Psalms · chapter 106 · verse 25
Psalm 106:25 in Hindi
वे अपने तम्बुओं में कुड़कुड़ाए, और यहोवा का कहा न माना।
Ve apane tambuom mem kudakudaae, aur yahovaa kaa kahaa na maanaa.
Psalm 106:25 in English
- King James Version (KJV)
- But murmured in their tents, [and] hearkened not unto the voice of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- but murmured in their tents, and didn’t listen to the LORD’s voice.
- American Standard Version (ASV)
- But murmured in their tents, And hearkened not unto the voice of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Talking against him secretly in their tents, they did not give ear to the voice of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- But murmured in their tents: they hearkened not unto the voice of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- But murmured in their tents, [and] hearkened not to the voice of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they murmur in their tents, They have not hearkened to the voice of Jehovah.
Read in context
- 23इसलिये उस ने कहा, कि मैं इन्हें सत्यानाश कर डालता यदि मेरा चुना हुआ मूसा जोखिम के स्थान में उनके लिये खड़ा न होता ताकि मेरी जलजलाहट को ठण्डा करे कहीं ऐसा न हो कि मैं उन्हें नाश कर डालूं।।
- 24उन्हों ने मनभावने देश को निकम्मा जाना, और उसके वचन की प्रतीति न की।
- 25वे अपने तम्बुओं में कुड़कुड़ाए, और यहोवा का कहा न माना।
- 26तब उस ने उनके विषय में शपथ खाई कि मैं इनको जंगल में नाश करूंगा,
- 27और इनके वंश को अन्यजातियों के सम्मुख गिरा दूंगा, और देश देश में तितर बितर करूंगा।।
Cross references
- Deuteronomy 1:26–27 व्यवस्थाविवरण 1:26–27तौभी तुम ने वहाँ जाने से नाह किया, किन्तु अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के विरूद्ध होकर अपने अपने डेरे में यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, कि यहोवा हम से बैर रखता है, इस कारण हम को मि देश से निकाल ले आया है, कि हम को एमोरियों के वश में करके सत्यनाश कर डाले।
- Numbers 14:22 गिनती 14:22उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,
- Hebrews 3:7–8 इब्रानियों 3:7–8सो जैसा पवित्रा आत्मा कहता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो। तो अपने मन को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय और परीक्षा के दिन जंगल में किया था।
- Psalm 95:7–9 भजन संहिता 95:7–9क्योंकि वही हमारा परमेश्वर है, और हम उसकी चराई की प्रजा, और उसके हाथ की भेड़ें हैं।। भला होता, कि आज तुम उसकी बात सुनते! अपना अपना हृदय ऐसा कठोर मत करो, जैसा मरीबा में, वा मस्सा के दिन जंगल में हुआ था, जब तुम्हारे पुरखाओं ने मुझे परखा, उन्हों ने मुझ को जांचा और मेरे काम को भी देखा।
- Hebrews 3:15 इब्रानियों 3:15जैसा कहा जाता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो, तो अपने मनों को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय किया था।
- Numbers 14:1–4 गिनती 14:1–4तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे। और सब इस्त्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उस ने कहने लगी, कि भला होता कि हम मि ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते! और यहोवा हम को उस देश में ले जाकर क्यों तलवार से मरवाना चाहता है? हमारी स्त्रियां और बालबच्चे तो लूट में चलें जाएंगे; क्या हमारे लिये अच्छा नहीं कि हम मि देश को लौट जाएं? फिर वे आपस में कहने लगे, आओ, हम किसी को अपना प्रधान बना लें, और मि को लौट चलें।
- Numbers 14:27–29 गिनती 14:27–29यह बुरी मण्डली मुझ पर बुड़बुड़ाती रहती है, उसको मैं कब तक सहता रहूं? इस्त्राएली जो मुझ पर बुड़बुड़ाते रहते हैं, उनका यह बुड़बुड़ाना मैं ने तो सुना है। सो उन से कह, कि यहोवा की यह वाणी है, कि मेरे जीवन की शपथ जो बातें तुम ने मेरे सुनते कही हैं, नि:सन्देह मैं उसी के अनुसार तुम्हारे साथ व्यवहार करूंगा। तुम्हारी लोथें इसी जंगल में पड़ी रहेंगी; और तुम सब में से बीस वर्ष की वा उस से अधिक अवस्था के जितने गिने गए थे, और मुझ पर बुड़बुड़ाते थे,