Nehemiah · chapter 9 · verse 15
Nehemiah 9:15 in Hindi
और उनकी भूख मिटाने को आकाश से उन्हें भोजन दिया और उनकी प्यास बुझाने को चट्टान में से उनके लिये पानी निकाला, और उन्हें आज्ञा दी कि जिस देश को तुम्हें देने की मैं ने शपथ खाई है उसके अधिकारी होने को तुम उस में जाओ।
Aur unakee bhookh mitaane ko aakaash se unhem bhojan diyaa aur unakee pyaas bujhaane ko chattaan mem se unake liye paanee nikaalaa, aur unhem aajnyaa dee ki jis desh ko tumhem dene kee maim ne shapath khaaee hai usake adhikaaree hone ko tum us mem jaao.
Nehemiah 9:15 in English
- King James Version (KJV)
- And gavest them bread from heaven for their hunger, and broughtest forth water for them out of the rock for their thirst, and promisedst them that they should go in to possess the land which thou hadst sworn to give them.
- World English Bible (WEB)
- and gave them bread from the sky for their hunger, and brought water out of the rock for them for their thirst, and commanded them that they should go in to possess the land which you had sworn to give them.
- American Standard Version (ASV)
- and gavest them bread from heaven for their hunger, and broughtest forth water for them out of the rock for their thirst, and commandedst them that they should go in to possess the land which thou hadst sworn to give them.
- Bible in Basic English (BBE)
- And you gave them bread from heaven when they were in need, and made water come out of the rock for their drink, and gave them orders to go in and take for their heritage the land which your hand had been lifted up to give them.
- Darby Translation (DBY)
- And thou gavest them bread from the heavens for their hunger, and broughtest forth water for them out of the rock for their thirst, and didst say to them that they should go in to possess the land which thou hadst sworn to give them.
- Webster's Bible (WBS)
- And gavest them bread from heaven for their hunger, and broughtest forth water for them out of the rock for their thirst, and promisedst them that they should go in to possess the land which thou hadst sworn to give them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and bread from the heavens Thou hast given to them for their hunger, and water from a rock hast brought out to them for their thirst, and dost say to them to go in to possess the land that Thou hast lifted up Thy hand to give to them.
Read in context
- 13फिर तू ने सीनै पर्वत पर उतरकर आकाश में से उनके साथ बातें की, और उनको सीधे नियम, सच्ची व्यवस्था, और अच्छी विधियां, और आज्ञाएं दीं।
- 14और उन्हें अपने पवित्रा विश्राम दिन का ज्ञान दिया, और अपने दास मूसा के द्वारा आज्ञाएं और विधियां और व्यवस्था दीं।
- 15और उनकी भूख मिटाने को आकाश से उन्हें भोजन दिया और उनकी प्यास बुझाने को चट्टान में से उनके लिये पानी निकाला, और उन्हें आज्ञा दी कि जिस देश को तुम्हें देने की मैं ने शपथ खाई है उसके अधिकारी होने को तुम उस में जाओ।
- 16परन्तु उन्हों ने और हमारे पुरखाओं ने अभिमान किया, और हठीले बने और तेरी आज्ञाएं न मानी;
- 17और आज्ञा मनने से इनकार किया, और जो आश्चर्यकर्म तू ने उनके बीच किए थे, उनका स्मरण न किया, वरन हठ करके यहां तक बलवा करनेवाले बने, कि एक प्रधान ठहराया, कि अपने दासत्व की दशा में लौटे। परन्तु तू क्षमा करनेवाला अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से कोप करनेवाला, और अतिकरूणामय ईश्वर है, तू ने उनको न त्यागा।
