Philippians · chapter 1 · verse 27
Philippians 1:27 in Hindi
केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल- चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त होकर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
Keval itanaa karo ki tumhaaraa chaala- chalan maseeh ke susamaachaar ke yogy ho ki chaahe maim aakar tumhem dekhoom, chaahe na bhee aaoom, tumhaare vishay mem yah sunoom, ki tum ek hee aatmaa mem sthir ho, aur ek chitt hokar susamaachaar ke vishvaas ke liye parishram karate rahate ho.
Philippians 1:27 in English
- King James Version (KJV)
- Only let your conversation be as it becometh the gospel of Christ: that whether I come and see you, or else be absent, I may hear of your affairs, that ye stand fast in one spirit, with one mind striving together for the faith of the gospel;
- World English Bible (WEB)
- Only let your way of life be worthy of the Good News of Christ, that whether I come and see you or am absent, I may hear of your state, that you stand firm in one spirit, with one soul striving for the faith of the Good News;
- American Standard Version (ASV)
- Only let your manner of life be worthy of the gospel of Christ: that, whether I come and see you or be absent, I may hear of your state, that ye stand fast in one spirit, with one soul striving for the faith of the gospel;
- Bible in Basic English (BBE)
- Only let your behaviour do credit to the good news of Christ, so that if I come and see you or if I am away from you, I may have news of you that you are strong in one spirit, working together with one soul for the faith of the good news;
- Darby Translation (DBY)
- Only conduct yourselves worthily of the glad tidings of the Christ, in order that whether coming and seeing you, or absent, I may hear of what concerns you, that ye stand firm in one spirit, with one soul, labouring together in the same conflict with the faith of the glad tidings;
- Webster's Bible (WBS)
- Only let your manner of life be as it becometh the gospel of Christ: that whether I come and see you, or else be absent, I may hear of your affairs, that ye stand fast in one spirit, with one mind striving together for the faith of the gospel;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Only worthily of the good news of the Christ conduct ye yourselves, that, whether having come and seen you, whether being absent I may hear of the things concerning you, that ye stand fast in one spirit, with one soul, striving together for the faith of the good news,
Read in context
- 25और इसलिये कि मुझे इस का भरोसा है सो मैं जानता हूं कि मैं जीवित रहूंगा, बरन तुम सब के साथ रहूंगा जिस से तुम विश्वास में दृढ़ होते जाओ और उस में आनन्दित रहो।
- 26और जो घमण्ड तुम मेरे विषय में करते हो, वह मेरे फिर तुम्हारे पास आने से मसीह यीशु में अधिक बढ़ जाए।
- 27केवल इतना करो कि तुम्हारा चाल- चलन मसीह के सुसमाचार के योग्य हो कि चाहे मैं आकर तुम्हें देखूं, चाहे न भी आऊं, तुम्हारे विषय में यह सुनूं, कि तुम एक ही आत्मा में स्थिर हो, और एक चित्त होकर सुसमाचार के विश्वास के लिये परिश्रम करते रहते हो।
- 28और किसी बात में विरोधियों से भय नहीं खाते? यह उन के लिये विनाश का स्पष्ट चिन्ह है, परन्तु तुम्हारे लिये उद्धार का, और यह परमेश्वर की ओर से है।
- 29क्योंकि मसीह के कारण तुम पर यह अनुग्रह हुआ कि न केवल उस पर विश्वास करो पर उसके लिये दुख भी उठाओ।
Cross references
- Ephesians 4:1 इफिसियों 4:1सो मैं जो प्रभु में बन्धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो।
- 1 Corinthians 16:13–14 1 कुरिन्थियों 16:13–14जागते रहो, विश्वास में स्थिर रहो, पुरूषार्थ करो, बलवन्त होओ। जो कुछ करते हो प्रेम से करो।।
- 2 Peter 3:14 2 पतरस 3:14इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्न करो कि तुम शान्ति से उसके साम्हने निष्कलंक और निर्दोष ठहरो।
- 1 Corinthians 1:10 1 कुरिन्थियों 1:10हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो।
- Philippians 2:1–2 फिलिप्पियों 2:1–2सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है। तो मेरा यह आनन्द पूरा करो कि एक मन रहो और एक ही प्रेम, एक ही चित्त, और एक ही मनसा रखो।
