Numbers · chapter 12 · verse 2
Numbers 12:2 in Hindi
उन्हों ने कहा, क्या यहोवा ने केवल मूसा ही के साथ बातें की हैं? क्या उस ने हम से भी बातें नहीं कीं? उनकी यह बात यहोवा ने सुनी।
Unhom ne kahaa, kyaa yahovaa ne keval moosaa hee ke saath baatem kee haim? Kyaa us ne ham se bhee baatem naheem keem? Unakee yah baat yahovaa ne sunee.
Numbers 12:2 in English
- King James Version (KJV)
- And they said, Hath the LORD indeed spoken only by Moses? hath he not spoken also by us? And the LORD heard [it].
- World English Bible (WEB)
- They said, “Has the LORD indeed spoken only with Moses? Hasn’t he spoken also with us?” And the LORD heard it.
- American Standard Version (ASV)
- And they said, Hath Jehovah indeed spoken only with Moses? hath he not spoken also with us? And Jehovah heard it.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they said, Have the words of the Lord been given to Moses only? have they not come to us? And the Lord took note of it.
- Darby Translation (DBY)
- And they said, Has Jehovah indeed spoken only to Moses? has he not spoken also to us? And Jehovah heard it.
- Webster's Bible (WBS)
- And they said, Hath the LORD indeed spoke only by Moses? hath he not spoke also by us? And the LORD heard [it] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- and they say, 'Only by Moses hath Jehovah spoken? also by us hath he not spoken?' and Jehovah heareth.
Read in context
- 1मूसा ने तो एक कूशी स्त्री के साथ ब्याह कर लिया था। सो मरियम और हारून उसकी उस ब्याहिता कूशी स्त्री के कारण उसकी निन्दा करने लगे;
- 2उन्हों ने कहा, क्या यहोवा ने केवल मूसा ही के साथ बातें की हैं? क्या उस ने हम से भी बातें नहीं कीं? उनकी यह बात यहोवा ने सुनी।
- 3मूसा तो पृथ्वी भर के रहने वाले मनुष्यों से बहुत अधिक नम्र स्वभाव का था।
- 4सो यहोवा ने एकाएक मूसा और हारून और मरियम से कहा, तुम तीनों मिलापवाले तम्बू के पास निकल आओ। तब वे तीनों निकल आए।
Cross references
- Numbers 16:3 गिनती 16:3और वे मूसा और हारून के विरूद्ध उठ खड़े हुए, और उन से कहने लगे, तुम ने बहुत किया, अब बस करो; क्योंकि सारी मण्डली का एक एक मनुष्य पवित्रा है, और यहोवा उनके मध्य में रहता है; इसलिये तुम यहोवा की मण्डली में ऊंचे पदवाले क्यों बन बैठे हो?
- Ezekiel 35:12–13 यहेजकेल 35:12–13और तू जानेगा, कि मुझ यहोवा ने तेरी सब तिरस्कार की बातें सुनी हैं, जो तू ने इस्राएल के पहाड़ों के विषय में कहीं, कि, वे तो उजड़ गए, वे हम ही को दिए गए हैं कि हम उन्हें खा डालें। तुम ने अपने मुुंह से मेरे विरूद्ध बड़ाई मारी, और मेरे विरूद्ध बहुत बातें कही हैं; इसे मैं ने सुना है।
- Philippians 2:3 फिलिप्पियों 2:3विरोध या झूठी बड़ाई के लिये कुछ न करो पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।
- Micah 6:4 मीका 6:4मेरे विरूद्ध साक्षी दे! मैं तो तुझे मि देश से निकाल ले आया, और दासत्व के घर में से तुझे छुड़ा लाया; और तेरी अगुवाई करने को मूसा, हारून और मरियम को भेज दिया।
- Isaiah 37:4 यशायाह 37:4सम्भव है कि तेरे परमेश्वर यहोवा ने रबशाके की बातें सुनी जिसे उसके स्वामी अश्शूर के राजा ने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को भेजा है, और जा बातें तेरे परमेश्वर यहोवा ने सुनी हैं उन्हें दपटे; सो तू इन बचे हुओं के लिये जो रह गए हैं, प्रार्थना कर।।
- Philippians 2:14 फिलिप्पियों 2:14सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
- 2 Kings 19:4 2 राजा 19:4कदाचित तेरा परमेश्वर यहोवा रबशाके की सब बातें सुने, जिसे उसके स्वामी अश्शूर के राजा ने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को भेजा है, और जो बातें तेरे परमेश्वर यहावा ने सुनी हैं उन्हें डपटे; इसलिये तू इन बचे हुओं के लिये जो रह गए हैं प्रार्थना कर।
- Numbers 11:1 गिनती 11:1फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी।
- Romans 12:10 रोमियों 12:10भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर मया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
- Romans 12:3 रोमियों 12:3क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे।
- 1 Peter 5:5 1 पतरस 5:5हे नवयुवकों, तुम भी प्राचीनों के आधीन रहो, बरन तुम सब के सब एक दूसरे की सेवा के लिये दीनता से कमर बान्धे रहो, क्योंकि परमेश्वर अभिमानियों का साम्हना करता है, परन्तु दीनों पर अनुग्रह करता है।
- 2 Samuel 11:27 2 शमूएल 11:27और जब उसके विलाप के दिन बीत चुके, तब दाऊद ने उसे बुलवाकर अपने घर में रख लिया, और वह उसकी पत्नी हो गई, और उसके पुत्रा उत्पन्न हुआ। परन्तु उस काम से जो दाऊद ने किया था यहोवा क्रोधित हुआ।