Matthew · chapter 5 · verse 3
Matthew 5:3 in Hindi
धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
Dhany haim ve, jo man ke deen haim, kyonki svarg kaa raajy unheem kaa hai.
Matthew 5:3 in English
- King James Version (KJV)
- Blessed [are] the poor in spirit: for theirs is the kingdom of heaven.
- World English Bible (WEB)
- “Blessed are the poor in spirit, for theirs is the Kingdom of Heaven.
- American Standard Version (ASV)
- Blessed are the poor in spirit: for theirs is the kingdom of heaven.
- Bible in Basic English (BBE)
- Happy are the poor in spirit: for the kingdom of heaven is theirs.
- Darby Translation (DBY)
- Blessed [are] the poor in spirit, for theirs is the kingdom of the heavens.
- Webster's Bible (WBS)
- Blessed [are] the poor in spirit: for theirs is the kingdom of heaven.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Happy the poor in spirit — because theirs is the reign of the heavens.
Read in context
- 1वह इस भीड़ को देखकर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठ गया तो उसके चेले उसके पास आए।
- 2और वह अपना मुंह खोलकर उन्हें यह उपदेश देने लगा,
- 3धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
- 4धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे।
- 5धन्य हैं वे, जो नम्र हैं, क्योंकि वे पृथ्वी के अधिकारी होंगे।
Cross references
- Isaiah 66:2 यशायाह 66:2यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएं मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, सो ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूंगा जो दीन और खेदित मन का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो॥
- Proverbs 29:23 नीतिवचन 29:23मनुष्य गर्व के कारण नीचा खाता है, परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है।
- Psalm 34:18 भजन संहिता 34:18यहोवा टूटे मनवालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्वार करता है।।
- Proverbs 16:19 नीतिवचन 16:19घमण्डियों के संग लूट बांट लने से, दीन लोगों के संग नम्र भाव से रहना उत्तम है।
- Luke 18:14 लूका 18:14मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जाकर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।।
- 2 Chronicles 7:14 2 इतिहास 7:14तब यदि मेरी प्रजा के लोग जो मेरे कहलाते हैं, दीन होकर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी होकर अपनी बुरी चाल से फिरें, तो मैं स्वर्ग में से सुनकर उनका पाप क्षमा करूंगा और उनके देश को ज्यों का त्यों कर दूंगा।
- Psalm 51:17 भजन संहिता 51:17टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
- James 2:5 याकूब 2:5हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धर्मी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उस ने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं?
- Luke 6:20–26 लूका 6:20–26तब उस ने अपने चेलों की ओर देखकर कहा; धन्य हो तुम, जो दीन हो, क्योंकि परमेश्वर का राज्य तुम्हारा है। धन्य हो तुम, जो अब भूखे हो; क्योंकि तृप्त किए जाओगे; धन्य हो तुम, जो अब रोते हो, क्योंकि हंसोगे। धन्य हो तुम, जब मनुष्य के पुत्रा के कारण लोग तुम से बैर करेंगे, और तुम्हें निकाल देंगे, और तुम्हारी निन्दा करेंगे, और तुम्हारा नाम बुरा जानकर काट देंगे। उस दिन आनन्दित होकर उछलना, क्योंकि देखो, तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा प्रतिफल है: उन के बाप- दादे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी वैसा ही किया करते थे। परन्तु हाय तुम पर; जो धनवान हो, क्योंकि तुम अपनी शान्ति पा चुके। परन्तु हाय तुम पर; जो अब तृप्त हो, क्योंकि भूखे होगे: हाय, तुम पर; जो अब हंसते हो, क्योंकि शोक करोगे और रोओगे। हाय, तुम पर; जब सब मनुष्य तुम्हें भला कहें, क्योंकि उन के बाप- दादे झूठे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी ऐसा ही किया करते थे।।
- Isaiah 61:1 यशायाह 61:1प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्राता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं;
- 2 Chronicles 34:27 2 इतिहास 34:27कि इसलिये कि तू वे बातें सुनकर दीन हुआ, और परमेश्वर के साम्हने अपना सिर नवाया, और उसकी बातें सुनकर जो उसने इस स्थान और इस के निवासियों के विरूद्ध कहीं, तू ने मेरे साम्हने अपना सिर नवाया, और वस्त्रा फाड़कर मेरे साम्हने रोया है, इस कारण मैं ने तेरी सुनी है; यहोवा की यही बाणी है।