वे दिन ऐसे क्लेश के होंगे, कि सृष्टि के आरम्भ से जो परमेश्वर ने सृजी है अब तक न तो हुए, और न कभी फिर होंगे।
- 20और यदि प्रभु उन दिनों को न घटाता, तो कोई प्राणी भी न बचता; परन्तु उन चुने हुओं के कारण जिन को उस ने चुना है, उन दिनों को घटाया।
- 21उस समय यदि कोई तुम से कहे; देखो, मसीह यहां है, या देखो, वहां है, तो प्रतीति न करना।
- 22क्योंकि झूठे मसीह और झूठे भविष्यद्वक्ता उठ खड़े होंगे, और चिन्ह और अद्भुत काम दिखाएंगे कि यदि हो सके तो चुने हुओं को भी भरमा दें।
Cross references
- Matthew 24:22 मत्ती 24:22और यदि वे दिन घटाए न जाते, तो कोई प्राणी न बचता; परन्तु चुने हुओं के कारण वे दिन घटाए जाएंगे।
- Zechariah 13:8–9 जकर्याह 13:8–9यहोवा की यह भी वाणी है, कि इस देश के सारे निवासियों की दो तिहाई मार डाली जाएगाी और बची हुई तिहाई उस में बनी रहेगी। उस तिहाई को मैं आग में डालकर ऐसा निर्मल करूंगा, जैसा रूपा निर्मल किया जाता है, और ऐसा जाचूंगा जैसा सोना जांचा जाता है। वे मुझ से प्रार्थना किया करेंगे, और मैं उनकी सुनूंगा। मैं उनके विषय में कहूंगा, ये मेरी प्रजा हैं, और वे मेरे विषय में कहेंगे, यहोवा हमारा परमेश्वर है।।
- Isaiah 65:8–9 यशायाह 65:8–9यहोवा यों कहता है, जिस भांति दाख के किसी गुच्छे में जब नया दाखमधु भर आता है, तब लोग कहते हैं, उसे नाश मत कर, क्योंकि उस में आशीष है; उसी भांति मैं अपने दासों के निमित्त ऐसा करूंगा कि सभों को नाश न करूंगा। मैं याकूब में से एक वंश, और यहूदा में से अपने पर्वतों का एक वारिस उत्पन्न करूंगा; मेरे चुने हुए उसके वारिस होंगे, और मेरे दास वहां निवास करेंगे।
- Romans 11:28–32 रोमियों 11:28–32वे सुसमाचार के भाव से तो तुम्हारे बैरी हैं, परन्तु चुन लिये जाने के भाव से बापदादों के प्यारे हैं। क्योंकि परमेश्वर अपने बरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता। क्योंकि जैसे तुम ने पहिले परमेश्वर की आज्ञा न मानी परन्तु अभी उन के आज्ञा न मानने से तुम पर दया हुई। वैसे ही उन्हों ने भी अब आज्ञा न मानी कि तुम पर जो दया होती है इस से उन पर भी दया हो। ैक्योंकि परमेश्वर ने सब को आज्ञा न मानने के कारण बन्द कर रखा ताकि वह सब पर दया करे।।
- Isaiah 6:13 यशायाह 6:13चाहे उसके निवासियों का दसवां अंश भी रह जाए, तौभी वह नाश किया जाएगा, परनतु जैसे छोटे वा बड़े बांजवृक्ष को काट डालने पर भी उसका ठूंठ बना रहता है, वैसे ही पवित्रा वंश उसका ठूंठ ठहरेगा।।
- Isaiah 1:9 यशायाह 1:9यदि सेनाओं का यहोवा हमारे थोड़े से लोगों को न बचा रखता, तो हम सदोम के समान हो जाते, और अमोरा के समान ठहरते।।
- Romans 11:23–24 रोमियों 11:23–24और वे भी यदि अविश्वास में न रहें, तो साटे जाएंगे क्योंकि परमशॆवर उन्हें फिर साट सकता है। क्योंकि यदि तू उस जलपाई से, जो स्वभाव से जंगली है काटा गया और स्वभाव के विरूद्ध अच्छी जलपाई में साटा गया तो ये जो स्वाभाविक डालियां हैं, अपने ही जलपाई में साटे क्यों न जाएंगे।
- Romans 11:5–7 रोमियों 11:5–7सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं। यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा। सो परिणाम क्या हुआ? यह कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं।