Numbers · chapter 20 · verse 3
Numbers 20:3 in Hindi
और लोग यह कहकर मूसा से झगड़ने लगे, कि भला होता कि हम उस समय ही मर गए होते जब हमारे भाई यहोवा के साम्हने मर गए!
Aur log yah kahakar moosaa se jhagadane lage, ki bhalaa hotaa ki ham us samay hee mar gae hote jab hamaare bhaaee yahovaa ke saamhane mar gae!
Numbers 20:3 in English
- King James Version (KJV)
- And the people chode with Moses, and spake, saying, Would God that we had died when our brethren died before the LORD!
- World English Bible (WEB)
- The people quarreled with Moses, and spoke, saying, “We wish that we had died when our brothers died before the LORD!
- American Standard Version (ASV)
- And the people strove with Moses, and spake, saying, Would that we had died when our brethren died before Jehovah!
- Bible in Basic English (BBE)
- And the people were angry with Moses and said, If only death had overtaken us when our brothers came to their death before the Lord!
- Darby Translation (DBY)
- And the people contended with Moses, and spoke, saying, Would that we had died when our brethren died before Jehovah!
- Webster's Bible (WBS)
- And the people chid with Moses, and spoke, saying, O that we had died when our brethren died before the LORD!
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the people strive with Moses, and speak, saying, 'And oh that we had expired when our brethren expired before Jehovah!
Read in context
- 1पहिले महीने में सारी इस्त्राएली मण्डली के लोग सीनै नाम जंगल में आ गए, और कादेश में रहने लगे; और वहां मरियम मर गई, और वहीं उसको मिट्टी दी गई।
- 2वहां मण्डली के लोगों के लिये पानी न मिला; सो वे मूसा और हारून के विरूद्ध इकट्ठे हुए।
- 3और लोग यह कहकर मूसा से झगड़ने लगे, कि भला होता कि हम उस समय ही मर गए होते जब हमारे भाई यहोवा के साम्हने मर गए!
- 4और तुम यहोवा की मण्डली को इस जंगल में क्यों ले आए हो, कि हम अपने पशुओं समेत यहां मर जाए?
- 5और तुम ने हम को मि से क्यों निकालकर इस बुरे स्थान में पहुंचाया है? यहां तो बीच, वा अंजीर, वा दाखलता, वा अनार, कुछ नहीं है, यहां तक कि पीने को कुछ पानी भी नहीं है।
Cross references
- Exodus 17:2 निर्गमन 17:2इसलिये वे मूसा से वादविवाद करके कहने लगे, कि हमें पीने का पानी दे। मूसा ने उन से कहा, तुम मुझ से क्यों वादविवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो?
- Numbers 16:31–35 गिनती 16:31–35वह ये सब बातें कह ही चुका था, कि भूमि उन लोगों के पांव के नीचे फट गई; और पृथ्वी ने अपना मुंह खोल दिया और उनका और उनका घरद्वार का सामान, और कोरह के सब मनुष्यों और उनकी सारी सम्पत्ति को भी निगल लिया। और वे और उनका सारा घरबार जीवित ही अधोलोक में जा पड़े; और पृथ्वी ने उनको ढंाप लिया, और वे मण्डली के बीच में से नष्ट हो गए। और जितने इस्त्राएली उनके चारों ओर थे वे उनका चिल्लाना सुन यह कहते हुए भागे, कि कहीं पृथ्वी हम को भी निगल न ले! तब यहोवा के पास से आग निकली, और उन अढ़ाई सौ धूप चढ़ानेवालों को भस्म कर डाला।।
- Numbers 14:1–2 गिनती 14:1–2तब सारी मण्डली चिल्ला उठी; और रात भर वे लोग रोते ही रहे। और सब इस्त्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उस ने कहने लगी, कि भला होता कि हम मि ही में मर जाते! वा इस जंगल ही में मर जाते!
- Numbers 11:33–34 गिनती 11:33–34मांस उनके मुंह ही में था, और वे उसे खाने न पाए थे, कि यहोवा का कोप उन पर भड़क उठा, और उस ने उनको बहुत बड़ी मार से मारा। और उस स्थान का नाम किब्रोथत्तावा पड़ा, क्योंकि जिन लोगों ने कामुकता की थी उनको वहां मिट्टी दी गई।
- Numbers 16:49 गिनती 16:49और जो कोरह के संग भागी होकर मर गए थे, उन्हें छोड़ जो लोग इस मरी से मर गए वे चौदह हजार सात सौ थे।
- Numbers 11:1 गिनती 11:1फिर वे लोग बुड़बुड़ाने और यहोवा के सुनते बुरा कहने लगे; निदान यहोवा ने सुना, और उसका कोप भड़क उठा, और यहोवा की आग उनके मध्य जल उठी, और छावनी के एक किनारे से भस्म करने लगी।
- Exodus 16:2–3 निर्गमन 16:2–3जंगल में इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा और हारून के विरूद्ध बकझक करने लगी। और इस्राएली उन से कहने लगे, कि जब हम मि देश में मांस की हांडियों के पास बैठकर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था; पर तुम हम को इस जंगल में इसलिये निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखों मार डालो।
- Lamentations 4:9 विलापगीत 4:9तलवार के मारे हुए भूख के मारे हुओं से अधिक अच्छे थे जिनका प्राण खेत की उपज बिना भूख के मारे सूखता जाता हे।
- Job 3:10–11 अय्यूब 3:10–11क्योंकि उस ने मेरी माता की कोख को बन्द न किया और कष्ट को मेरी दृष्टि से न छिपाया। मैं गर्भ ही में क्यों न मर गया? मैं पेट से निकलते ही मेरा प्राण क्यों न छूटा?
- Numbers 14:36–37 गिनती 14:36–37तब जिन पुरूषों को मूसा ने उस देश के भेद लेने के लिये भेजा था, और उन्हों ने लौटकर उस देश की नामधराई करके सारी मण्डली को कुड़कुड़ाने के लिये उभारा था, उस देश की वे नामधराई करनेवाले पुरूष यहोवा के मारने से उसके साम्हने मर गये।