1 Thessalonians · chapter 3 · verse 5
1 Thessalonians 3:5 in Hindi
इस कारण जब मुझ से और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।
Is kaaran jab mujh se aur na rahaa gayaa, to tumhaare vishvaas kaa haal jaanane ke liye bhejaa, ki kaheem aisaa na ho, ki pareekshaa karanevaale ne tumhaaree pareekshaa kee ho, aur hamaaraa parishram vyarth ho gayaa ho.
1 Thessalonians 3:5 in English
- King James Version (KJV)
- For this cause, when I could no longer forbear, I sent to know your faith, lest by some means the tempter have tempted you, and our labour be in vain.
- World English Bible (WEB)
- For this cause I also, when I couldn’t stand it any longer, sent that I might know your faith, for fear that by any means the tempter had tempted you, and our labor would have been in vain.
- American Standard Version (ASV)
- For this cause I also, when I could no longer forbear, sent that I might know your faith, lest by any means the tempter had tempted you, and our labor should be in vain.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this reason, when I was no longer able to keep quiet, I sent to get news of your faith, fearing that you might be tested by the Evil One and that our work might come to nothing.
- Darby Translation (DBY)
- For this reason I also, no longer able to refrain myself, sent to know your faith, lest perhaps the tempter had tempted you and our labour should be come to nothing.
- Webster's Bible (WBS)
- For this cause, when I could no longer forbear, I sent to know your faith, lest by some means the tempter may have tempted you, and our labor be in vain.
- Young's Literal Translation (YLT)
- because of this also, I, no longer forbearing, did send to know your faith, lest he who is tempting did tempt you, and in vain might be our labour.
Read in context
- 3कि कोई इन क्लेशों के कारण डगमगा न जाए; क्योंकि तुम आप जानते हो, कि हम इन ही के लिये ठहराए गए हैं।
- 4क्योंकि पहिले भी, जब हम तुम्हारे यहां थे, तो तुम ने कहा करते थे, कि हमें क्लेश उठाने पड़ेंगे, और ऐसा ही हुआ है, और तुम जानते भी हो।
- 5इस कारण जब मुझ से और न रहा गया, तो तुम्हारे विश्वास का हाल जानने के लिये भेजा, कि कहीं ऐसा न हो, कि परीक्षा करनेवाले ने तुम्हारी परीक्षा की हो, और हमारा परिश्रम व्यर्थ हो गया हो।
- 6पर अभी तीमुथियुस ने जो तुम्हारे पास से हमारे यहां आकर तुम्हारे विश्वास और प्रेम का सुसमाचार सुनाया और इस बात को भी सुनाया, कि तुम सदा प्रेम के साथ हमें स्मरण करते हो, और हमारे देखने की लालसा रखते हो, जैसा हम भी तुम्हें देखने की।
- 7इसलिये हे भाइयों, हम ने अपनी सारी सकेती और क्लेश में तुम्हारे विश्वास से तुम्हारे विषय में शान्ति पाई।
Cross references
- James 1:13–14 याकूब 1:13–14जब किसी ही परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वही किसी की परीक्षा आप करता है। परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंचकर, और फंसकर परीक्षा में पड़ता है।
- Matthew 4:3 मत्ती 4:3तब परखनेवाले ने पास आकर उस से कहा, यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो कह दे, कि ये पत्थर रोटियां बन जाएं।
- 2 Corinthians 2:11 2 कुरिन्थियों 2:11कि शैतान का हम पर दांव न चले, क्योंकि हम उस की युक्तियों से अनजान नहीं।
- Isaiah 49:4 यशायाह 49:4तब मैं ने कहा, मैं ने तो व्यर्थ परिश्रम किया, मैं ने व्यर्थ ही अपना बल खो दिया है; तौभी निश्चय मेरा न्याय यहोवा के पास है और मेरे परिश्रम का फल मेरे परमेश्वर के हाथ में है।।
- Philippians 2:16 फिलिप्पियों 2:16कि मसीह के दिन मुझे घमण्ड करने का कारण हो, कि न मेरा दौड़ना और न मेरा परिश्रम करना व्यर्थ हुआ।
- Galatians 1:6–9 गलातियों 1:6–9मुझे आश्चर्य होता है, कि जिस ने तुम्हें मसीह के अनुग्रह से बुलाया उस से तुम इतनी जल्दी फिर कर और ही प्रकार के सुसमाचार की ओर झुकने लगे। परन्तु वह दूसरा सुसमाचार है ही नहीं: पर बात यह है, कि कितने ऐसे हैं, जो तुम्हें घबरा देते, और मसीह के सुसमाचार को बिगाड़ना चाहते हैं। परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हम ने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो स्त्रामित हो। जैसा हम पहिले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूं, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो स्त्रापित हो। अब मैं क्या मनुष्यों को मानता हूं या परमेश्वर को? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूं?