Cross references
- 1 Corinthians 10:3–4 1 कुरिन्थियों 10:3–4और सब ने एक ही आत्मिक भोजन किया। और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चटान से पीते थे, जो उन के साथ- साथ चलती थी; और वह चटान मसीह था।
- Deuteronomy 1:8 व्यवस्थाविवरण 1:8सुनो, मैं उस देश को तुम्हारे साम्हने किऐ देता हॅू; जिस देश के विषय यहोवा ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब, तुम्हारे पितरों से शपथ खाकर कहा था, कि मैं इसे तुम को और तुम्हारे बाद तुम्हारे वंश को दूंगा, उसको अब जाकर अपने अधिकार में कर लो।
- Exodus 17:6 निर्गमन 17:6देख मैं तेरे आगे चलकर होरेब पहाड़ की एक चट्टान पर खड़ा रहूंगा; और तू उस चट्टान पर मारना, तब उस में से पानी निकलेगा जिससे ये लोग पीएं। तब मूसा ने इस्राएल के वृद्ध लोगों के देखते वैसा ही किया।
- Exodus 16:4 निर्गमन 16:4तब यहोवा ने मूसा से कहा, देखो, मैं तुम लोगों के लिये आकाश से भोजन वस्तु बरसाऊंगा; और ये लोग प्रतिदिन बाहर जाकर प्रतिदिन का भोजन इकट्ठा करेंगे, इस से मैं उनकी परीक्षा करूंगा, कि ये मेरी व्यवस्था पर चलेंगे कि नहीं।
- Exodus 16:14–15 निर्गमन 16:14–15और जब ओस सूख गई तो वे क्या देखते हैं, कि जंगल की भूमि पर छोटे छोटे छिलके छोटाई में पाले के किनकों के समान पड़े हैं। यह देखकर इस्राएली, जो न जानते थे कि यह क्या वस्तु है, सो आपस में कहने लगे यह तो मन्ना है। तब मूसा ने उन से कहा, यह तो वही भोजन वस्तु है जिसे यहोवा तुम्हें खाने के लिये देता है।
- Psalm 105:40–41 भजन संहिता 105:40–41उन्हों ने मांगा तब उस ने बटेरें पहुंचाई, और उनको स्वर्गीय भोजन से तृप्त किया। उस ने चट्टान फाड़ी तब पानी बह निकला; और निर्जल भूमि पर नदी बहने लगी।
- John 6:31–35 यूहन्ना 6:31–35हमारे बापदादों ने जंगल में मन्ना खाया; जैसा लिखा है; कि उस ने उन्हें खाने के लिये स्वर्ग से रोटी दी। यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है। क्योकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है। तब उन्हों ने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर। यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी पियासा न होगा।
- Psalm 78:24–25 भजन संहिता 78:24–25और उनके लिये खाने को मान बरसाया, और उन्हे स्वर्ग का अन्न दिया। उनको शूरवीरों की सी रोटी मिली; उस ने उनको मनमाना भोजन दिया।
- Ezekiel 20:15 यहेजकेल 20:15फिर मैं ने जंगल में उन से शपथ खाई कि जो देश मैं ने उनको दे दिया, और जो सब देशों का शिरोमणि है, जिस में दूध और मधु की धराएं बहती हैं, उस में उन्हें न पहुंचाऊंगा,
- Psalm 114:8 भजन संहिता 114:8वह चट्टान को जल का ताल, चकमक के पत्थर को जल का सोता बना डालता है।।
- Deuteronomy 8:3 व्यवस्थाविवरण 8:3उस ने तुझ को नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा ही जानते थे, वही तुझ को खिलाया; इसलिये कि वह तुझ को सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो जो वचन यहोवा के मुंह से निकलते हैं उन ही से वह जीवित रहता है।
- Nehemiah 9:20 नहेमायाह 9:20वरन तू ने उन्हें समझाने के लिये अपने आत्मा को जो भला है दिया, और अपना मान्ना उन्हें खिलाना न छोड़ा, और उनकी प्यास बुझाने को पानी देता रहा।
Original words (Hebrew)
- gavest · H5414נָתַן nâthan
- bread · H3899לֶחֶם lechem
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- hunger · H7458רָעָב râʻâb
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- water · H4325מַיִם mayim
- rock · H5553סֶלַע çelaʻ
- thirst · H6772צָמָא tsâmâʼ
- promisedst · H559אָמַר ʼâmar
- in · H935בּוֹא bôwʼ
- possess · H3423יָרַשׁ yârash
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- sworn · H3027יָד yâd
- give · H5414נָתַן nâthan