Matthew · chapter 28 · verse 12
Matthew 28:12 in Hindi
तब उन्हों ने पुरनियों के साथ इकट्ठे होकर सम्मति की, और सिपाहियों को बहुत चान्दी देकर कहा।
Tab unhom ne puraniyom ke saath ikatthe hokar sammati kee, aur sipaahiyom ko bahut chaandee dekar kahaa.
Matthew 28:12 in English
- King James Version (KJV)
- And when they were assembled with the elders, and had taken counsel, they gave large money unto the soldiers,
- World English Bible (WEB)
- When they were assembled with the elders and had taken counsel, they gave a large amount of silver to the soldiers,
- American Standard Version (ASV)
- And when they were assembled with the elders, and had taken counsel, they gave much money unto the soldiers,
- Bible in Basic English (BBE)
- And when they had come together with those in authority, and had made their decision, they gave much money to the watchmen, saying,
- Darby Translation (DBY)
- And having assembled with the elders, and having taken counsel, they gave a large sum of money to the soldiers,
- Webster's Bible (WBS)
- And when they were assembled with the elders, and had taken counsel, they gave a large sum of money to the soldiers,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having been gathered together with the elders, counsel also having taken, they gave much money to the soldiers,
Read in context
- 10तब यीशु ने उन से कहा, मत डरो; मेरे भाईयों से जाकर कहो, कि गलील को चलें जाएं वहाँ मुझे देखेंगे।।
- 11वे जा ही रही थी, कि देखो, पहरूओं में से कितनों ने नगर में आकर पूरा हाल महायाजकों से कह सुनाया।
- 12तब उन्हों ने पुरनियों के साथ इकट्ठे होकर सम्मति की, और सिपाहियों को बहुत चान्दी देकर कहा।
- 13कि यह कहना, कि रात को जब हम सो रहे थे, तो उसके चेले आकर उसे चुरा ले गए।
- 14और यदि यह बात हाकिम के कान तक पहुंचेगी, तो हम उसे समझा लेंगे और तुम्हें जोखिम से बचा लेंगे।
Cross references
- Matthew 27:1–2 मत्ती 27:1–2जब भोर हुई, तो सब महायाजकों और लोगों के पुरनियों ने यीशु के मार डालने की सम्मति की। और उन्हों ने उसे बान्धा और ले जाकर पीलातुस हाकिम के हाथ में सौंप दिया।।
- Acts 5:40 प्रेरितों के काम 5:40तब उन्हों ने उस की बात मान ली; और प्रेरितों को बुलाकर पिटवाया; और यह आज्ञा देकर छोड़ दिया, कि यीशु के नाम से फिर बातें न करना।
- Matthew 26:3–4 मत्ती 26:3–4तब महायाजक और प्रजा के पुरनिए काइफा नाम महायाजक के आंगन में इकट्ठे हुए। और आपस में विचार करने लगे कि यीशु को छत से पकड़कर मार डालें।
- Matthew 27:62–64 मत्ती 27:62–64दूसरे दिन जो तैयारी के दिन के बाद का दिन था, महायाजकों और फरीसियों ने पीलातुस के पास इकट्ठे होकर कहा। हे महाराज, हमें स्मरण है, कि उस भरमानेवाले ने अपने जीते जी कहा था, कि मैं तीन दिन के बाद जी उठूंगा। सो आज्ञा दे कि तीसरे दिन तक कब्र की रखवाली की जाए, ऐसा न हो कि उसके चेले आकर उसे चुरा ले जाएं, और लोगों से कहनें लगें, कि वह मरे हुओं में से जी उठा है: तब पिछला धोखा पहिले से भी बुरा होगा।