- Ephesians 4:14 इफिसियों 4:14ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग- विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर- उधर घुमाए जाते हों।
- 2 Corinthians 11:13–15 2 कुरिन्थियों 11:13–15क्योंकि ऐसे लोग झूठे प्रेरित, और छल से काम करनेवाले, और मसीह के प्रेरितों का रूप धरनेवाले हैं। और यह कुछ अचम्भे की बात नहीं क्योंकि शैतान आप भी ज्योतिमर्य स्वर्गदूत का रूप धारण करता है। सो यदि उसके सेवक भी धर्म के सेवकों का सा रूप धरें, तो कुछ बड़ी बात नहीं परन्तु उन का अन्त उन के कामों के अनुसार होगा।
- 1 Thessalonians 3:1–2 1 थिस्सलुनीकियों 3:1–2इसलिये जब हम से और भी न रहा गया, तो हम ने यह ठहराया कि एथेन्स में अकेले रह जाएं। और हम ने तीमुथियुस को जो मसीह के सुसमाचार में हमारा भाई, और परमेश्वर का सेवक है, इसलिये भेजा, कि वह तुम्हें स्थिर करे; और तुम्हारे विश्वास के विषय में तुम्हें समझाए।
- Galatians 4:11 गलातियों 4:11मैं तुम्हारे विषय में डरता हूं, कहीं ऐसा न हो, कि जो परिश्रम मैं नं तुम्हारे लिये किया है व्यर्थ ठहरे।।
- Galatians 2:2 गलातियों 2:2और मेरा जाना ईश्वरीय प्रकाश के अनुसार हुआ: और जो सुसमाचार मैं अन्यजातियों में प्रचार करता हूं, उस को मैं ने उन्हें बता दिया, पर एकान्त में उन्हीं को जो बड़े समझे जाते थे, ताकि ऐसा न हो, कि मेरी इस समय की, या अगली दौड़ धूप व्यर्थ ठहरे।
- 2 Corinthians 11:2–3 2 कुरिन्थियों 11:2–3क्योंकि मैं तुम्हारे विषय मे ईश्वरीय धुन लगाए रहता हूं, इसलिये कि मैं ने एक ही पुरूष से तुम्हारी बात लगाई है, कि तुम्हें पवित्रा कुंवारी की नाई मसीह को सौंप दूं। परन्तु मैं डरता हूं कि जैसे सांप ने अपनी चतुराई से हव्वा को बहकाया, वैसे ही तुम्हारे मन उस सीधाई और पवित्राता से जो मसीह के साथ होनी चाहिए कहीं भ्रष्ट न किए जाएं।
Original words (Greek)
- For · G1223διά diá
- this · G5124τοῦτο toûto
- cause · G1223διά diá
- I · G2504κἀγώ kagṓ
- could · G4722στέγω stégō
- longer · G3371μηκέτι mēkéti
- forbear · G4722στέγω stégō
- sent · G3992πέμπω pémpō
- to · G1519εἰς eis
- know · G1097γινώσκω ginṓskō
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- faith · G4102πίστις pístis
- means · G3381μήπως mḗpōs
- tempter · G3985πειράζω peirázō
- tempted · G3985πειράζω peirázō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- and · G2532καί kaí
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- labour · G2873κόπος kópos
- be · G1096γίνομαι gínomai
- in · G1519εἰς eis
- vain · G2756κενός kenós