Matthew · chapter 24 · verse 3
Matthew 24:3 in Hindi
और जब वह जैतून पहाड़ पर बैठा था, तो चेलों ने अलग उसके पास आकर कहा, हम से कह कि ये बातें कब होंगी और तेरे आने का, और जगत के अन्त का क्या चिन्ह होगा?
Aur jab vah jaitoon pahaad par baithaa thaa, to chelom ne alag usake paas aakar kahaa, ham se kah ki ye baatem kab hongee aur tere aane kaa, aur jagat ke ant kaa kyaa chinh hogaa?
Matthew 24:3 in English
- King James Version (KJV)
- And as he sat upon the mount of Olives, the disciples came unto him privately, saying, Tell us, when shall these things be? and what [shall be] the sign of thy coming, and of the end of the world?
- World English Bible (WEB)
- As he sat on the Mount of Olives, the disciples came to him privately, saying, “Tell us, when will these things be? What is the sign of your coming, and of the end of the age?”
- American Standard Version (ASV)
- And as he sat on the mount of Olives, the disciples came unto him privately, saying, Tell us, when shall these things be? and what [shall be] the sign of thy coming, and of the end of the world?
- Bible in Basic English (BBE)
- And while he was seated on the Mountain of Olives, the disciples came to him privately, saying, Make clear to us, when will these things be? and what will be the sign of your coming and of the end of the world?
- Darby Translation (DBY)
- And as he was sitting upon the mount of Olives the disciples came to him privately, saying, Tell us, when shall these things be, and what is the sign of thy coming and [the] completion of the age?
- Webster's Bible (WBS)
- And as he sat upon the mount of Olives, the disciples came to him privately, saying, Tell us, when will these things be? and what [will be] the sign of thy coming, and of the end of the world?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And when he is sitting on the mount of the Olives, the disciples came near to him by himself, saying, 'Tell us, when shall these be? and what [is] the sign of thy presence, and of the full end of the age?'
Read in context
- 1जब यीशु मन्दिर से निकलकर जा रहा था, तो उसके चेले उस को मन्दिर की रचना दिखाने के लिये उस के पास आए।
- 2उस ने उन से कहा, क्या तुम यह सब नहीं देखते? मैं तुम से सच कहता हूं, यहां पत्थर पर पत्थर भी न छूटेगा, जो ढाया न जाएगा।
- 3और जब वह जैतून पहाड़ पर बैठा था, तो चेलों ने अलग उसके पास आकर कहा, हम से कह कि ये बातें कब होंगी और तेरे आने का, और जगत के अन्त का क्या चिन्ह होगा?
- 4यीशु ने उन को उत्तर दिया, सावधान रहो! कोई तुम्हें न भरमाने पाए।
- 5क्योंकि बहुत से ऐसे होंगे जो मेरे नाम से आकर कहेंगे, कि मैं मसीह हूं: और बहुतों को भरमाएंगे।
Cross references
- Mark 13:3–4 मरकुस 13:3–4जब वह जैतून के पहाड़ पर मन्दिर के साम्हने बैठा था, तो पतरस और याकूब और यूहन्ना और अन्द्रियास ने अलग जाकर उस से पूछा। कि हमें बता कि ये बातें कब होंगी? और जब ये सब बातें पूरी होने पर होंगी उस समय का क्या चिन्ह होगा?
