Matthew · chapter 21 · verse 1
Matthew 21:1 in Hindi
जब वे यरूशलेम के निकट पहुंचे और जैतून पहाड़ पर बैतफगे के पास आए, तो यीशु ने दो चेलों को यह कहकर भेजा।
Jab ve yarooshalem ke nikat pahunche aur jaitoon pahaad par baitaphage ke paas aae, to yeeshu ne do chelom ko yah kahakar bhejaa.
Matthew 21:1 in English
- King James Version (KJV)
- And when they drew nigh unto Jerusalem, and were come to Bethphage, unto the mount of Olives, then sent Jesus two disciples,
- World English Bible (WEB)
- When they came near to Jerusalem and came to Bethsphage, to the Mount of Olives, then Jesus sent two disciples,
- American Standard Version (ASV)
- And when they drew nigh unto Jerusalem, and came unto Bethphage, unto the mount of Olives, then Jesus sent two disciples,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they were near Jerusalem, and had come to Beth-phage, to the Mountain of Olives, Jesus sent two disciples,
- Darby Translation (DBY)
- And when they drew near to Jerusalem and came to Bethphage, at the mount of Olives, then Jesus sent two disciples,
- Webster's Bible (WBS)
- And when they drew nigh to Jerusalem, and had come to Bethphage, to the mount of Olives, then Jesus sent two disciples,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And when they came nigh to Jerusalem, and came to Bethphage, unto the mount of the Olives, then Jesus sent two disciples,
Read in context
- 1जब वे यरूशलेम के निकट पहुंचे और जैतून पहाड़ पर बैतफगे के पास आए, तो यीशु ने दो चेलों को यह कहकर भेजा।
- 2कि अपने साम्हने के गांव में जाओ, वहां पंहुचते ही एक गदही बन्धी हुई, और उसके साथ बच्चा तुम्हें मिलेगा; उन्हें खोलकर, मेरे पास ले आओ।
- 3यदि तुम में से कोई कुछ कहे, तो कहो, कि प्रभु को इन का प्रयोजन है: तब वह तुरन्त उन्हें भेज देगा।
Cross references
- Mark 11:1–10 मरकुस 11:1–10जब वे यरूशलेम के निकट जैतून पहाड़ पर बैतफगे और बैतनिरयाह के पास आए, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहकर भेजा। कि अपने साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पंहुचते ही एक गदही का बच्चा जिस पर कभी कोई नहीं चढ़ा, बन्धाहुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोल लाओ। यदि तुम से कोई पूछे, यह क्यों करते हो? तो कहना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है; और वह शीघ्र उसे यहां भेज देगा। उन्हों ने जाकर उस बच्चे को बाहर द्वार के पास चौक में बन्धा हुआ पाया, और खोलते लगे। और उन में से जो वहां खड़े थे, कोई कोई कहने लगे कि यह क्या करते हो, गदही के बच्चे को क्यों खेलते हो? उन्हों ने जैसा यीशु ने कहा था, वैसा ही उन से कह दिया; तब उन्हों ने उन्हें जाने दिया। और उन्हों ने बच्चे को यीशु के पास लाकर उस पर अपने कपड़े डाले और वह उस पर बैठ गया। और बहुतों ने अपने कपड़े मार्ग में बिछाए और औरों ने खेतों में से डालियां काट काट कर फैला दीं। और जो उसके आगे आगे जाते और पीछे पीछे चले आते थे, पुकार पुकार कर कहते जाते थे, कि होशाना; धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है। हमारे पिता दाऊद का राज्य जो आ रहा है; धन्य है: आकाश में होशाना।।
- Zechariah 14:4 जकर्याह 14:4और उस समय वह जलपाई के पर्वत पर पांव धरेगा, जो पूरब ओर यरूशलेम के साम्हने है; तब जलपाई का पर्वत पूरब से लेकर पच्छिम तक बीचोबीच से फटकर बहुत बड़ा खड्ड हो जाएगा; तब आधा पर्वत उत्तर की ओर और आधा दक्खिन की ओर हट जाएगा।
- John 8:1 यूहन्ना 8:1परन्तु यीशु जैतून के पहाड़ पर गया।
- Luke 19:28–38 लूका 19:28–38ये बातें कहकर वह यरूशलेम की ओर उन के आगे आगे चला।। और जब वह जैतून नाम पहाड़ पर बैतफगे और बैतनियाह के पास पहुंचा, तो उस ने अपने चेलों में से दो को यह कहके भेजा। कि साम्हने के गांव में जाओ, और उस में पहुंचते ही एक गदही का बच्चा जिस पर कभी कोई सवार नहीं हुआ, बन्धा हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे खोलकर लाओ। और यदि कोई तुम से पूछे, कि क्यों खोलते हो, तो यह कह देना, कि प्रभु को इस का प्रयोजन है। जो भेजे गए थे; उन्हों ने जाकर जैसा उस ने उन से कहा था, वैसा ही पाया। जब वे गदहे के बच्चे को खोल रहे थे, तो उसके मालिकों ने उन से पूछा; इस बच्चे को क्यों खोलते हो? उन्हों ने कहा, प्रभु को इस का प्रयोजन है। वे उस को यीशु के पास ले आए और अपने कपड़े उस बच्चे पर डालकर यीशु को उस पर सवार किया। जब वह जा रहा था, तो वे अपने कपड़े मार्ग में बिछाते जाते थे। और निकट आते हुए जब वह जैतून पहाड़ की ढलान पर पहुंचा, तो चेलों की सारी मण्डली उन सब सामर्थ के कामों के कारण जो उन्हों ने देखे थे, आनन्दित होकर बड़े शब्द से परमेश्वर की स्तुति करने लगी। कि धन्य है वह राजा, जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग में शान्ति और आकाश मण्डल में महिमा हो।
- Luke 21:37 लूका 21:37और वह दिन को मन्दिर में उपदेश करता था; और रात को बाहर जाकर जैतून नाम पहाड़ पर रहा करता था।
- Matthew 24:3 मत्ती 24:3और जब वह जैतून पहाड़ पर बैठा था, तो चेलों ने अलग उसके पास आकर कहा, हम से कह कि ये बातें कब होंगी और तेरे आने का, और जगत के अन्त का क्या चिन्ह होगा?
- Matthew 26:30 मत्ती 26:30फिर वे भजन गाकर जैतून पहाड़ पर गए।।
- Acts 1:12 प्रेरितों के काम 1:12तब वे जैतून नाम के पहाड़ से जो यरूशलेम के निकट एक सब्त के दिन की दूरी पर है, यरूशलेम को लौटे।
- Luke 22:39 लूका 22:39तब वह बाहर निकलकर अपनी रीति के अनुसार जैतून के पहाड़ पर गया, और चेले उसके पीछे हो लिए।
- Mark 14:26 मरकुस 14:26फिर वे भजन गाकर बाहर जैतून के पहाड़ पर गए।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- when · G3753ὅτε hóte
- nigh · G1448ἐγγίζω engízō
- unto · G1519εἰς eis
- Jerusalem · G2414Ἱεροσόλυμα Hierosólyma
- and · G2532καί kaí
- come · G2064ἔρχομαι érchomai
- to · G1519εἰς eis
- Bethphage · G967Βηθφαγή Bēthphagḗ
- unto · G4314πρός prós
- mount · G3735ὄρος óros
- Olives · G1636ἐλαία elaía
- then · G5119τότε tóte
- sent · G649ἀποστέλλω apostéllō
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- two · G1417δύο dýo
- disciples · G3101μαθητής mathētḗs