Numbers · chapter 11 · verse 10
Numbers 11:10 in Hindi
और मूसा ने सब घरानों के आदमियों को अपने अपने डेरे के द्वार पर रोते सुना; और यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का, और मूसा को भी बुरा मालूम हुआ।
Aur moosaa ne sab gharaanom ke aadamiyom ko apane apane dere ke dvaar par rote sunaa; aur yahovaa kaa kop atyant bhadakaa, aur moosaa ko bhee buraa maaloom huaa.
Numbers 11:10 in English
- King James Version (KJV)
- Then Moses heard the people weep throughout their families, every man in the door of his tent: and the anger of the LORD was kindled greatly; Moses also was displeased.
- World English Bible (WEB)
- Moses heard the people weeping throughout their families, every man at the door of his tent; and the LORD’s anger burned greatly; and Moses was displeased.
- American Standard Version (ASV)
- And Moses heard the people weeping throughout their families, every man at the door of his tent: and the anger of Jehovah was kindled greatly; and Moses was displeased.
- Bible in Basic English (BBE)
- And at the sound of the people weeping, every man at his tent-door, the wrath of the Lord was great, and Moses was very angry.
- Darby Translation (DBY)
- And Moses heard the people weep throughout their families, every one at the entrance of his tent; and the anger of Jehovah was kindled greatly; it was also evil in the eyes of Moses.
- Webster's Bible (WBS)
- Then Moses heard the people weeping throughout their families, every man in the door of his tent: and the anger of the LORD was kindled greatly: Moses also was displeased.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Moses heareth the people weeping by its families, each at the opening of his tent, and the anger of Jehovah burneth exceedingly, and in the eyes of Moses [it is] evil.
Read in context
- 8लोग इधर उधर जाकर उसे बटोरते, और चक्की में पीसते वा ओखली में कूटते थे, फिर तसले में पकाते, और उसके फुलके बनाते थे; और उसका स्वाद तेल में बने हुए पुए का सा था।
- 9और रात को छावनी में ओस पड़ती थी तब उसके साथ मन्ना भी गिरता था।
- 10और मूसा ने सब घरानों के आदमियों को अपने अपने डेरे के द्वार पर रोते सुना; और यहोवा का कोप अत्यन्त भड़का, और मूसा को भी बुरा मालूम हुआ।
- 11तब मूसा ने यहोवा से कहा, तू अपने दास से यह बुरा व्यवहार क्यों करता है? और क्या कारण है कि मैं ने तेरी दृष्टि में अनुग्रह नहीं पाया, कि तू ने इन सब लोगों का भार मुझ पर डाला है?
- 12क्या ये सब लोग मेरे ही कोख में पड़े थे? क्या मैं ही ने उनको उत्पन्न किया, जो तू मुझ से कहता है, कि जैसे पिता दूध पीते बालक को अपनी गोद में उठाए उठाए फिरता है, वैसे ही मैं इन लोगों को अपनी गोद में उठाकर उस देश में ले जाऊं, जिसके देने की शपथ तू ने उनके पूर्वजों से खाई है?
Cross references
- Psalm 78:21 भजन संहिता 78:21यहोवा सुनकर क्रोध से भर गया, तब याकूब के बीच आग लगी, और इस्त्राएल के विरूद्ध क्रोध भड़का;
- Numbers 16:27 गिनती 16:27यह सुन वे कोरह, दातान, और अबीराम के तम्बुओं के आसपास से हट गए; परन्तु दातान और अबीराम निकलकर अपनी पत्नियों, बेंटों, और बालबच्चों समेत अपने अपने डेरे के द्वार पर खड़े हुए।
- Numbers 11:1 गिनती 11:1फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी।
- Psalm 78:59 भजन संहिता 78:59परमेश्वर सुनकर रोष से भर गया, और उस ने इस्त्राएल को बिलकुल तज दिया।
- Psalm 106:32–33 भजन संहिता 106:32–33उन्हों ने मरीबा के सोते के पास भी यहोवा का क्रोध भड़काया, और उनके कारण मूसा की हानि हुई; क्योंकि उन्हों ने उसकी आत्मा से बलवा किया, तब मूसा बिन सोचे बोल उठा।
- Psalm 106:25 भजन संहिता 106:25वे अपने तम्बुओं में कुड़कुड़ाए, और यहोवा का कहा न माना।
- Numbers 12:3 गिनती 12:3मूसा तो पृथ्वी भर के रहने वाले मनुष्यों से बहुत अधिक नम्र स्वभाव का था।
- Jeremiah 17:4 यिर्मयाह 17:4तू अपने ही दोष के कारण अपने उस भाग का अधिकारी न रहने पाएगा जो मैं ने तुझे दिया है, और मैं ऐसा करूंगा कि तू अनजाने देश में अपने शत्रुओं की सेवा करेगा, क्योंकि तू ने मेरे क्रोध की आग ऐसी भड़काई जो सर्वदा जलती रहेगी।
- Deuteronomy 32:22 व्यवस्थाविवरण 32:22क्योंकि मेरे कोप की आग भड़क उठी है, जो पाताल की तह तक जलती जाएगी, और पृथ्वी अपनी उपज समेत भस्म हो जाएगी, और पहाड़ों की नेवों में भी आग लगा देगी।।
- Psalm 139:21 भजन संहिता 139:21हे यहोवा, क्या मैं तेरे बैरियों से बैर न रखूं, और तेरे विरोधियों से रूठ न जाऊं?
- Mark 10:14 मरकुस 10:14यीशु ने यह देख क्रुध होकर उन से कहा, बालकों को मेरे पास आने दो और उन्हें मना न करो, क्योंकि परमेश्वर का राज्य ऐसों ही का है।
- Isaiah 5:25 यशायाह 5:25इस कारण यहोवा का क्रोध अपनी प्रजा पर भड़का है, और उस ने उनके विरूद्ध हाथ बढ़ाकर उनको मारा है, और पहाड़ कांप उठे; और लोगों की लोथें सड़कों के बीच कूड़ा सी पड़ी हैं। इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
Original words (Hebrew)
- Moses · H4872מֹשֶׁה Môsheh
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- people · H5971עַם ʻam
- weep · H1058בָּכָה bâkâh
- families · H4940מִשְׁפָּחָה mishpâchâh
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- door · H6607פֶּתַח pethach
- tent · H168אֹהֶל ʼôhel
- anger · H639אַף ʼaph
- kindled · H2734חָרָה chârâh
- greatly · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- Moses · H4872מֹשֶׁה Môsheh
- displeased · H7489רָעַע râʻaʻ