Nehemiah · chapter 9 · verse 13
Nehemiah 9:13 in Hindi
फिर तू ने सीनै पर्वत पर उतरकर आकाश में से उनके साथ बातें की, और उनको सीधे नियम, सच्ची व्यवस्था, और अच्छी विधियां, और आज्ञाएं दीं।
Phir too ne seenai parvat par utarakar aakaash mem se unake saath baatem kee, aur unako seedhe niyam, sachchee vyavasthaa, aur achchhee vidhiyaam, aur aajnyaaem deen.
Nehemiah 9:13 in English
- King James Version (KJV)
- Thou camest down also upon mount Sinai, and spakest with them from heaven, and gavest them right judgments, and true laws, good statutes and commandments:
- World English Bible (WEB)
- “You also came down on Mount Sinai, and spoke with them from heaven, and gave them right ordinances and true laws, good statutes and commandments,
- American Standard Version (ASV)
- Thou camest down also upon mount Sinai, and spakest with them from heaven, and gavest them right ordinances and true laws, good statutes and commandments,
- Bible in Basic English (BBE)
- And you came down on Mount Sinai, and your voice came to them from heaven, giving them right decisions and true laws, good rules and orders:
- Darby Translation (DBY)
- And thou camest down on mount Sinai, and didst speak with them from the heavens, and gavest them right judgments and true laws, good statutes and commandments.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou camest down also upon mount Sinai, and spokest with them from heaven, and gavest them right judgments, and true laws, good statutes and commandments:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And on mount Sinai Thou hast come down, even to speak with them from the heavens, and Thou dost give to them right judgments, and true laws, good statutes and commands.
Read in context
- 11और तू ने उनके आगे समुद्र को ऐसा दो भाग किया, कि वे समुद्र के बीच स्थल ही स्थल चलकर पार हो गए; और जो उनके पीछे पड़े थे, उनको तू ने गहिरे स्थानों में ऐसा डाल दिया, जैसा पत्थ्र महाजलराशि में डाला जाए।
- 12फिर तू ने दिन को बादल के खम्भे में होकर और रात को आग के खम्भे में होकर उनकी अगुआई की, कि जिस मार्ग पर उन्हें चलना था, उस में उनको उजियाला मिले।
- 13फिर तू ने सीनै पर्वत पर उतरकर आकाश में से उनके साथ बातें की, और उनको सीधे नियम, सच्ची व्यवस्था, और अच्छी विधियां, और आज्ञाएं दीं।
- 14और उन्हें अपने पवित्रा विश्राम दिन का ज्ञान दिया, और अपने दास मूसा के द्वारा आज्ञाएं और विधियां और व्यवस्था दीं।
- 15और उनकी भूख मिटाने को आकाश से उन्हें भोजन दिया और उनकी प्यास बुझाने को चट्टान में से उनके लिये पानी निकाला, और उन्हें आज्ञा दी कि जिस देश को तुम्हें देने की मैं ने शपथ खाई है उसके अधिकारी होने को तुम उस में जाओ।
Cross references
- Exodus 20:1 निर्गमन 20:1तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे,
- Psalm 119:160 भजन संहिता 119:160तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक एक धर्ममय नियम सदा काल तक अटल है।।
- Psalm 119:127–128 भजन संहिता 119:127–128इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं को सोने से वरन कुन्दन से भी अधिक प्रिय मानता हूं। इसी कारण मैं तेरे सब उपदेशों को सब विषयों में ठीक जानता हूं; और सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं।।
- Exodus 19:11 निर्गमन 19:11और वे तीसरे दिन तक तैयार हो रहें; क्योंकि तीसरे दिन यहोवा सब लोगों के देखते सीनै पर्वत पर उतर आएगा।
