Psalms · chapter 106 · verse 14
Psalm 106:14 in Hindi
उन्हों ने जंगल में अति लालसा की और निर्जल स्थान में ईश्वर की परीक्षा की।
Unhom ne jangal mem ati laalasaa kee aur nirjal sthaan mem eeshvar kee pareekshaa kee.
Psalm 106:14 in English
- King James Version (KJV)
- But lusted exceedingly in the wilderness, and tempted God in the desert.
- World English Bible (WEB)
- but gave in to craving in the desert, and tested God in the wasteland.
- American Standard Version (ASV)
- But lusted exceedingly in the wilderness, And tempted God in the desert.
- Bible in Basic English (BBE)
- They gave way to their evil desires in the waste land, and put God to the test in the dry places.
- Darby Translation (DBY)
- And they lusted exceedingly in the wilderness, and tempted God in the desert.
- Webster's Bible (WBS)
- But lusted exceedingly in the wilderness, and tempted God in the desert.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they lust greatly in a wilderness, And try God in a desert.
Read in context
- 12तब उनहों ने उसके वचनों का विश्वास किया; और उसकी स्तुति गाने लगे।।
- 13परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
- 14उन्हों ने जंगल में अति लालसा की और निर्जल स्थान में ईश्वर की परीक्षा की।
- 15तब उस ने उन्हें मुंह मांगा वर तो दिया, परन्तु उनके प्राण को सुखा दिया।।
- 16उन्हों ने छावनी में मूसा के, और यहोवा के पवित्रा जन हारून के विषय में डाह की,
Cross references
- 1 Corinthians 10:9 1 कुरिन्थियों 10:9और न हम प्रभु को परखें; जैसा उन में से कितनों ने किया, और सांपों के द्वारा नाश किए गए।
- Exodus 17:2 निर्गमन 17:2इसलिये वे मूसा से वादविवाद करके कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
- Numbers 11:4 गिनती 11:4फिर जो मिली- जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा।
- 1 Corinthians 10:6 1 कुरिन्थियों 10:6ये बातें हमारे लिये दृष्टान्त ठहरी, कि जैसे उन्हों ने लालच किया, वैसे हम बुरी वस्तुओं का लालच न करें।
- Hebrews 3:8–10 इब्रानियों 3:8–10तो अपने मन को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय और परीक्षा के दिन जंगल में किया था। जहां तुम्हारे बापदादों ने मुझे जांचकर परखा और चालीस वर्ष तक मेरे काम देखे। इस कारण मैं उस समय के लोगों से रूठा रहा, और कहा, कि इन के मन सदा भटकते रहते हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना।
- Psalm 78:40–41 भजन संहिता 78:40–41उन्हों ने कितनी ही बार जंगल में उस से बलवा किया, और निर्जल देश में उसको उदास किया! वे बारबार ईश्वर की परीक्षा करते थे, और इस्त्राएल के पवित्रा को खेदित करते थे।
- Numbers 14:22 गिनती 14:22उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,
- Numbers 11:33–34 गिनती 11:33–34मांस उनके मुंह ही में था, और वे उसे खाने न पाए थे, कि यहोवा का कोप उन पर भड़क उठा, और उस ने उनको बहुत बड़ी मार से मारा। और उस स्थान का नाम किब्रोथत्तावा पड़ा, क्योंकि जिन लोगों ने कामुकता की थी उनको वहां मिट्टी दी गई।
- Deuteronomy 9:22 व्यवस्थाविवरण 9:22फिर तबेरा, और मस्सा, और किब्रोतहत्तावा में भी तुम ने यहोवा को रीस दिलाई थी।
- Psalm 78:30 भजन संहिता 78:30उनकी कामना बनी ही रही, उनका भोजन उनके मुंह ही में था,
- Psalm 95:8–9 भजन संहिता 95:8–9अपना अपना हृदय ऐसा कठोर मत करो, जैसा मरीबा में, वा मस्सा के दिन जंगल में हुआ था, जब तुम्हारे पुरखाओं ने मुझे परखा, उन्हों ने मुझ को जांचा और मेरे काम को भी देखा।
- Psalm 78:18–20 भजन संहिता 78:18–20और अपनी चाह के अनुसार भोजन मांगकर मन ही मन ईश्वर की परीक्षा की। वे परमेश्वर के विरूद्ध बोले, और कहने लगे, क्या ईश्वर जंगल में मेज लगा सकता है? उस ने चट्टान पर मारके जल बहा तो दिया, और धाराएं उमण्ड़ चली, परन्तु क्या वह रोटी भी दे सकता है? क्या वह अपनी प्रजा के लिये मांस भी तैयार कर सकता?