Proverbs · chapter 14 · verse 21
Proverbs 14:21 in Hindi
जो अपने पड़ोसी को तुच्छ जानता, वह पाप करता है, परन्तु जो दीन लोगों पर अनुग्रह करता, वह धन्य होता है।
Jo apane padosee ko tuchchh jaanataa, vah paap karataa hai, parantu jo deen logom par anugrah karataa, vah dhany hotaa hai.
Proverbs 14:21 in English
- King James Version (KJV)
- He that despiseth his neighbour sinneth: but he that hath mercy on the poor, happy [is] he.
- World English Bible (WEB)
- He who despises his neighbor sins, but he who has pity on the poor is blessed.
- American Standard Version (ASV)
- He that despiseth his neighbor sinneth; But he that hath pity on the poor, happy is he.
- Bible in Basic English (BBE)
- He who has no respect for his neighbour is a sinner, but he who has pity for the poor is happy.
- Darby Translation (DBY)
- He that despiseth his neighbour sinneth; but he that is gracious to the afflicted, happy is he.
- Webster's Bible (WBS)
- He that despiseth his neighbor sinneth: but he that hath mercy on the poor, happy [is] he.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whoso is despising his neighbour sinneth, Whoso is favouring the humble, O his happiness.
Read in context
- 19बुरे लोग भलों के सम्मुख, और दुष्ट लोग धर्मी के फाटक पर दण्डवत् करते हैं।
- 20निर्धन का पड़ोसी भी उस से घृणा करता है, परन्तु धनी के बहुतेरे प्रेमी होते हैं।
- 21जो अपने पड़ोसी को तुच्छ जानता, वह पाप करता है, परन्तु जो दीन लोगों पर अनुग्रह करता, वह धन्य होता है।
- 22जो बुरी युक्ति निकालते हैं, क्या वे भ्रम में नहीं पड़ते? परन्तु भली युक्ति निकालनेवालों से करूणा और सच्चाई का व्यवहार किया जाता है।
- 23परिश्रम से सदा लाभ होता है, परन्तु बकवाद करने से केवल घटती होती है।
Cross references
- Proverbs 11:12 नीतिवचन 11:12जो अपने पड़ोसी को तुच्छ जानता है, वह निर्बुद्धि है, परन्तु समझदार पुरूष चुपचाप रहता है।
- Proverbs 19:17 नीतिवचन 19:17जो कंगाल पर अनुग्रह करता है, वह यहोवा को उधार देता है, और वह अपने इस काम का प्रतिफल पाएगा।
- Proverbs 28:27 नीतिवचन 28:27जो निर्धन को दान देता है उसे घटी नहीं होती, परन्तु जो उस से दुष्टि फेर लेता है वह शाप पर शाप पाता है।
- Proverbs 17:5 नीतिवचन 17:5जो निर्धन को ठट्ठों में उड़ाता है, वह उसके कर्त्ता की निन्दा करता है; और जो किसी की विपत्ति पर हंसता, वह निर्दोष नहीं ठहरेगा।
- 1 John 3:17–22 1 यूहन्ना 3:17–22पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें। इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है। और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है; क्योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं; और जो उसे भाता है वही करते हैं।
- Proverbs 14:31 नीतिवचन 14:31जो कंगाल पर अंधेर करता, वह उसके कर्ता की निन्द करता है, परन्तु जो दरिद्र पर अनुग्रह करता, वह उसकी महिमा करता है।
- Proverbs 18:3 नीतिवचन 18:3जहां दुष्ट आता, वहां अपमान भी आता है; और निन्दित काम के साथ नामधराई होती है।
- Hebrews 6:12 इब्रानियों 6:12ताकि तुम आलसी न हो जाओ; बरन उन का अनुकरण करो, जो विश्वास और धीरज के द्वारा प्रतिज्ञाओं के वारिस होते हैं।
- Ecclesiastes 11:1–2 सभोपदेशक 11:1–2अपनी रोटी जल के ऊपर डाल दे, क्योंकि बहुत दिन के बाद तू उसे फिर पाएगा। सात वरन आठ जनों को भी भाग दे, क्योंकि तू नहीं जानता कि पृथ्वी पर क्या विपत्ति आ पड़ेगी।
- Job 35:5–6 अय्यूब 35:5–6आकाश की ओर दृष्टि करके देख; और आकाशमणडल को ताक, जो तुझ से ऊंचा है। यदि तू ने पाप किया है तो ईश्वर का क्या बिगड़ता है? यदि तेरे अपराध बहुत ही बढ़ जाएं तौभी तू उसके साथ क्या करता है?
- Psalm 41:1–2 भजन संहिता 41:1–2क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा। यहोवा उसकी रक्षा करके उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर भाग्यवान होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़।
- Psalm 112:5 भजन संहिता 112:5जो पुरूष अनुग्रह करता और उधार देता है, उसका कल्याण होता है, वह न्याय में अपने मुक में को जीतेगा।