Proverbs · chapter 21 · verse 22
Proverbs 21:22 in Hindi
बुद्धिमान शूरवीरों के नगर पर चढ़कर, उनके बल को जिस पर वे भरोसा करते हैं, नाश करता है।
Buddhimaan shooraveerom ke nagar par chadhakar, unake bal ko jis par ve bharosaa karate haim, naash karataa hai.
Proverbs 21:22 in English
- King James Version (KJV)
- A wise [man] scaleth the city of the mighty, and casteth down the strength of the confidence thereof.
- World English Bible (WEB)
- A wise man scales the city of the mighty, and brings down the strength of its confidence.
- American Standard Version (ASV)
- A wise man scaleth the city of the mighty, And bringeth down the strength of the confidence thereof.
- Bible in Basic English (BBE)
- A wise man goes up into the town of the strong ones, and overcomes its strength in which they put their faith.
- Darby Translation (DBY)
- A wise [man] scaleth the city of the mighty, and casteth down the strength of the confidence thereof.
- Webster's Bible (WBS)
- A wise [man] scaleth the city of the mighty, and casteth down the strength of its confidence.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A city of the mighty hath the wise gone up, And bringeth down the strength of its confidence.
Read in context
- 20बुद्धिमान के घर में उत्तम धन और तेल पाए जाते हैं, परन्तु मूर्ख उनको उड़ा डालता है।
- 21जो धर्म और कृपा का पीछा पकड़ता है, वह जीवन, धर्म और महिमा भी पाता है।
- 22बुद्धिमान शूरवीरों के नगर पर चढ़कर, उनके बल को जिस पर वे भरोसा करते हैं, नाश करता है।
- 23जो अपने मुंह को वश में रखता है वह अपने प्राण को विपत्तियों से बचाता है।
- 24जो अभिमन से रोष में आकर काम करता है, उसका नाम अभिमानी, और अंहकारी ठट्ठा करनेवाला पड़ता है।
Cross references
- Ecclesiastes 7:19 सभोपदेशक 7:19बुद्धि ही से नगर के दस हाकिमों की अपेक्षा बुद्धिमान को अधिक सामर्थ प्राप्त होती है।
- Proverbs 24:5 नीतिवचन 24:5बुद्धिमान पुरूष बलवान् भी होता है, और ज्ञानी जन अधिक शक्तिमान् होता है।
- Ecclesiastes 9:13–18 सभोपदेशक 9:13–18मैं ने सूर्य के नीचे इस प्रकार की बुद्धि की बात भी देखी है, जो मुझे बड़ी जान पड़ी। एक छोटा सा नगर था, जिस में थोड़े ही लोग थे; और किसी बड़े राजा ने उस पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया, और उसके विरूद्ध बड़े बड़े घुस बनवाए। परन्तु उस में एक दरिद्र बुद्धिमान पुरूष पाया गया, और उस ने उस नगर को अपनी बुद्धि के द्वारा बचाया। तौभी किसी ने उस दरिद्र का स्मरण न रखा। तब मैं ने कहा, यद्यपि दरिद्र की बुद्धि तुच्छ समझी जाती है और उसका वचन कोई नहीं सुनता तौभी पराक्रम से बुद्धि उत्तम है। बुद्धिमानों के वचन जो धीमे धीमे कहे जाते हैं वे मूर्खों के बीच प्रभुता करनेवाले के चिल्ला चिल्लाकर कहने से अधिक सुने जाते हैं। लड़ाई के हथियारों से बुद्धि उत्तम है, परन्तु एक पापी बहुत भलाई नाश करता है।।
- 2 Samuel 20:16–22 2 शमूएल 20:16–22तब एक बुध्दिमान रूत्री ने नगर में से पुकारा, सुनो! सुनो! योआब से कहो, कि यहां आए, ताकि मैं उस से कुछ बातें करूं। जब योआब उसके निकट गया, तब स्त्री ने पूछा़, क्या तू योआब है? उस ने कहा, हां, मैं वही हूँ। फिर उस ने उस से कहा, अपनी दासी के वचन सुन। उस ने कहा, मैं तो सुन रहा हूँ। वह कहने लगी, प्राचीनकाल में तो लोग कहा करते थे, कि आबेल में पूछा़ जाए; और इस रीति झगड़े को निपटा देते थे। मैं तो मेलमिलापवाले और विश्वासयोग्य इस्राएलियों में से हूँ; परन्तु तू एक प्रधन नगर नाश करने का यत्न करता है; तू यहोवा के भाग को क्यों निगल जाएगा? योआब ने उत्तर देकर कहा, यह मुझ से दूर हो, दूर, कि मैं निगल जाऊं वा नाश करूं! बात ऐसी नहीं है। शेबा नाम एप्रैम के पहाड़ी देश का एक पुरूष जो बिक्री का पुत्रा है, उस ने दाऊद राजा के विरूद्ध हाथ उठााया है; तो तुम लोग केवल उसी को सौंप दो, तब मैं नगर को छो़ड़कर चला जाऊंगा। स्त्री ने योआब से कहा, उसका सिर शहरपनाह पर से तेरे पास फेंक दिया जाएगा। तब स्त्री अपनी बुध्दिमानी से सब लोगों के पास गई। तब उन्हों ने बिक्री के पुत्रा शेबा का सिर काटकर योआब के पास फेंक दिया। तब योआब ने नरसिंगा फूंका, और सब लोग नगर के पास से अलग अलग होकर अपने अपने डेरे को गए। और योआब यरूशलेम को राजा के पास लौट गया।
- 2 Samuel 5:6–9 2 शमूएल 5:6–9तब राजा ने अपने जनों को साथ लिए हुए यरूशलेम को जाकर यबूसियों पर चढ़ाई की, जो उस देश के निवासी थे। उन्हों ने यह समझकर, कि दाऊद यहां पैठ न सकेगा, उस से कहा, जब तक तू अन्धें और लंगड़ों को दूर न करे, तब तक यहां पैठने न पाएगा। तौभी दाऊद ने सिरयोन नाम गढ़ को ले लिया, वही दाऊदपुर भी कहलाता है। उस दिन दाऊद ने कहा, जो कोई यबूसियों को मारना चाहे, उसे चाहिये कि नाले से होकर चढ़े, और अन्धे और लंगड़े जिन से दाऊद मन से घिन करता है उन्हें मारे। इस से यह कहावत चली, कि अन्धे और लगड़े भवन में आने न पाएंगे। और दाऊद उस गढ़ में रहने लगा, और उसका नाम दाऊदपुर रखा। और दाऊद ने चारों ओर मिल्लो से लेकर भीतर की ओर शहरपनाह बनवाई।