1 Kings · chapter 4 · verse 20
1 Kings 4:20 in Hindi
यहूदा और इस्राएल के लोग बहुत थे, वे समुद्र के तीर पर की बालू के किनकों के समान बहुत थे, और खाते-पीते और आनन्द करते रहे।
Yahoodaa aur israael ke log bahut the, ve samudr ke teer par kee baaloo ke kinakom ke samaan bahut the, aur khaate-peete aur aanand karate rahe.
1 Kings 4:20 in English
- King James Version (KJV)
- Judah and Israel [were] many, as the sand which [is] by the sea in multitude, eating and drinking, and making merry.
- World English Bible (WEB)
- Judah and Israel were numerous as the sand which is by the sea in multitude, eating and drinking and making merry.
- American Standard Version (ASV)
- Judah and Israel were many as the sand which is by the sea in multitude, eating and drinking and making merry.
- Bible in Basic English (BBE)
- Judah and Israel were as great in number as the sand by the seaside, and they took their food and drink with joy in their hearts.
- Darby Translation (DBY)
- Judah and Israel were many, as the sand which is by the sea in multitude, eating and drinking and making merry.
- Webster's Bible (WBS)
- Judah and Israel [were] many, as the sand which [is] by the sea in multitude, eating and drinking, and making merry.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Judah and Israel [are] many, as the sand that [is] by the sea for multitude, eating and drinking and rejoicing.
Read in context
- 18और बिन्यामीन में एला का पुत्र शिमी था।
- 19ऊरी का पुत्र गेबेर गिलाद में अर्थात एमोरियों के राजा सीहान और बाशान के राजा ओग के देश में था, इस समस्त देश में वही भणडारी था।
- 20यहूदा और इस्राएल के लोग बहुत थे, वे समुद्र के तीर पर की बालू के किनकों के समान बहुत थे, और खाते-पीते और आनन्द करते रहे।
- 21सुलैमान तो महानद से ले कर पलिश्तियों के देश, और मिस्र के सिवाने तक के सब राज्यों के ऊपर प्रभुता करता था और अनके लोग सुलैमान के जीवत भर भेंट लाते, और उसके आधीन रहते थे।
- 22और सुलैमान की एक दिन की रसोई में इतना उठता था, अर्थात तीस कोर मैदा,
Cross references
- 1 Kings 3:8 1 राजा 3:8फिर तेरा दास तेरी चुनी हुई प्रजा के बहुत से लोगों के मध्य में है, जिनकी गिनती बहुतायत के मारे नहीं हो सकती।
- Genesis 22:17 उत्पत्ति 22:17इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूंगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की बालू के किनकों के समान अनगिनित करूंगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा:
- Genesis 32:12 उत्पत्ति 32:12उस ने कहा, आंखे उठाकर उन सब बकरों को, जो बकरियों पर चढ़ रहे हैं, देख, कि वे धारीवाले, चित्तीवाले, और धब्बेवाले हैं; क्योंकि जो कुछ लाबान तुझ से करता है, सो मैं ने देखा है।
- Job 1:18 अय्यूब 1:18वह अभी यह कह ही रहा था, कि एक और भी आकर कहने लगा, तेरे बेट- बेटियां बड़े भाई के घर में खाते और दाखमधु पीते थे,
- 1 Chronicles 12:39 1 इतिहास 12:39और वे वहां तीन दिन दाऊद के संग खाते पीते रहे, क्योंकि उनक भाइयों ने उनके लिये तैयारी की थी।
- Acts 2:46 प्रेरितों के काम 2:46और वे प्रति दिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे।
- Ecclesiastes 2:24 सभोपदेशक 2:24मनुष्य के लिये खाने- पीने और परिश्रम करते हुए अपने जीव को सुखी रखने के सिवाय और कुछ भी अच्छा नहीं। मैं ने देखा कि यह भी परमेश्वर की ओर से मिलता है।
- Zechariah 9:15 जकर्याह 9:15सेनाओं का यहोवा ढाल से उन्हें बचाएगा, और वे अपने शत्रुओं का नाश करेंगे, और उनके गोफन के पत्थरों पर पांव धरेंगे; और वे पीकर ऐसा कोलाहल करेंगे जैसा लोग दाखमधु पीकर करते हैं; और वे कटोरे की नाईं वा वेदी के कोने की नाईं भरे जाएगें।।
- Proverbs 14:28 नीतिवचन 14:28राजा की महिमा प्रजा की बहुतायत से होती है, परन्तु जहां प्रजा नहीं, वहां हाकिम नाश हो जाता है।
- Genesis 13:16 उत्पत्ति 13:16और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों की नाई बहुत करूंगा, यहां तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा।
- Psalm 72:3–7 भजन संहिता 72:3–7पहाडों और पहाड़ियों से प्रजा के लिये, धर्म के द्वारा शान्ति मिला करेगी वह प्रजा के दीन लोगों का न्याय करेगा, और दरिद्र लोगों को बचाएगा; और अन्धेर करनेवालों को चूर करेगा।। जब तक सूर्य और चन्द्रमा बने रहेंगे तब तक लोग पीढ़ी- पीढ़ी तेरा भय मानते रहेंगे। वह घास की खूंटी पर बरसनेवाले मेंह, और भूमि सींचनेवाली झाड़ियों के समान होगा। उसके दिनों में धर्मी फूले फलेंगे, और जब तक चन्द्रमा बना रहेगा, तब तक शान्ति बहुत रहेगी।।
- Genesis 15:5 उत्पत्ति 15:5और उस ने उसको बाहर ले जाके कहा, आकाश की ओर दृष्टि करके तारागण को गिन, क्या तू उनको गिन सकता है? फिर उस ने उस से कहा, तेरा वंश ऐसा ही होगा।