Matthew · chapter 26 · verse 75
Matthew 26:75 in Hindi
तब पतरस को यीशु की कही हुई बात स्मरण आई की मुर्ग के बांग देने से पहिले तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा और वह बाहर जाकर फूट फूट कर रोने लगा।।
Tab pataras ko yeeshu kee kahee huee baat smaran aaee kee murg ke baang dene se pahile too teen baar meraa inkaar karegaa aur vah baahar jaakar phoot phoot kar rone lagaa..
Matthew 26:75 in English
- King James Version (KJV)
- And Peter remembered the word of Jesus, which said unto him, Before the cock crow, thou shalt deny me thrice. And he went out, and wept bitterly.
- World English Bible (WEB)
- Peter remembered the word which Jesus had said to him, “Before the rooster crows, you will deny me three times.” Then he went out and wept bitterly.
- American Standard Version (ASV)
- And Peter remembered the word which Jesus had said, Before the cock crow, thou shalt deny me thrice. And he went out, and wept bitterly.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the word of Jesus came back to Peter, when he said, Before the hour of the cock's cry, you will say three times that you have no knowledge of me. And he went out, weeping bitterly.
- Darby Translation (DBY)
- And Peter remembered the word of Jesus, who had said [to him], Before [the] cock crow thou shalt deny me thrice. And he went forth without, and wept bitterly.
- Webster's Bible (WBS)
- And Peter remembered the word of Jesus, who said to him, Before the cock shall crow, thou wilt deny me thrice. And he went out, and wept bitterly.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Peter remembered the saying of Jesus, he having said to him — 'Before cock-crowing, thrice thou wilt deny me;' and having gone without, he did weep bitterly.
Read in context
- 73थोड़ी देर के बाद, जो वहां खड़े थे, उन्हों ने पतरस के पास आकर उस से कहा, सचमुच तू भी उन में से एक है; क्योंकि तेरी बोली तेरा भेद खोल देती है।
- 74तब वह धिक्कार देने और शपथ खाने लगा, कि मैं उस मनुष्य को नहीं जानता; और तुरन्त मुर्ग ने बांग दी।
- 75तब पतरस को यीशु की कही हुई बात स्मरण आई की मुर्ग के बांग देने से पहिले तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा और वह बाहर जाकर फूट फूट कर रोने लगा।।
Cross references
- Matthew 26:34 मत्ती 26:34यीशु ने उस से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि आज ही राज को मुर्गे के बांग देने से पहिले, तू तीन बार मुझ से मुकर जाएगा।
- Romans 7:18–20 रोमियों 7:18–20क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात् मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते। क्योंकि जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूं, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता वही किया करता हूं। परन्तु यदि मैं वही करता हूं, जिस की इच्छा नहीं करता, तो उसका करनेवाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है।
- Luke 22:31–34 लूका 22:31–34शमौन, हे शमौन, देख, शैतान ने तुम लोगों को मांग लिया है कि गेंहूं की नाई फटके। परन्तु मैं ने तेरे लिये बिनती की, कि तेरा विश्वास जाता न रहे: और जब तू फिरे, तो अपने भाइयों को स्थिर करना। उस ने उस से कहा; हे प्रभु, मैं तेरे साथ बन्दीगृह जाने, वरन मरने को भी तैयार हूं। उस ने कहा; हे पतरस मैं तुझ से कहता हूं, कि आज मुर्ग बांग देगा जब तक तू तीन बार मेरा इन्कार न कर लेगा कि मैं उसे नहीं जानता।।
- John 13:38 यूहन्ना 13:38यीशु ने उत्तर दिया, क्या तू मेरे लिये अपना प्राण देगा? मैं तुझ से सच सच कहता हूं कि मुर्ग बांग न देगा जब तक तू तीन बार मेरा इन्कार न कर लेगा।
- Luke 22:61–62 लूका 22:61–62तब प्रभु ने घूमकर पतरस की ओर देखा, और पतरस को प्रभु की वह बात याद आई जो उस ने कही थी, कि आज मुर्ग के बांग देने से पहिले, तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा। और वह बाहर निकलकर फूट फूट कर रोने लगा।।
- Galatians 6:1 गलातियों 6:1हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक जो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो।
- Matthew 27:3–5 मत्ती 27:3–5जब उसके पकड़वानेवाले यहूदा ने देखा कि वह दोषी ठहराया गया है तो वह पछताया और वे तीस चान्दी के सिक्के महायाजकों और पुरनियों के पास फेर लाया। और कहा, मैं ने निर्दोषी को घात के लिये पकड़वाकर पाप किया है? उन्हों ने कहा, हमें क्या? तू ही जान। तब वह उन सिक्कों को मन्दिर में फेंककर चला गया, और जाकर अपने आप को फांसी दी।
- 1 Corinthians 4:7 1 कुरिन्थियों 4:7क्योंकि तुझ में और दूसरे में कौन भेद करता है? और तेरे पास क्या है जो तू ने (दूसरे से) नहीं पाया: और जब कि तु ने (दूसरे से) पाया है, तो ऐसा घमण्ड क्यों करता है, कि मानों नही पाया?
- 1 Peter 1:5 1 पतरस 1:5जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- Peter · G4074Πέτρος Pétros
- remembered · G3415μνάομαι mnáomai
- word · G4487ῥῆμα rhēma
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- said · G2046ἐρέω eréō
- him · G846αὐτός autós
- Before · G4250πρίν prín
- cock · G220ἀλέκτωρ aléktōr
- crow · G5455φωνέω phōnéō
- deny · G533ἀπαρνέομαι aparnéomai
- me · G3165μέ mé
- thrice · G5151τρίς trís
- And · G2532καί kaí
- went · G1831ἐξέρχομαι exérchomai
- out · G1854ἔξω éxō
- wept · G2799κλαίω klaíō
- bitterly · G4090πικρῶς pikrōs