- Colossians 1:10 कुलुस्सियों 1:10ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
- Jude 1:3 यहूदा 1:3हे प्रियो, जब मैं तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखने में अत्यन्त परिश्रम से प्रयत्न कर रहा था, जिस में हम सब सहभागी हैं; तो मैं ने तुम्हें यह समझाना आवश्यक जाना कि उस विश्वास के लिये पूरा यत्न करो जो पवित्रा लोगों को एक ही बार सौंपा गया था।
- Ephesians 4:3–6 इफिसियों 4:3–6और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्न करो। एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है। एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा। और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में, और सब में है।
- 1 Thessalonians 4:1 1 थिस्सलुनीकियों 4:1निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ।
- 1 Corinthians 12:12–31 1 कुरिन्थियों 12:12–31क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है। क्योंकि हम सब ने क्या यहूदी हो, क्या युनानी, क्या दास, क्या स्वतंत्रा एक ही आत्मा के द्वारा एक देह होने के लिये बपतिस्मा लिया, और हम एक को एक ही आत्मा पिलाया गया। इसलिये कि देह में एक ही अंग नहीं, परन्तु बहुत से हैं। यदि पांव कहे: कि मैं हाथ नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं? और यदि कान कहे; कि मैं आंख का नहीं, इसलिये देह का नहीं, तो क्या वह इस कारण देह का नहीं। यदि सारी देह आंख की होती तो सुनना कहां से होता? यदि सारी देह कान ही होती तो सूंघना कहां होता? परन्तु सचमुच परमेश्वर ने अंगो को अपनी इच्छा के अनुसार एक एक करके देह में रखा है। यदि वे सब एक ही अंग होते, तो देह कहां होती? परन्तु अब अंग तो बहुत से हैं, परन्तु देह एक ही है। आंख हाथ से नहीं कह सकती, कि मुझे तेरा प्रयोजन नहीं, और न सिर पांवों से कह सकता है, कि मुझे तुम्हारा प्रयोजन नहीं। परन्तु देह के वे अंग जो औरों से निर्बल देख पड़ते हैं, बहुत ही आवश्यक हैं। और देह के जिन अंगो को हम आदर के योग्य नहीं समझते हैं उन्ही को हम अधिक आदर देते हैं; और हमारे शोभाहीन अंग और भी बहुत शोभायमान हो जाते हैं। फिर भी हमारे शोभायमान अंगो केा इस का प्रयोजन नहीं, परन्तु परमेश्वर ने देह को ऐसा बना दिया है, कि जिस अंग को घटी थी उसी को और भी बहुत आदर हो। ताकि देह में फूट न पड़े, परन्तु अंग एक दूसरे की बराबर चिन्ता करें। इसलिये यदि एक अंग दु:ख पाता है, तो सब अंग उसके साथ दु:ख पाते हैं; और यदि एक अंग की बड़ाई होती है, तो उसके साथ सब अंग आनन्द मनाते हैं। इसी प्रकार तुम सब मिलकर मसीह की देह हो, और अलग अलग उसके अंग हो। और परमशॆवर ने कलीसिया में अलग अलग व्यक्ति नियुक्त किए हैं; प्रथम प्रेरित, दूसरे भविष्यद्वक्ता, तीसरे शिक्षक, फिर सामर्थ के काम करनेवाले, फिर चंगा करनेवाले, और उपकार करनेवाले, और प्रधान, और नाना प्रकार की भाषा बालनेवाले। क्या सब प्रेरित हैं? क्या सब भविष्यद्वक्ता हैं? क्या सब उपदेशक हैं? क्या सब सामर्थ के काम करनेवाले हैं? क्या सब को चंगा करने का बरदान मिला है? क्या सब नाना प्रकार की भाषा बोलते हैं? क्या सब अनुवाद करते हैं? तुम बड़ी से बड़ी बरदानों की धुन में रहो! परन्तु मैं तुम्हें और भी सब से उत्तम मार्ग बताता हूं।।
- Romans 12:4–5 रोमियों 12:4–5क्योंकि जैसे हमारी एक देह में बहुत से अंग हैं, और सब अंगों का एक ही सा काम नहीं। वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह होकर आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
- Philippians 2:12 फिलिप्पियों 2:12सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ।
Original words (Greek)
- Only · G3440μόνον mónon
- be · G4176πολιτεύομαι politeúomai
- becometh · G516ἀξίως axíōs
- gospel · G2098εὐαγγέλιον euangélion
- Christ · G5547Χριστός Christós
- that · G2443ἵνα hína
- whether · G1535εἴτε eíte
- come · G2064ἔρχομαι érchomai
- and · G2532καί kaí
- see · G1492εἴδω eídō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- else · G1535εἴτε eíte
- absent · G548ἄπειμι ápeimi
- hear · G191ἀκούω akoúō
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- affairs · G4012περί perí
- that · G3754ὅτι hóti
- fast · G4739στήκω stḗkō
- in · G1722ἐν en
- one · G1520εἷς heîs
- spirit · G4151πνεῦμα pneûma
- with · G5590ψυχή psychḗ
- one · G1520εἷς heîs
- mind · G5590ψυχή psychḗ
- together · G4866συναθλέω synathléō
- faith · G4102πίστις pístis
- gospel · G2098εὐαγγέλιον euangélion