Proverbs · chapter 14 · verse 28
Proverbs 14:28 in Hindi
राजा की महिमा प्रजा की बहुतायत से होती है, परन्तु जहां प्रजा नहीं, वहां हाकिम नाश हो जाता है।
Raajaa kee mahimaa prajaa kee bahutaayat se hotee hai, parantu jahaam prajaa naheem, vahaam haakim naash ho jaataa hai.
Proverbs 14:28 in English
- King James Version (KJV)
- In the multitude of people [is] the king’s honour: but in the want of people [is] the destruction of the prince.
- World English Bible (WEB)
- In the multitude of people is the king’s glory, but in the lack of people is the destruction of the prince.
- American Standard Version (ASV)
- In the multitude of people is the king’s glory; But in the want of people is the destruction of the prince.
- Bible in Basic English (BBE)
- A king's glory is in the number of his people: and for need of people a ruler may come to destruction.
- Darby Translation (DBY)
- In the multitude of people is the king's glory; but in the lack of people is the ruin of a prince.
- Webster's Bible (WBS)
- In the multitude of people [is] the king's honor: but in the want of people [is] the destruction of the prince.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In the multitude of a people [is] the honour of a king, And in lack of people the ruin of a prince.
Read in context
- 26यहोवा के भय मानने से दृढ़ भरोसा होता है, और उसके पुत्रों केा शरणस्थान मिलता है।
- 27यहोवा का भय मानना, जीवन का सोता है, और उसके द्वारा लोग मृत्यु के फन्दों से बच जाते हैं।
- 28राजा की महिमा प्रजा की बहुतायत से होती है, परन्तु जहां प्रजा नहीं, वहां हाकिम नाश हो जाता है।
- 29जो विलम्ब से क्रोध करनेवाला है वह बड़ा समझवाला है, परन्तु जो अधीर है, वह मूढ़ता की बढ़ती करता है।
- 30शान्त मन, तन का जीवन है, परन्तु मन के जलने से हडि्डयां भी जल जाती हैं।
Cross references
- 1 Kings 4:20–21 1 राजा 4:20–21यहूदा और इस्राएल के लोग बहुत थे, वे समुद्र के तीर पर की बालू के किनकों के समान बहुत थे, और खाते-पीते और आनन्द करते रहे। सुलैमान तो महानद से ले कर पलिश्तियों के देश, और मिस्र के सिवाने तक के सब राज्यों के ऊपर प्रभुता करता था और अनके लोग सुलैमान के जीवत भर भेंट लाते, और उसके आधीन रहते थे।
- Exodus 1:22 निर्गमन 1:22तब फिरौन ने अपनी सारी प्रजा के लोगों को आज्ञा दी, कि इब्रियों के जितने बेटे उत्पन्न हों उन सभों को तुम नील नदी में डाल देना, और सब बेटियों को जीवित रख छोड़ना।।
- 2 Kings 13:7 2 राजा 13:7अराम के राजा ने तो यहोआहाज की सेना में से केवल पचास सवार, दस रथ, और दस हजार प्यादे छोड़ दिए थे; क्योंकि उस ने उनको नाश किया, और रौंद रौंदकर के धूलि में मिला दिया था।
- Exodus 1:12 निर्गमन 1:12पर ज्यों ज्यों वे उनको दु:ख देते गए त्यों त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए; इसलिये वे इस्राएलियों से अत्यन्त डर गए।
- 1 Kings 20:27 1 राजा 20:27और इस्राएली भी इकट्ठे किए गए, और उनके भोजन की तैयारी हुई; तब वे उनका साम्हना करने को गए, और इस्राएली उनके साम्हने डेरे डालकर बकरियों के दो छोटे झुण्ड से देख पड़े, परन्तु अरामियों से देश भर गया।
- 2 Kings 10:32–33 2 राजा 10:32–33उन दिनों यहोवा इस्राएल को घटाने लगा, इसलिये हजाएल ने इस्राएल के उन सारे देशों में उन को मारा: यरदन से पूरब की ओर गिलाद का सारा देश, और गादी और रूबेनी और मनश्शेई का देश अर्थात अरोएर से ले कर जो अर्नोन की तराई के पास है, गिलाद और बाशान तक।