Matthew · chapter 5 · verse 2
Matthew 5:2 in Hindi
और वह अपना मुंह खोलकर उन्हें यह उपदेश देने लगा,
Aur vah apanaa munh kholakar unhem yah upadesh dene lagaa,
Matthew 5:2 in English
- King James Version (KJV)
- And he opened his mouth, and taught them, saying,
- World English Bible (WEB)
- He opened his mouth and taught them, saying,
- American Standard Version (ASV)
- and he opened his mouth and taught them, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- And with these words he gave them teaching, saying,
- Darby Translation (DBY)
- and, having opened his mouth, he taught them, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- And he opened his mouth, and taught them, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- and having opened his mouth, he was teaching them, saying:
Read in context
- 1वह इस भीड़ को देखकर, पहाड़ पर चढ़ गया; और जब बैठ गया तो उसके चेले उसके पास आए।
- 2और वह अपना मुंह खोलकर उन्हें यह उपदेश देने लगा,
- 3धन्य हैं वे, जो मन के दीन हैं, क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है।
- 4धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे।
Cross references
- Acts 8:35 प्रेरितों के काम 8:35तब फिलिप्पुस ने अपना मुंह खोला, और इसी शास्त्रा से आरम्भ करके उसे यीशु का सुसमाचार सुनाया।
- Luke 6:20–26 लूका 6:20–26तब उस ने अपने चेलों की ओर देखकर कहा; धन्य हो तुम, जो दीन हो, क्योंकि परमेश्वर का राज्य तुम्हारा है। धन्य हो तुम, जो अब भूखे हो; क्योंकि तृप्त किए जाओगे; धन्य हो तुम, जो अब रोते हो, क्योंकि हंसोगे। धन्य हो तुम, जब मनुष्य के पुत्रा के कारण लोग तुम से बैर करेंगे, और तुम्हें निकाल देंगे, और तुम्हारी निन्दा करेंगे, और तुम्हारा नाम बुरा जानकर काट देंगे। उस दिन आनन्दित होकर उछलना, क्योंकि देखो, तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा प्रतिफल है: उन के बाप- दादे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी वैसा ही किया करते थे। परन्तु हाय तुम पर; जो धनवान हो, क्योंकि तुम अपनी शान्ति पा चुके। परन्तु हाय तुम पर; जो अब तृप्त हो, क्योंकि भूखे होगे: हाय, तुम पर; जो अब हंसते हो, क्योंकि शोक करोगे और रोओगे। हाय, तुम पर; जब सब मनुष्य तुम्हें भला कहें, क्योंकि उन के बाप- दादे झूठे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी ऐसा ही किया करते थे।।
- Acts 10:34 प्रेरितों के काम 10:34तब पतरस ने मुंह खोलकर कहा;
- Matthew 13:35 मत्ती 13:35कि जो वचन भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो कि मैं दृष्टान्त कहने को अपना मुंह खोलूंगा: मैं उन बातों को जो जगत की उत्पत्ति से गुप्त रही हैं प्रगट करूंगा।।
- Ephesians 6:19 इफिसियों 6:19और मेरे लिये भी, कि मुझे बोलने के समय ऐसा प्रबल वचन दिया जाए, कि मैं हियाव से सुसमाचार का भेद बता सकूं जिस के लिये मैं जंजीर से जकड़ा हुआ राजदूत हूं।
- Acts 18:14 प्रेरितों के काम 18:14जब पौलुस बोलने पर था, तो गल्लियो ने यहूदियों से कहा; हे यहूदियो, यदि यह कुछ अन्याय या दुष्टता की बात होती तो उचित था कि मैं तुम्हारी सुनता।
- Proverbs 31:8–9 नीतिवचन 31:8–9गूंगे के लिये अपना मुंह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर। अपना मुंह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर।
- Proverbs 8:6 नीतिवचन 8:6सुनो, क्योंकि मैं उत्तम बातें कहूंगी, और जब मुंह खोलूंगी, तब उस से सीधी बातें निकलेंगी;
- Psalm 78:1–2 भजन संहिता 78:1–2हे मेरे लागो, मेरी शिक्षा सुनो; मेरे वचनों की ओर कान लगाओ! मैं अपना मूंह नीतिवचन कहने के लिये खोलूंगा; मैं प्राचीकाल की गुप्त बातें कहूंगा,