Proverbs · chapter 24 · verse 22
Proverbs 24:22 in Hindi
क्योंकि उन पर विपत्ति अचानक आ पड़ेगी, और दोनों की ओर से आनेवाली आपत्ति को कौन जानता है?
Kyonki un par vipatti achaanak aa padegee, aur donom kee or se aanevaalee aapatti ko kaun jaanataa hai?
Proverbs 24:22 in English
- King James Version (KJV)
- For their calamity shall rise suddenly; and who knoweth the ruin of them both?
- World English Bible (WEB)
- for their calamity will rise suddenly. Who knows what destruction may come from them both?
- American Standard Version (ASV)
- For their calamity shall rise suddenly; And the destruction from them both, who knoweth it?
- Bible in Basic English (BBE)
- For their downfall will come suddenly; and who has knowledge of the destruction of those in high positions?
- Darby Translation (DBY)
- For their calamity shall rise suddenly; and who knoweth the ruin of them both?
- Webster's Bible (WBS)
- For their calamity shall rise suddenly; and who knoweth the ruin of them both?
- Young's Literal Translation (YLT)
- For suddenly doth their calamity rise, And the ruin of them both — who knoweth!
Read in context
- 20क्योंकि बुरे मनुष्य को अन्त में कुछ फल न मिलेगा, दुष्टों का दिया बुझा दिया जाएगा।।
- 21हे मेरे पुत्रा, यहोवा और राजा दोनों का भय मानना; और बलवा करनेवालों के साथ न मिलना;
- 22क्योंकि उन पर विपत्ति अचानक आ पड़ेगी, और दोनों की ओर से आनेवाली आपत्ति को कौन जानता है?
- 23बुद्धिमानों के वचन यह भी हैं।। न्याय में पक्षपात करना, किसी रीति भी अच्छा नहीं।
- 24जो दुष्ट से कहता है कि तू निर्दोष है, उसको तो हर समाज के लोग शाप देते और जाति जाति के लोग धमी देते हैं;
Cross references
- Psalm 90:11 भजन संहिता 90:11तेरे क्रोध की शक्ति को और तेरे भय के योग्य रोष को कौन समझता है?
- Numbers 16:31–35 गिनती 16:31–35वह ये सब बातें कह ही चुका था, कि भूमि उन लोगों के पांव के नीचे फट गई; और पृथ्वी ने अपना मुंह खोल दिया और उनका और उनका घरद्वार का सामान, और कोरह के सब मनुष्यों और उनकी सारी सम्पत्ति को भी निगल लिया। और वे और उनका सारा घरबार जीवित ही अधोलोक में जा पड़े; और पृथ्वी ने उनको ढंाप लिया, और वे मण्डली के बीच में से नष्ट हो गए। और जितने इस्त्राएली उनके चारों ओर थे वे उनका चिल्लाना सुन यह कहते हुए भागे, कि कहीं पृथ्वी हम को भी निगल न ले! तब यहोवा के पास से आग निकली, और उन अढ़ाई सौ धूप चढ़ानेवालों को भस्म कर डाला।।
- 2 Samuel 18:7–8 2 शमूएल 18:7–8वहां इस्राएली लोग दाऊद के जनों से हार गए, और उस दिन ऐसा बड़ा संहार हुआ कि बीस हजार खेत आए। और युठ्ठ उस समस्त देश में फैल गया; और उस दिन जितने लोग तलवार से मारे गए, उन से भी अधिक वन के कारण मर गए।
- 2 Chronicles 13:16–17 2 इतिहास 13:16–17और इस्राएली यहूदा के साम्हने से भागे, और परमेश्वर ने उन्हें उनके हाथ में कर दिया। और अबिरयाह और उसकी प्रजा ने उन्हें बड़ी मार से मारा, यहां तक कि इस्राएल में से पांच लाख छंटे हुए पुरूष मारे गए।
- Hosea 5:11 होशे 5:11एप्रैम पर अन्धेर किया गया है, वह मुक मा हार गया है; क्योंकि वह जी लगाकर उस आज्ञा पर चला।
- Hosea 13:10–11 होशे 13:10–11अब तेरा राजा कहां रहा कि तेरे सब नगरों में वह तुझे बचाए? और तेरे न्यायी कहां रहे, जिनके विषय में तू ने कहा था कि मेरे लिये राजा और हाकिम ठहरा दें? मैं ने क्रोध में आकर तेरे लिये राजा बनाये, और फिर जलजलाहट में आकर उनको हटा भी दिया।
- 1 Samuel 31:1–7 1 शमूएल 31:1–7पलिश्ती तो इस्राएलियों से लड़े; और इस्राएली पुरूष पलिश्तियों के साम्हने से भागे, और गिलबो नाम पहाड़ पर मारे गए। और पलिश्ती शाऊल और उसके पुत्रों के पीछे लगे रहे; और पलिश्तियों ने शाऊल के पुत्रा योनातन, अबीनादाब, और मल्कीश को मार डाला। और शाऊल के साथ धमासान युठ्ठ हो रहा था, और धनुर्धारियों ने उसे जा लिया, और वह उनके कारण अत्यन्त व्याकुल हो गया। तब शाऊल ने अपने हथियार ढोनेवाले से कहा, अपनी तलवार खींचकर मुझे झोंक दे, एसा न हो कि वे खतनारहित लोग आकर मुुझे झोंक दें, और मेरी ठट्टा करें। परन्तु अके हथियार ढोनेवाले ने अत्यन्त भय खाकर ऐसा करने से इन्कार किया। तब शाऊल अपनी तलवार खड़ी करके उस पर गिर पड़ा। यह देखकर कि शाऊल मर गया, उसका हथियार ढोनेवाला भी अपनी तलवार पर आप गिरकर उसके साथ मर गया। यों शाऊल, और उसके तीनों पुत्रा, और उसका हथियार ढोनेवाला, और उसके समस्त जन उसी दिन एक संग मर गए। यह देखकर कि इस्राएली पुरूष भाग गए, और शाऊल और उसके पुत्रा मर गए, उस तराई की परली ओर वाले औ यरदन के पार रहनेवाले भी इस्राएली मनुष्य अपने अपने नगरों को छोड़कर भाग गए; और पलिश्ती आकर उन में रहने लगे।
- Proverbs 20:2 नीतिवचन 20:2राजा का भय दिखाना, सिंह का गरजना है; जो उस पर रोष करता, वह अपने प्राण का अपराधी होता है।
- Proverbs 16:14 नीतिवचन 16:14राजा का क्रोध मृत्यु के दूत के समान है, परन्तु बुद्धिमान मनुष्य उसको ठण्डा करता है।