Matthew · chapter 7 · verse 8
Matthew 7:8 in Hindi
तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्रा उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे?
Tum mem se aisaa kaun manushy hai, ki yadi usakaa putraa us se rotee maange, to vah use patthar de?
Matthew 7:8 in English
- King James Version (KJV)
- For every one that asketh receiveth; and he that seeketh findeth; and to him that knocketh it shall be opened.
- World English Bible (WEB)
- For everyone who asks receives. He who seeks finds. To him who knocks it will be opened.
- American Standard Version (ASV)
- for every one that asketh receiveth; and he that seeketh findeth; and to him that knocketh it shall be opened.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because to everyone who makes a request, it will be given; and he who is searching will get his desire, and to him who gives the sign, the door will be open.
- Darby Translation (DBY)
- For every one that asks receives; and he that seeks finds; and to him that knocks it shall be opened.
- Webster's Bible (WBS)
- For every one that asketh, receiveth; and he that seeketh, findeth; and to him that knocketh, the door shall be opened.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for every one who is asking doth receive, and he who is seeking doth find, and to him who is knocking it shall be opened.
Read in context
- 6मोंगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।
- 7क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है? और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा।
- 8तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्रा उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे?
- 9वा मछली मांगे, तो उसे सांप दे?
- 10सो जब तुम बुरे होकर, अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगनेवालों को अच्छी वस्तुएं क्यों न देगा?
Cross references
- Psalm 81:10 भजन संहिता 81:10तेरा परमेश्वर यहोवा मैं हूं, जो तुझे मिस्त्र देश से निकाल लाया है। तू अपना मुंह पसार, मैं उसे भर दूंगा।।
- Psalm 81:16 भजन संहिता 81:16और वह उनको उत्तम से उत्तम गेहूं खिलाता, और मैं चट्टान में के मधु से उनको तृप्त करूं।।
- Luke 23:42–43 लूका 23:42–43तब उस ने कहा; हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मेरी सुधि लेना। उस ने उस से कहा, मैं तुझ से सच कहता हूं; कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।।
- Matthew 15:22–28 मत्ती 15:22–28और देखो, उस देश से एक कनानी स्त्री निकली, और चिल्लाकर कहने लगी; हे प्रभु दाऊद के सन्तान, मुझ पर दया कर, मेरी बेटी को दुष्टात्मा बहुत सता रहा है। पर उस ने उसे कुछ उत्तर न दिया, और उसके चेलों ने आकर उस से बिनती कर कहा; इसे विदा कर; क्योंकि वह हमारे पीछे चिल्लाती आती है। उस ने उत्तर दिया, कि इस्राएल के घराने की खोई हुई भेड़ों को छोड़ मैं किसी के पास नहीं भेजा गया। पर वह आई, और उसे प्रणाम करके कहने लगी; हे प्रभु, मेरी सहायता कर। उस ने उत्तर दिया, कि लड़कों की रोटी लेकर कुत्तों के आगे डालना अच्छा नहीं। उस ने कहा, सत्य है प्रभु; पर कुत्ते भी वह चूरचार खाते हैं, जो उन के स्वामियों की मेज से गिरते हैं। इस पर यीशु ने उस को उत्तर देकर कहा, कि हे स्त्री, तेरा विश्वास बड़ा है: जैसा तू चाहती है, तेरे लिये वैसा ही हो; और उस की बेटी उसी घड़ी चंगी हो गई।।
- Acts 9:11 प्रेरितों के काम 9:11तब प्रभु ने उस से कहा, उठकर उस गली में जा जो सीधी कहलाती है, और यहूदा के घर में शाऊल नाम एक तारसी को पूछ ले; क्योंकि देख, वह प्रार्थना कर रहा है।
- 2 Chronicles 33:19 2 इतिहास 33:19और उसकी प्रार्थना और वह कैसे सुनी गई, और उसका सारा पाप और विश्वासघात और उस ने दीन होने से पहिले कहां कहां ऊंचे स्थान बनवाए, और अशेरा नाम और खुदी हुई मूर्त्तियां खड़ी कराई, यह सब होशे के वचनों में जिखा है।
- John 3:8–10 यूहन्ना 3:8–10हवा जिधर चाहती है उधर चलती है, और तू उसका शब्द सुनता है, परन्तु नहीं जानता, कि वह कहां से आती और किधर को जाती है? जो कोई आत्मा से जन्मा है वह ऐसा ही है। नीकुदेमुस ने उस को उत्तर दिया; कि ये बातें क्योंकर हो सकती हैं? यह सुनकर यीशु ने उस से कहा; तू इस्त्राएलियों का गुरू हो कर भी क्या इन बातों को नहीं समझता।