Philippians · chapter 2 · verse 12
Philippians 2:12 in Hindi
सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ।
So he mere pyaaro, jis prakaar tum sadaa se aajnyaa maanate aae ho, vaise hee ab bhee na keval mere saath rahate hue par vishesh karake ab mere door rahane par bhee darate aur kaampate hue apane apane uddhaar kaa kaary pooraa karate jaao.
Philippians 2:12 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore, my beloved, as ye have always obeyed, not as in my presence only, but now much more in my absence, work out your own salvation with fear and trembling.
- World English Bible (WEB)
- So then, my beloved, even as you have always obeyed, not only in my presence, but now much more in my absence, work out your own salvation with fear and trembling.
- American Standard Version (ASV)
- So then, my beloved, even as ye have always obeyed, not as in my presence only, but now much more in my absence, work out your own salvation with fear and trembling;
- Bible in Basic English (BBE)
- So then, my loved ones, as you have at all times done what I say, not only when I am present, but now much more when I am not with you, give yourselves to working out your salvation with fear in your hearts;
- Darby Translation (DBY)
- So that, my beloved, even as ye have always obeyed, not as in my presence only, but now much rather in my absence, work out your own salvation with fear and trembling,
- Webster's Bible (WBS)
- Wherefore, my beloved, as ye have always obeyed, not as in my presence only, but now much more in my absence, work out your own salvation with fear and trembling.
- Young's Literal Translation (YLT)
- So that, my beloved, as ye always obey, not as in my presence only, but now much more in my absence, with fear and trembling your own salvation work out,
Read in context
- 10कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें।
- 11और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है॥
- 12सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ।
- 13क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस न अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।
- 14सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
Cross references
- 2 Peter 1:5–10 2 पतरस 1:5–10और इसी कारण तुम सब प्रकार का यत्न करके, अपने विश्वास पर सद्गुण, और सद्गुण पर समझ। और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ। क्योंकि यदि ये बातें तुम में वर्तमान रहें, और बढ़ती जाएं, तो तुम्हें हमारे प्रभु यीशु मसीह के पहचानने में निकम्मे और निष्फल न होने देंगी। और जिस में ये बातें नहीं, वह अन्धा है, और धुन्धला देखता है, और अपने पूर्वकाली पापों से धुलकर शुद्ध होने को भूल बैठा है। इस कारण हे भाइयों, अपने बुलाए जाने, और चुन लिये जाने को सिद्ध करने का भली भांति यत्न करते जाओ, क्योंकि यदि ऐसा करोगे, तो कभी भी ठोकर न खाओगे।
- Luke 13:23–24 लूका 13:23–24और किसी ने उस से पूछा; हे प्रभु, क्या उद्धार पानेवाले थोड़े हैं? उस ने उन से कहा; सकेत द्वार से प्रवेश करने का यत्न करो, क्योंकि मैं तुम से कहता हूं, कि बहुतेरे प्रवेश करना चाहेंगे, और न कर सकेंगे।
- 1 Corinthians 15:58 1 कुरिन्थियों 15:58सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।।
- Hebrews 4:11 इब्रानियों 4:11सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन की नाई आज्ञा न मानकर गिर पड़े।
- 1 Peter 2:11 1 पतरस 2:11हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जानकर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।
- Philippians 3:13–14 फिलिप्पियों 3:13–14हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।
- John 6:27–29 यूहन्ना 6:27–29नाशमान भोजन के लिये परिश्रम न करो, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्रा तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात् परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है। उन्हों ने उस से कहा, परमेश्वर के कारर्य करने के लिये हम क्या करें? यीशु ने उन्हें उत्तर दिया; परमेश्वर का कारर्य यह है, कि तुम उस पर, जिसे उस ने भेजा है, विश्वास करो।
- Matthew 11:29 मत्ती 11:29मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
- Isaiah 66:2 यशायाह 66:2यहोवा की यह वाणी है, ये सब वस्तुएं मेरे ही हाथ की बनाई हुई हैं, सो ये सब मेरी ही हैं। परन्तु मैं उसी की ओर दृष्टि करूंगा जो दीन और खेदित मन का हो, और मेरा वचन सुनकर थरथराता हो॥
- Philippians 1:27 फिलिप्पियों 1:27केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल- चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त होकर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
- Galatians 6:7–9 गलातियों 6:7–9धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा। हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हांे, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।
- Romans 13:11–14 रोमियों 13:11–14और समय को पहिचान कर ऐसा ही करो, इसलिये कि अब तुम्हारे लिये नींद से जाग उठने की घड़ी आ पहुंची है, क्योंकि जिस समय हम ने विश्वास किया था, उस समय के विचार से अब हमारा उद्धार निकट है। रात बहुत बीन गई है, और दिन निकलने पर है; इसलिये हम अन्धकार के कामों को तज कर ज्योति के हथियार बान्ध लें। जैसा दिन को सोहता है, वैसा ही हम सीधी चाल चलें; न कि लीला क्रीड़ा, और पियक्कड़पन, न व्यभिचार, और लुचपन में, और न झगड़े और डाह में। बरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर के अभिलाषों को पूरा करने का उपाय न करो।।
Original words (Greek)
- Wherefore · G5620ὥστε hṓste
- my · G3450μοῦ moû
- beloved · G27ἀγαπητός agapētós
- as · G2531καθώς kathṓs
- have · G5219ὑπακούω hypakoúō
- always · G3842πάντοτε pántote
- obeyed · G5219ὑπακούω hypakoúō
- not · G3361μή mḗ
- as · G5613ὡς hōs
- in · G1722ἐν en
- my · G3450μοῦ moû
- presence · G3952παρουσία parousía
- only · G3440μόνον mónon
- but · G235ἀλλά allá
- now · G3568νῦν nŷn
- much · G4183πολύς polýs
- more · G3123μᾶλλον mâllon
- in · G1722ἐν en
- my · G3450μοῦ moû
- absence · G666ἀπουσία apousía
- out · G2716κατεργάζομαι katergázomai
- own · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- salvation · G4991σωτηρία sōtēría
- with · G3326μετά metá
- fear · G5401φόβος phóbos
- and · G2532καί kaí
- trembling · G5156τρόμος trómos