Proverbs · chapter 12 · verse 10
Proverbs 12:10 in Hindi
धर्मी अपने पशु के भी प्राण की सुधि रखता है, परन्तु दुष्टों की दया भी निर्दयता है।
Dharmee apane pashu ke bhee praan kee sudhi rakhataa hai, parantu dushtom kee dayaa bhee nirdayataa hai.
Proverbs 12:10 in English
- King James Version (KJV)
- A righteous [man] regardeth the life of his beast: but the tender mercies of the wicked [are] cruel.
- World English Bible (WEB)
- A righteous man respects the life of his animal, but the tender mercies of the wicked are cruel.
- American Standard Version (ASV)
- A righteous man regardeth the life of his beast; But the tender mercies of the wicked are cruel.
- Bible in Basic English (BBE)
- An upright man has thought for the life of his beast, but the hearts of evil-doers are cruel.
- Darby Translation (DBY)
- A righteous man is concerned for the life of his beast; but the tender mercies of the wicked are cruel.
- Webster's Bible (WBS)
- A righteous [man] regardeth the life of his beast: but the tender mercies of the wicked [are] cruel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The righteous knoweth the life of his beast, And the mercies of the wicked [are] cruel.
Read in context
- 8मनुष्य कि बुद्धि के अनुसार उसकी प्रशंसा होती है, परन्तु कुटिल तुच्छ जाना जाता है।
- 9जो रोटी की आस लगाए रहता है, और बड़ाई मारता है, उस से दास रखनेवाला तुच्छ मनुष्य भी उत्तम है।
- 10धर्मी अपने पशु के भी प्राण की सुधि रखता है, परन्तु दुष्टों की दया भी निर्दयता है।
- 11जो अपनी भूमि को जोतता, वह पेट भर खाता है, परन्तु जो निकम्मों की संगति करता, वह निर्बुद्धि ठहरता है।
- 12दुष्ट जन बुरे लोगों के जाल की अभिलाषा करते हैं, परन्तु धर्मियों की जड़ हरी भरी रहती है।
Cross references
- Deuteronomy 25:4 व्यवस्थाविवरण 25:4दांवते समय चलते हुए बैल का मुंह न बान्धना।
- Numbers 22:28–32 गिनती 22:28–32तब यहोवा ने गदही का मुंह खोल दिया, और वह बिलाम से कहने लगी, मैं ने तेरा क्या किया है, कि तू ने मुझे तीन बार मारा? बिलाम ने गदही से कहा, यह कि तू ने मुझ से नटखटी की। यदि मेरे हाथ में तलवार होती तो मैं तुझे अभी मार डालता। गदही ने बिलाम से कहा क्या मैं तेरी वही गदही नहीं जिस पर तू जन्म से आज तक चढ़ता आया है? क्या मैं तुझ से कभी ऐसा करती थी? वह बोला, नहीं। तब यहोवा ने बिलाम की आंखे खोलीं, और उसको यहोवा का दूत हाथ में नंगी तलवार लिये हुए मार्ग में खड़ा दिखाई पड़ा; तब वह झुक गया, और मुंह के बल गिरके दण्डवत की। यहोवा के दूत ने उस से कहा, तू ने अपनी गदही को तीन बार क्यों मारा? सुन, तेरा विरोध करने को मैं ही आया हूं, इसलिये कि तू मेरे साम्हने उलटी चाल चलता है;
- Genesis 33:13–14 उत्पत्ति 33:13–14याकूब ने कहा, हे मेरे प्रभु, तू जानता ही है कि मेरे साथ सुकुमार लड़के, और दूध देनेहारी भेड़- बकरियां और गायें है; यदि ऐसे पशु एक दिन भी अधिक हांके जाएं, तो सब के सब मर जाएंगे। सो मेरा प्रभु अपने दास के आगे बढ़ जाए, और मैं इन पशुओं की गति के अनुसार, जो मेरे आगे है, और लड़केबालों की गति के अनुसार धीरे धीरे चलकर सेईर में अपने प्रभु के पास पहुंचूंगा।
- James 2:13–16 याकूब 2:13–16क्योंकि जिस ने दया नहीं की, उसका न्याय बिना दया के होगा: दया न्याय पर जयवन्त होती है।। हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्या लाभ? क्या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है? यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्हें प्रति दिन भोजन की घटी हो। और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ?
- 1 John 3:17 1 यूहन्ना 3:17पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है?