- Acts 4:5–22 प्रेरितों के काम 4:5–22दूसरे दिन ऐसा हुआ कि उन के सरदार और पुरनिये और शास्त्री। और महायाजक हन्ना और कैफा और यूहन्ना और सिकन्दर और जितने महायाजक के घराने के थे, सब यरूशलेम में इकट्ठे हुए। और उन्हें बीच में खड़ा करके पूछने लगे, कि तुम ने यह काम किस सामर्थ से और किस नाम से किया है? तब पतरस ने पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण होकर उन से कहा। हे लोगों के सरदारों और पुरनियों, इस दुर्बल मनुष्य के साथ जो भलाई की गई है, यदि आज हम से उसके विषय में पूछ पाछ की जाती है, कि वह क्योंकर अच्छा हुआ। तो तुम सब और सारे इस्त्राएली लोग जान लें कि यीशु मसीह नासरी के नाम से जिसे तुम ने क्रूस पर चढ़ाया, और परमेश्वर ने मरे हुओं में से जिलाया, यह मनुष्य तुम्हारे साम्हने भला चंगा खड़ा है। यह वही पत्थर है जिसे तुम राजमिस्त्रियों ने तुच्छ जाता और वह कोने के सिरे का पत्थर हो गया। और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें।। जब उन्हों ने पतरस और यूहन्ना का हियाव देखा, ओर यह जाना कि ये अनपढ़ और साधारण मनुष्य हैं, तो अचम्भा किया; फिर उन को पहचाना, कि ये यीशु के साथ रहे हैं। और उस मनुष्य को जो अच्छा हुआ था, उन के साथ खड़े देखकर, वे विरोध में कुछ न कह सके। परन्तु उन्हें सभा के बाहर जाने की आज्ञा देकर, वे आपस में विचार करने लगे, कि हम इन मनुष्यों के साथ क्या करें? क्योंकि यरूशलेम के सब रहनेवालों पर प्रगट है, कि इन के द्वारा एक प्रसिद्ध चिन्ह दिखाया गया है; और हम उसका इन्कार नही कर सकते। परन्तु इसलिये कि यह बात लोगों में और अधिक फैल न जाए, हम उन्हें धमकाएं, कि वे इस नाम से फिर किसी मनुष्य से बातें न करें। तब उन्हें बुलाया और चितौनी देकर यह कहा, कि यीशु के नाम से कुछ भी न बोलना और न सिखलाना। परन्तु पतरस और यूहन्ना ने उन को उत्तर दिया, कि तुम ही न्याय करो, कि क्या यह परमेश्वर के निकट भला है, कि हम परमेश्वर की बात से बढ़कर तुम्हारी बात मानें। क्योंकि यह तो हम में हो नहीं सकता, कि जो हम ने देखा और सुना है, वह न कहें। तब उन्हों ने उन को और धमकाकर छोड़ दिया, क्योंकि लोगों के कारण उन्हें दण्ड देने का कोई दांव नहीं मिला, इसलिये कि जो घटना हुई थी उसके कारण सब लोग परमेश्वर की बड़ाई करते थे। क्योंकि वह मनुष्य, जिस पर यह चंगा करने का चिन्ह दिखाया गया था, चालीस वर्ष से अधिक आयु का था।
- Acts 5:33–34 प्रेरितों के काम 5:33–34यह सुनकर वे जल गए, और उन्हें मार डालना चाहा। परन्तु गमलीएल नाम एक फरीसी ने जो व्यवस्थापक और सब लोगों में माननीय था, न्यायालय में खड़े होकर प्रेरितों को थोड़ी देर के लिये बाहर कर देने की आज्ञा दी।
- Psalm 2:1–7 भजन संहिता 2:1–7जाति जाति के लोग क्यों हुल्लड़ मचाते हैं, और देश देश के लोग व्यर्थ बातें क्यों सोच रहे हैं? यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि आओ, हम उनके बन्धन तोड़ डालें, और उनकी रस्सियों को अपने ऊपर से उतार फेंके।। वह जो स्वर्ग में विराजमान है, हंसेगा, प्रभु उनको ठट्ठों में उड़ाएगा। तब वह उन से क्रोध करके बातें करेगा, और क्रोध में कहकर उन्हें घबरा देगा, कि मैं तो अपने ठहराए हुए राजा को अपने पवित्रा पर्वत सिरयोन की राजगद्दी पर बैठा चुका हूं। मैं उस वचन का प्रचार करूंगा: जो यहोवा ने मुझ से कहा, तू मेरा पुत्रा है, आज तू मुझ से उत्पन्न हुआ।
- John 11:47 यूहन्ना 11:47इस पर महायाजकों और फरीसियों ने मुख्य सभा के लोगों को इकट्ठा करके कहा, हम करते क्या हैं? यह मनुष्य तो बहुत चिन्ह दिखाता है।
- John 12:10–11 यूहन्ना 12:10–11तब महायाजकों ने लाजर को भी मार डालने की सम्मति की। क्योंकि उसके कारण बहुत से यहूदी चले गए, और यीशु पर विश्वास किया।।
Original words (Greek)
- And · G2532καί kaí
- assembled · G4863συνάγω synágō
- with · G3326μετά metá
- elders · G4245πρεσβύτερος presbýteros
- and · G5037τέ té
- taken · G2983λαμβάνω lambánō
- counsel · G4824συμβούλιον symboúlion
- gave · G1325δίδωμι dídōmi
- large · G2425ἱκανός hikanós
- money · G694ἀργύριον argýrion
- soldiers · G4757στρατιώτης stratiṓtēs