- Acts 1:7 प्रेरितों के काम 1:7उस ने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।
- 1 Thessalonians 5:1–11 1 थिस्सलुनीकियों 5:1–11पर हे भाइयो, इसका प्रयोजन नहीं, कि समयों और कालों के विषय में तुम्हारे पास कुछ लिखा जाए। क्योंकि तुम आप ठीक जानते हो कि जैसा रात को चोर आता है, वैसा ही प्रभु का दिन आनेवाला है। जब लोग कहते होंगे, कि कुशल हैं, और कुछ भय नहीं, तो उन पर एकाएक विनाश आ पड़ेगा, जिस प्रकार गर्भवती पर पीड़ा; और वे किसी रीति से बचेंगे। पर हे भाइयों, तुम तो अन्धकार में नहीं हो, कि वह दिन तुम पर चोर की नाई आ पड़े। क्योंकि तुम सब ज्योति की सन्तान, और दिन की सन्तान हो, हम न रात के हैं, न अन्धकार के हैं। इसलिये हम औरों की नाई सोते न रहें, पर जागते और सावधान रहें। क्योंकि जो सोते हैं, वे रात ही को सोतें हैं, और जो मतवाले होते हैं, वे रात ही को मतवाले होते हैं। पर हम तो दिन के हैं, विश्वास और प्रेम की झिलम पहिनकर और उद्धार की टोप पहिनकर सावधान रहें। क्योंकि परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं, परन्तु इसलिये ठहराया कि हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार प्राप्त करें। वह हमारे लिये इस कारण मरा, कि हम चाहे जागते हों, चाहे सोते हों: सब मिलकर उसी के साथ जीएं। इस कारण एक दूसरे को शान्ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो।।
- Matthew 24:37 मत्ती 24:37जैसे नूह के दिन थे, वैसा ही मनुष्य के पुत्र का आना भी होगा।
- Matthew 13:49 मत्ती 13:49जगत के अन्त में ऐसा ही होगा: स्वर्गदूत आकर दुष्टों को धर्मियों से अलग करेंगे, और उन्हें आग के कुंड में डालेंगे।
- Daniel 12:6–8 दानिय्येल 12:6–8यह सब सुन, मुझ दानिरयेल ने दृष्टि करके क्या देशा कि और दो पुरूष खड़ें हैं, एक तो नदी के इस तीर पर, और दूसरा नदी के उस तीर पर है। तब जो पुरूष सन का वस्त्रा पहिने हुए नदी के जल के ऊपर था, उस से उन पुरूषों में से एक ने पूछा, इन आश्चर्यकर्मों का अन्त कब तक होगा? तब जो पुरूष सन का वस्त्रा पहिने हुए नदी के जल के ऊपर था, उस ने मेरे सुनते दहिना और बांया अपने दोनों हाथ स्वर्ग की ओर उठाकर, सदा जीवित रहनेवाले की शपथ खाकर कहा, यह दशा साढ़े तीन काल तक ही रहेगी; और जब पवित्रा प्रजा की शक्ति टूटते टूटते समाप्त हो जाएगी, तब ये बातें पूरी होंगी।
- Matthew 13:39–40 मत्ती 13:39–40जिस बैरी ने उन को बोया वह शैतान है; कटनी जगत का अन्त है: और काटनेवाले स्वर्गदूत हैं। सो जैसे जंगली दाने बटोरे जाते और जलाए जाते हैं वैसा ही जगत के अन्त में होगा।
- Luke 21:7 लूका 21:7उन्हों ने उस से पूछा, हे गुरू, यह सब कब होगा? और ये बातें जब पूरी होने पर होंगी, तो उस समय का क्या चिन्ह होगा?
- Matthew 24:32–33 मत्ती 24:32–33अंजीर के पेड़ से यह दृष्टान्त सीखो: जब उस की डाली को मल हो जाती और पत्ते निकलने लगते हैं, तो तुम जान लेते हो, कि ग्रीष्म काल निकट है। इसी रीति से जब तुम इन सब बातों को देखो, तो जान लो, कि वह निकट है, वरन द्वार ही पर है।
- Matthew 21:1 मत्ती 21:1जब वे यरूशलेम के निकट पहुंचे और जैतून पहाड़ पर बैतफगे के पास आए, तो यीशु ने दो चेलों को यह कहकर भेजा।
- Hebrews 9:26 इब्रानियों 9:26नहीं तो जगत की उत्पत्ति से लेकर उस को बार बार दुख उठाना पड़ता; पर अब युग के अन्त में वह एक बार प्रगट हुआ है, ताकि अपने ही बलिदान के द्वारा पाप को दूर कर दे।
- Matthew 28:20 मत्ती 28:20और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूं।।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- as · G2521κάθημαι káthēmai
- he · G846αὐτός autós
- sat · G2521κάθημαι káthēmai
- upon · G1909ἐπί epí
- mount · G3735ὄρος óros
- Olives · G1636ἐλαία elaía
- disciples · G3101μαθητής mathētḗs
- came · G4334προσέρχομαι prosérchomai
- him · G846αὐτός autós
- privately · G2398ἴδιος ídios
- saying · G3004λέγω légō
- Tell · G2036ἔπω épō
- us · G2254ἡμῖν hēmîn
- when · G4219πότε póte
- shall · G2071ἔσομαι ésomai
- things · G5023ταῦτα taûta
- be · G2071ἔσομαι ésomai
- and · G2532καί kaí
- what · G5101τίς tís
- sign · G4592σημεῖον sēmeîon
- of · G3952παρουσία parousía
- thy · G4674σός sós
- coming · G3952παρουσία parousía
- and · G2532καί kaí
- end · G4930συντέλεια syntéleia
- world · G165αἰών aiṓn