Exodus · chapter 17 · verse 2
Exodus 17:2 in Hindi
इसलिये वे मूसा से वादविवाद करके कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
Isaliye ve moosaa se vaadavivaad karake kahane lage, ki hamem peene kaa paanee de. Moosaa ne un se kahaa, tum mujh se kyom vaadavivaad karate ho? Aur yahovaa kee pareekshaa kyom karate ho?
Exodus 17:2 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore the people did chide with Moses, and said, Give us water that we may drink. And Moses said unto them, Why chide ye with me? wherefore do ye tempt the LORD?
- World English Bible (WEB)
- Therefore the people quarreled with Moses, and said, “Give us water to drink.” Moses said to them, “Why do you quarrel with me? Why do you test the LORD?”
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore the people strove with Moses, and said, Give us water that we may drink. And Moses said unto them, Why strive ye with me? wherefore do ye tempt Jehovah?
- Bible in Basic English (BBE)
- So the people were angry with Moses, and said, Give us water for drinking. And Moses said, Why are you angry with me? and why do you put God to the test?
- Darby Translation (DBY)
- And the people contended with Moses, and said, Give us water, that we may drink! And Moses said to them, Why do ye dispute with me? Why do ye tempt Jehovah?
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore the people contended with Moses, and said, Give us water that we may drink. And Moses said to them, Why chide you with me? why do ye tempt the LORD?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the people strive with Moses, and say, 'Give us water, and we drink.' And Moses saith to them, 'What? — ye strive with me, what? — ye try Jehovah?'
Read in context
- 1फिर इस्राएलियों की सारी मण्डली सीन नाम जंगल से निकल चली, और यहोवा के आज्ञानुसार कूच करके रपीदीम में अपने डेरे खड़े किए; और वहां उन लोगों को पीने का पानी न मिला।
- 2इसलिये वे मूसा से वादविवाद करके कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
- 3फिर वहां लोगों को पानी की प्यास लगी तब वे यह कहकर मूसा पर बुड़बुड़ाने लगे, कि तू हमें लड़केबालों और पशुओं समेत प्यासों मार डालने के लिये मि से क्यों ले आया है?
- 4तब मूसा ने यहोवा की दोहाई दी, और कहा, इन लोगों से मैं क्या करूं? ये सब मुझे पत्थरवाह करने को तैयार हैं।
Cross references
- Psalm 78:18 भजन संहिता 78:18और अपनी चाह के अनुसार भोजन मांगकर मन ही मन ईश्वर की परीक्षा की।
- 1 Corinthians 10:9 1 कुरिन्थियों 10:9और न हम प्रभु को परखें; जैसा उन में से कितनों ने किया, और सांपों के द्वारा नाश किए गए।
- Deuteronomy 6:16 व्यवस्थाविवरण 6:16तुम अपने परमेश्वर यहोवा की परीक्षा न करना, जैसे कि तुम ने मस्सा में उसकी परीक्षा की थी।
- Psalm 78:41 भजन संहिता 78:41वे बारबार ईश्वर की परीक्षा करते थे, और इस्त्राएल के पवित्रा को खेदित करते थे।
- Hebrews 3:9 इब्रानियों 3:9जहां तुम्हारे बापदादों ने मुझे जांचकर परखा और चालीस वर्ष तक मेरे काम देखे।
- Isaiah 7:12 यशायाह 7:12आहाज ने कहा, मैं नहीं मांगने का, और मैं यहोवा की परीक्षा नहीं करूंगा।
- Matthew 4:7 मत्ती 4:7यीशु ने उस से कहा; यह भी लिखा है, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर की परीक्षा न कर।
- Psalm 95:9 भजन संहिता 95:9जब तुम्हारे पुरखाओं ने मुझे परखा, उन्हों ने मुझ को जांचा और मेरे काम को भी देखा।
- Acts 15:10 प्रेरितों के काम 15:10तो अब तुम क्यों परमेश्वर की परीक्षा करते हो? कि चेलों की गरदन पर ऐसा जूआ रखो, जिसे न हमारे बापदादे उठा सके थे और न हम उठा सकते।
- Numbers 21:5 गिनती 21:5सो वे परमेश्वर के विरूद्ध बात करने लगे, और मूसा से कहा, तुम लोग हम को मि से जंगल में मरने के लिये क्यों ले आए हो? यहां न तो रोटी है, और न पानी, और हमारे प्राण इस निकम्मी रोटी से दुखित हैं।
- Numbers 20:2–5 गिनती 20:2–5वहां मण्डली के लोगों के लिये पानी न मिला; सो वे मूसा और हारून के विरूद्ध इकट्ठे हुए। और लोग यह कहकर मूसा से झगड़ने लगे, कि भला होता कि हम उस समय ही मर गए होते जब हमारे भाई यहोवा के साम्हने मर गए! और तुम यहोवा की मण्डली को इस जंगल में क्यों ले आए हो, कि हम अपने पशुओं समेत यहां मर जाए? और तुम ने हम को मि से क्यों निकालकर इस बुरे स्थान में पहुंचाया है? यहां तो बीच, वा अंजीर, वा दाखलता, वा अनार, कुछ नहीं है, यहां तक कि पीने को कुछ पानी भी नहीं है।
- Numbers 14:22 गिनती 14:22उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,