Philippians · chapter 2 · verse 16
Philippians 2:16 in Hindi
कि मसीह के दिन मुझे घमण्ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।
Ki maseeh ke din mujhe ghamand karane kaa kaaran ho, ki na meraa daudanaa aur na meraa parishram karanaa vyarth huaa.
Philippians 2:16 in English
- King James Version (KJV)
- Holding forth the word of life; that I may rejoice in the day of Christ, that I have not run in vain, neither laboured in vain.
- World English Bible (WEB)
- holding up the word of life, that I may have something to boast in the day of Christ that I didn’t run in vain nor labor in vain.
- American Standard Version (ASV)
- holding forth the word of life; that I may have whereof to glory in the day of Christ, that I did not run in vain neither labor in vain.
- Bible in Basic English (BBE)
- Offering the word of life; so that I may have glory in you in the day of Christ, because my running was not for nothing and my work was not without effect.
- Darby Translation (DBY)
- holding forth [the] word of life, so as to be a boast for me in Christ's day, that I have not run in vain nor laboured in vain.
- Webster's Bible (WBS)
- Holding forth the word of life; that I may rejoice in the day of Christ, that I have not run in vain, neither labored in vain.
- Young's Literal Translation (YLT)
- the word of life holding forth, for rejoicing to me in regard to a day of Christ, that not in vain did I run, nor in vain did I labour;
Read in context
- 14सब काम बिना कुड़कुड़ाए और बिना विवाद के किया करो।
- 15ताकि तुम निर्दोष और भोले होकर टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान बने रहो, (जिन के बीच में तुम जीवन का वचन लिए हुए जगत में जलते दीपकों की नाईं दिखाई देते हो)।
- 16कि मसीह के दिन मुझे घमण्ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।
- 17और यदि मुझे तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवा के साथ अपना लोहू भी बहाना पड़े तौभी मैं आनन्दित हूं, और तुम सब के साथ आनन्द करता हूं।
- 18वैसे ही तुम भी आनन्दित हो, और मेरे साथ आनन्द करो॥
Cross references
- 1 Corinthians 9:26 1 कुरिन्थियों 9:26इसलिये मैं तो इसी रीति से दौड़ता हूं, परन्तु बेठिकाने नहीं, मैं भी इसी रीति से मुक्कों से लड़ता हूं, परन्तु उस की नाईं नहीं जो हवा पीटता हुआ लड़ता है।
- Galatians 2:2 गलातियों 2:2और मेरा जाना ईश्वरीय प्रकाश के अनुसार हुआ: और जो सुसमाचार मैं अन्यजातियों में प्रचार करता हूं, उस को मैं ने उन्हें बता दिया, पर एकान्त में उन्हीं को जो बड़े समझे जाते थे, ताकि ऐसा न हो, कि मेरी इस समय की, या अगली दौड़ धूप व्यर्थ ठहरे।
- 1 John 1:1 1 यूहन्ना 1:1उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा; और हाथों से छूआ।
- 1 Thessalonians 3:5 1 थिस्सलुनीकियों 3:5इस कारण जब मुझ से और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।
- 2 Corinthians 1:14 2 कुरिन्थियों 1:14जैसा तुम में से कितनों ने मान लिया है, कि हम तुम्हारे घमण्ड का कारण है; वैसे तुम भी प्रभु यीशु के दिन हमारे लिये घमण्ड का कारण ठहरोगे।।
- John 6:68 यूहन्ना 6:68शमौन पतरस ने उस को उत्तर दिया, कि हे प्रभु हम किस के पास जाएं? अनन्त जीवन की बातें तो तेरे ही पास हैं।
- John 6:63 यूहन्ना 6:63आत्मा तो जीवनदायक है, शरीर से कुछ लाभ नहीं: जो बातें मैं ने तुम से कहीं हैं वे आत्मा है, और जीवन भी हैं।
- Luke 12:8 लूका 12:8मैं तुम से कहता हूं जो कोई मनुष्यों के साम्हने मुझे मान लेगा उसे मनुष्य का पुत्रा भी परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामहने मान लेगा।
- Hebrews 4:12 इब्रानियों 4:12क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।
- Isaiah 49:4 यशायाह 49:4तब मैं ने कहा, मैं ने तो व्यर्थ परिश्रम किया, मैं ने व्यर्थ ही अपना बल खो दिया है; तौभी निश्चय मेरा न्याय यहोवा के पास है और मेरे परिश्रम का फल मेरे परमेश्वर के हाथ में है।।
- 2 Timothy 2:15–17 2 तीमुथियुस 2:15–17अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करनेवाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो। पर अशुद्ध बकवाद से बचा रह; क्योंकि ऐसे लोग और भी अभक्ति में बढ़ते जाएंगे। और उन का वचन सड़े- घाव की नाईं फैलता जाएगा: हुमिनयुस और फिलेतुस उन्हीं में से हैं।
- Romans 10:8–16 रोमियों 10:8–16परन्तु क्या कहती है? यह, कि वचन तेरे निकट है, तेरे मुंह में और तेरे मन में है; यह वही विश्वास का वचन है, जो हम प्रचार करते हैं। कि यदि तू अपने मुंह से यीशु को प्रभु जानकर अंगीकार करे और अपने मन से विश्वास करे, कि परमेश्वर ने उसे मरे हुओं में से जिलाया, तो तू निश्चय उद्धार पाएगा। क्योंकि धार्मिकता के लिये मन से विश्वास किया जाता है, और उद्धार के लिये मुंह से अंगीकार किया जाता है। क्योंकि पवित्रा शास्त्रा यह कहता है कि जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा। यहूदियों और यूनानियों में कुछ भेद नहीं, इसलिये कि वह सब का प्रभु है; और अपने सब नाम लेनेवालों के लिये उदार है। क्योंकि जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा। फिर जिस पर उन्हों ने विश्वास नहीं किया, वे उसका नाम क्योंकर लें? और जिस की नहीं सुनी उस पर क्योंकर विश्वास करें? और प्रचारक बिना क्योंकर सुनें? और यदि भेजे न जाएं, तो क्योंकर प्रचार करें? जैसा लिखा है, कि उन के पांव क्या ही सोहावने हैं, जो अच्छी बातों का सुसमाचार सुनाते हैं। परन्तु सब ने उस सुसमाचार पर कान न लगाया: यशायाह कहता है, कि हे प्रभु, किस ने हमारे समाचार की प्रतीति की है?
Original words (Greek)
- forth · G1907ἐπέχω epéchō
- word · G3056λόγος lógos
- life · G2222ζωή zōḗ
- that · G1519εἰς eis
- I · G1698ἐμοί emoí
- rejoice · G2745καύχημα kaúchēma
- in · G1519εἰς eis
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- Christ · G5547Χριστός Christós
- that · G3754ὅτι hóti
- have · G5143τρέχω tréchō
- not · G3756οὐ ou
- run · G5143τρέχω tréchō
- in · G1519εἰς eis
- vain · G2756κενός kenós
- neither · G3761οὐδέ oudé
- laboured · G2872κοπιάω kopiáō
- in · G1519εἰς eis
- vain · G2756κενός kenós