Exodus · chapter 1 · verse 12
Exodus 1:12 in Hindi
पर ज्यों ज्यों वे उनको दु:ख देते गए त्यों त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए; इसलिये वे इस्राएलियों से अत्यन्त डर गए।
Par jyom jyom ve unako du:kh dete gae tyom tyom ve badhate aur phailate chale gae; isaliye ve israaeliyom se atyant dar gae.
Exodus 1:12 in English
- King James Version (KJV)
- But the more they afflicted them, the more they multiplied and grew. And they were grieved because of the children of Israel.
- World English Bible (WEB)
- But the more they afflicted them, the more they multiplied and the more they spread out. They started to dread the children of Israel.
- American Standard Version (ASV)
- But the more they afflicted them, the more they multiplied and the more they spread abroad. And they were grieved because of the children of Israel.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the more cruel they were to them, the more their number increased, till all the land was full of them. And the children of Israel were hated by the Egyptians.
- Darby Translation (DBY)
- But the more they afflicted them, the more they multiplied and spread; and they were distressed because of the children of Israel.
- Webster's Bible (WBS)
- But the more they afflicted them, the more they multiplied and grew. And they were grieved because of the children of Israel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and as they afflict it, so it multiplieth, and so it breaketh forth, and they are vexed because of the sons of Israel;
Read in context
- 10इसलिये आओ, हम उनके साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करें, कहीं ऐसा न हो कि जब वे बहुत बढ़ जाएं, और यदि संग्राम का समय आ पड़े, तो हमारे बैरियों से मिलकर हम से लड़ें और इस देश से निकल जाएं।
- 11इसलिये उन्हों ने उन पर बेगारी करानेवालों को नियुक्त किया कि वे उन पर भार डाल डालकर उनको दु:ख दिया करें; तब उन्हों ने फिरौन के लिये पितोम और रामसेस नाम भण्डारवाले नगरों को बनाया।
- 12पर ज्यों ज्यों वे उनको दु:ख देते गए त्यों त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए; इसलिये वे इस्राएलियों से अत्यन्त डर गए।
- 13तौभी मिस्त्रियों ने इस्राएलियों से कठोरता के साथ सेवकाई करवाई।
- 14और उनके जीवन को गारे, ईंट और खेती के भांति भांति के काम की कठिन सेवा से दु:खी कर डाला; जिस किसी काम में वे उन से सेवा करवाते थे उस में वे कठोरता का व्यवहार करते थे।
Cross references
- Psalm 105:24 भजन संहिता 105:24तब उस ने अपनी प्रजा को गिनती में बहुत बढ़ाया, और उसके द्रोहियो से अधिक बलवन्त किया।
- Exodus 1:9 निर्गमन 1:9और उस ने अपनी प्रजा से कहा, देखो, इस्राएली हम से गिनती और सामर्थ्य में अधिक बढ़ गए हैं।
- Romans 8:28 रोमियों 8:28और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
- Acts 5:28–33 प्रेरितों के काम 5:28–33क्या हम ने तुम्हें चिताकर आज्ञा न दी थी, कि तुम इस नाम से उपदेश न करना? तौभी देखो, तुम ने सारे यरूशलेम को अपने उपदेश से भर दिया है और उस व्यक्ति का लोहू हमारी गर्दन पर लाना चाहते हो। तक पतरस और, और प्रेरितों ने उत्तर दिया, कि मनुष्यों की आज्ञा से बढ़कर परमेश्वर की आज्ञा का पालन करना ही कर्तव्य कर्म है। हमारे बापदादों के परमेश्वर ने यीशु को जिलाया, जिसे तुम ने क्रूस पर लटकाकर मार डाला था। उसी को परमेश्वर ने प्रभु और उद्धारक ठहराकर, अपने दहिने हाथ से सर्वोच्च कर दिया, कि वह इस्त्राएलियों को मन फिराव की शक्ति और पापों की क्षमा प्रदान करे। और हम इन बातों के गवाह हैं, और पवित्रा आत्मा भी, जिसे परमेश्वर ने उन्हें दिया है, जो उस की आज्ञा मानते हैं।। यह सुनकर वे जल गए, और उन्हें मार डालना चाहा।
- Acts 4:2–4 प्रेरितों के काम 4:2–4क्योंकि वे बहुत क्रोधित हुए कि वे लोगों को सिखाते थे और यीशु का उदाहरण दे देकर मरे हुओं के जी उठने का प्रचार करते थे। और उन्हों ने उन्हें पकड़कर दूसरे दिन तक हवालात में रखा क्योंकि सन्धया हो गई थी। परन्तु वचन के सुननेवालों में से बहुतों ने विश्वास किया, और उन की गिनती पांच हजार पुरूषों के लगभग हो गई।।
- John 12:19 यूहन्ना 12:19तब फरीसियों ने आपस में कहा, सोचो तो सही कि तुम से कुछ नहीं बन पड़ता: देखो, संसार उसके पीछे हो चला है।।