Numbers · chapter 20 · verse 4
Numbers 20:4 in Hindi
और तुम यहोवा की मण्डली को इस जंगल में क्यों ले आए हो, कि हम अपने पशुओं समेत यहां मर जाए?
Aur tum yahovaa kee mandalee ko is jangal mem kyom le aae ho, ki ham apane pashuom samet yahaam mar jaae?
Numbers 20:4 in English
- King James Version (KJV)
- And why have ye brought up the congregation of the LORD into this wilderness, that we and our cattle should die there?
- World English Bible (WEB)
- Why have you brought the LORD’s assembly into this wilderness, that we should die there, we and our animals?
- American Standard Version (ASV)
- And why have ye brought the assembly of Jehovah into this wilderness, that we should die there, we and our beasts?
- Bible in Basic English (BBE)
- Why have you taken the Lord's people into this waste, for death to come to us and to our cattle there?
- Darby Translation (DBY)
- And why have ye brought the congregation of Jehovah into this wilderness, that we should die there, we and our beasts?
- Webster's Bible (WBS)
- And why have ye brought the congregation of the LORD into this wilderness, that we and our cattle should die there?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and why have ye brought in the assembly of Jehovah unto this wilderness to die there, we and our beasts?
Read in context
- 2वहां मण्डली के लोगों के लिये पानी न मिला; सो वे मूसा और हारून के विरूद्ध इकट्ठे हुए।
- 3और लोग यह कहकर मूसा से झगड़ने लगे, कि भला होता कि हम उस समय ही मर गए होते जब हमारे भाई यहोवा के साम्हने मर गए!
- 4और तुम यहोवा की मण्डली को इस जंगल में क्यों ले आए हो, कि हम अपने पशुओं समेत यहां मर जाए?
- 5और तुम ने हम को मि से क्यों निकालकर इस बुरे स्थान में पहुंचाया है? यहां तो बीच, वा अंजीर, वा दाखलता, वा अनार, कुछ नहीं है, यहां तक कि पीने को कुछ पानी भी नहीं है।
- 6तब मूसा और हारून मण्डली के साम्हने से मिलापवाले तम्बू के द्वार पर जाकर अपने मुंह के बल गिरे। और यहोवा का तेज उनको दिखाई दिया।
Cross references
- Exodus 17:3 निर्गमन 17:3फिर वहां लोगों को पानी की प्यास लगी तब वे यह कहकर मूसा पर बुड़बुड़ाने लगे, कि तू हमें लड़केबालों और पशुओं समेत प्यासों मार डालने के लिये मि से क्यों ले आया है?
- Psalm 106:21 भजन संहिता 106:21वे अपने उद्धारकर्ता ईश्वर को भूल गए, जिस ने मि में बड़े बड़े काम किए थे।
- Exodus 14:11–12 निर्गमन 14:11–12और वे मूसा से कहने लगे, क्या मि में कबरें न थीं जो तू हम को वहां से मरने के लिये जंगल में ले आया है? तू ने हम से यह क्या किया, कि हम को मि से निकाल लाया? क्या हम तुझ से मि में यही बात न कहते रहे, कि हमें रहने दे कि हम मिस्त्रियों की सेवा करें? हमारे लिये जंगल में मरने से मिस्त्रियों कि सेवा करनी अच्छी थी।
- Exodus 5:21 निर्गमन 5:21और उन्हों ने मूसा और हारून से कहा, यहोवा तुम पर दृष्टि करके न्याय करे, क्योंकि तुम ने हम को फिरौन और उसके कर्मचारियों की दृष्टि में घृणित ठहरवाकर हमें घात करने के लिये उनके हाथ में तलवार दे दी है।
- Numbers 16:13–14 गिनती 16:13–14क्या यह एक छोटी बात है, कि तू हम को ऐसे देश से जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती है इसलिये निकाल लाया है, कि हमें जंगल में मार डाले, फिर क्या तू हमारे ऊपर प्रधान भी बनकर अधिकार जताता है? फिर तू हमें ऐसे देश में जहां दूध और मधु की धाराएं बहती हैं नहीं पहुंचाया, और न हमें खेतों और दाख की बारियों के अधिकारी किया। क्या तू इन लोगों की आंखों में धूलि डालेगा? हम तो नहीं आएंगे।
- Numbers 16:41 गिनती 16:41दूसरे दिन इस्त्राएलियों की सारी मण्डली यह कहकर मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगी, कि यहोवा की प्रजा को तुम ने मार डाला है।
- Acts 7:35 प्रेरितों के काम 7:35जिस मूसा को उन्होंने यह कहकर नकारा था कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है; उसी को परमेश्वर ने हाकिम और छुड़ाने वाला ठहरा कर, उस स्वर्ग दूत के द्वारा जिस ने उसे झाड़ी में दर्शन दिया था, भेजा।
- Exodus 16:3 निर्गमन 16:3और इस्राएली उन से कहने लगे, कि जब हम मि देश में मांस की हांडियों के पास बैठकर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था; पर तुम हम को इस जंगल में इसलिये निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखों मार डालो।
- Acts 7:39–40 प्रेरितों के काम 7:39–40परन्तु हमारे बाप दादों ने उस की मानना न चाहा; वरन उसे हटाकर अपने मन मिसर की ओर फेरे। और हारून से कहा; हमारे लिये ऐसा देवता बना, जो हमारे आगे आगे चलें; क्योंकि यह मूसा जा हमें मिसर देश से निकाल लाया, हम नहीं जानते उसे क्या हुआ?
- Numbers 11:5 गिनती 11:5हमें वे मछलियां स्मरण हैं जो हम मि में सेंतमेंत खाया करते थे, और वे खीरे, और खरबूजे, और गन्दने, और प्याज, और लहसुन भी;