- Romans 7:12–14 रोमियों 7:12–14इसलिये व्यवस्था पवित्रा है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है। तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करनेवाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे। क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शरीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं।
- Psalm 19:7–11 भजन संहिता 19:7–11यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; यहोवा का भय पवित्रा है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकनेवाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।
- Ezekiel 20:11–13 यहेजकेल 20:11–13वहां उनको मैं ने अपनी विधियां बताई और अपने नियम भी बताए कि जो मतुष्य उनको माने, वह उनके कारण जीवित रहेगा। फिर मैं ने उनके लिये अपने विश्रामदिन ठहराए जो मेरे और उनके बीच चिन्ह ठहरें; कि वे जानें कि मैं यहोवा उनका पवित्रा करनेवाला हूँ। तौभी इस्राएल के घराने ने जंगल में मुझ से बलवा किया; वे मेरी विधियों पर न चले, और मेरे नियमों को तुच्छ जाना, जिन्हें यदि मनुष्य माने तो वह उनके कारण जीवित रहेगा; और उन्हों ने मेरे विश्रामदिनों को अति अपवित्रा किया। तब मैं ने कहा, मैं जंगल में इन पर अपनी जलजलाहट भड़काकर इनका अन्त कर डालूंगा।
- Deuteronomy 5:22–26 व्यवस्थाविवरण 5:22–26यही वचन यहोवा ने उस पर्वत पर आग, और बादल, और घोर अन्धकार के बीच में से तुम्हारी सारी मण्डली से पुकारकर कहा; और इस से अधिक और कुछ न कहा। और उन्हें उस ने पत्थर की दो पटियाओं पर लिखकर मुझे दे दिया। जब पर्वत आग से दहक रहा था, और तुम ने उस शब्द को अन्धियारे के बीच में से आते सुना, तब तुम और तुम्हारे गोत्रों के सब मुख्य मुख्य पुरूष और तुम्हारे पुरनिए मेरे पास आए; और तुम कहने लगे, कि हमारे परमेश्वर यहोवा ने हम को अपना तेज और महीमा दिखाई है, और हम ने उसका शब्द आग के बीच में से आते हुए सुना; आज हम ने देख लिया कि यद्यपि परमेश्वर मनुष्य से बातें करता है तौभी मनुष्य जीवित रहता है। अब हम क्यों मर जाएं? क्योंकि ऐसी बड़ी आग से हम भस्म हो जाएंगे; और यदि हम अपने परमेश्वर यहोवा का शब्द फिर सुनें, तब तो मर ही जाएंगे। क्योंकि सारे प्राणियों में से कौन ऐसा है जो हमारी नाई जीवित और अग्नि के बीच में से बोलते हुए परमेश्वर का शब्द सुनकर जीवित बचा रहे?
- Psalm 119:137 भजन संहिता 119:137हे यहोवा तू धर्मी है, और तेरे नियम सीधे हैं।
- Deuteronomy 5:4 व्यवस्थाविवरण 5:4यहोवा ने उस पर्वत पर आग के बीच में से तुम लोगों से आम्हने साम्हने बातें की;
- Exodus 19:16–20 निर्गमन 19:16–20जब तीसरा दिन आया तब भोर होते बादल गरजने और बिजली चमकने लगी, और पर्वत पर काली घटा छा गई, फिर नरसिंगे का शब्द बड़ा भरी हुआ, और छावनी में जितने लोग थे सब कांप उठे। तब मूसा लोगों को परमेश्वर से भेंट करने के लिये छावनी से निकाल ले गया; और वे पर्वत के नीचे खड़े हुए। और यहोवा जो आग में होकर सीनै पर्वत पर उतरा था, इस कारण समस्त पर्वत धुएं से भर गया; और उसका धुआं भट्टे का सा उठ रहा था, और समस्त पर्वत बहुत कांप रहा था फिर जब नरसिंगे का शब्द बढ़ता और बहुत भारी होता गया, तब मूसा बोला, और परमेश्वर ने वाणी सुनाकर उसको उत्तर दिया। और यहोवा सीनै पर्वत की चोटी पर उतरा; और मूसा को पर्वत की चोटी पर बुलाया और मूसा ऊपर चढ़ गया।
- Isaiah 64:1 यशायाह 64:1भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे साम्हने कांप उठे।
Original words (Hebrew)
- down · H3381יָרַד yârad
- mount · H2022הַר har
- Sinai · H5514סִינַי Çîynay
- spakest · H1696דָבַר dâbar
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- gavest · H5414נָתַן nâthan
- right · H3477יָשָׁר yâshâr
- judgments · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- true · H571אֶמֶת ʼemeth
- laws · H8451תּוֹרָה tôwrâh
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- statutes · H2706חֹק chôq
- commandments · H4687מִצְוָה mitsvâh