Numbers · chapter 13 · verse 25
Numbers 13:25 in Hindi
चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद लेकर लौट आए।
Chaalees din ke baad ve us desh kaa bhed lekar laut aae.
Numbers 13:25 in English
- King James Version (KJV)
- And they returned from searching of the land after forty days.
- World English Bible (WEB)
- They returned from spying out the land at the end of forty days.
- American Standard Version (ASV)
- And they returned from spying out the land at the end of forty days.
- Bible in Basic English (BBE)
- At the end of forty days they came back from viewing the land.
- Darby Translation (DBY)
- And they returned from searching out the land after forty days.
- Webster's Bible (WBS)
- And they returned from exploring the land after forty days.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they turn back from spying the land at the end of forty days.
Read in context
- 23तब वे एशकोल नाम नाले तक गए, और वहां से एक डाली दाखों के गुच्छे समेत तोड़ ली, और दो मनुष्य उस एक लाठी पर लटकाए हुए उठा ले चले गए; और वे अनारों और अंजीरों में से भी कुछ कुछ ले आए।
- 24इस्त्राएली वहां से जो दाखों का गुच्छा तोड़ ले आए थे, इस कारण उस स्थान का नाम एशकोल नाला रखा गया।
- 25चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद लेकर लौट आए।
- 26और पारान जंगल के कादेश नाम स्थान में मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के पास पहुंचे; और उनको और सारी मण्डली को संदेशा दिया, और उस देश के फल उनको दिखाए।
- 27उन्हों ने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, कि जिस देश में तू ने हम को भेजा था उस में हम गए; उस में सचमुच दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है।
Cross references
- Exodus 34:28 निर्गमन 34:28मूसा तो वहां यहोवा के संग चालीस दिन और रात रहा; और तब तक न तो उस ने रोटी खाई और न पानी पिया। और उस ने उन तख्तियों पर वाचा के वचन अर्थात् दस आज्ञाएं लिख दीं।।
- Exodus 24:18 निर्गमन 24:18तब मूसा बादल के बीच में प्रवेश करके पर्वत पर चढ़ गया। और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात रहा।।
- Numbers 14:33–34 गिनती 14:33–34और जब तक तुम्हारी लोथें जंगल में न गल जाएं तक तक, अर्थात् चालीस वर्ष तक, तुम्हारे बालबच्चे जंगल में तुम्हारे व्यभिचार का फल भोगते हुए चरवाही करते रहेंगे। जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।