Proverbs · chapter 12 · verse 18
Proverbs 12:18 in Hindi
ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
Aise log haim jinakaa binaa sochavichaar kaa bolanaa talavaar kee naaee chubhataa hai, parantu buddhimaan ke bolane se log change hote hain.
Proverbs 12:18 in English
- King James Version (KJV)
- There is that speaketh like the piercings of a sword: but the tongue of the wise [is] health.
- World English Bible (WEB)
- There is one who speaks rashly like the piercing of a sword, but the tongue of the wise heals.
- American Standard Version (ASV)
- There is that speaketh rashly like the piercings of a sword; But the tongue of the wise is health.
- Bible in Basic English (BBE)
- There are some whose uncontrolled talk is like the wounds of a sword, but the tongue of the wise makes one well again.
- Darby Translation (DBY)
- There is that babbleth like the piercings of a sword; but the tongue of the wise is health.
- Webster's Bible (WBS)
- There is that speaketh like the piercings of a sword: but the tongue of the wise [is] health.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A rash speaker is like piercings of a sword, And the tongue of the wise is healing.
Read in context
- 16मूढ़ की रिस उसी दिन प्रगट हो जाती है, परन्तु चतुर अपमान को छिपा रखता है।
- 17जो सच बोलता है, वह धर्म प्रगट करता है, परन्तु जो झूठी साक्षी देता, वह छल प्रगट करता है।
- 18ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
- 19सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूढ पल ही भर का होता है।
- 20पुरी युक्ति करनेवालों के मन में छल रहता है, परन्तु मेल की युक्ति करनेवालों को आनन्द होता है।
Cross references
- Proverbs 16:24 नीतिवचन 16:24मनभावने वचन मधुभरे छते की नाईं प्राणों को मीठे लगते, और हडि्डयों को हरी- भरी करते हैं।
- Proverbs 15:4 नीतिवचन 15:4शान्ति देनेवाली बात जीवन- वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है।
- Psalm 57:4 भजन संहिता 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।।
- Proverbs 10:20–21 नीतिवचन 10:20–21धर्मी के वचन तो उत्तम चान्दी हैं; परन्तु दुष्टों का मन बहुत हलका होता है। धर्मी के वचनों से बहुतों का पालनपोषण होता है, परन्तु मूढ़ लोग निर्बुद्धि होने केस्रारण मर जाते हैं।
- James 3:6–8 याकूब 3:6–8जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है।
- Psalm 52:2 भजन संहिता 52:2तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सारे धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है।
- Proverbs 25:18 नीतिवचन 25:18जो किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी देता है, वह मानो हथौड़ा और तलवार और पैना तीर है।
- Proverbs 4:22 नीतिवचन 4:22क्योंकि जिनकों वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं।
- Proverbs 15:7 नीतिवचन 15:7बुद्धिमान लोग बातें करने से ज्ञान को फैलाते हैं, परन्तु मूर्खों का मन ठीक नहीं रहता।
- Daniel 11:33 दानिय्येल 11:33और लोगों को सिखानेवाले बुद्धिमान जन बहुतों को समझाएंगे, तौभी वे बहुत दिन तक तलवार से छिदकर और आग में जलकर, और बंधुए होकर और लुटकर, बड़े दु:ख में पड़े रहेंगे।
- Proverbs 13:17 नीतिवचन 13:17दुष्ट दूत बुराई में फंसता है, परन्तु विश्वासयोग्य दूत से कुशलक्षेम होता है।
- Psalm 64:3 भजन संहिता 64:3उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है;