Proverbs · chapter 30 · verse 14
Proverbs 30:14 in Hindi
एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं, जिनके दांत तलवार और उनकी दाढ़ें छुरियां हैं, जिन से वे दीन लोगों को पृथ्वी पर से, और दरिद्रों को मनुष्यों में से मिटा डालें।।
Ek peedhee ke log aise haim, jinake daant talavaar aur unakee daadhem chhuriyaam haim, jin se ve deen logom ko pruthvee par se, aur daridrom ko manushyom mem se mitaa daalen..
Proverbs 30:14 in English
- King James Version (KJV)
- [There is] a generation, whose teeth [are as] swords, and their jaw teeth [as] knives, to devour the poor from off the earth, and the needy from [among] men.
- World English Bible (WEB)
- There is a generation whose teeth are like swords, and their jaws like knives, to devour the poor from the earth, and the needy from among men.
- American Standard Version (ASV)
- There is a generation whose teeth are [as] swords, and their jaw teeth [as] knives, To devour the poor from off the earth, and the needy from among men.
- Bible in Basic English (BBE)
- There is a generation whose teeth are like swords, their strong teeth like knives, for the destruction of the poor from the earth, and of those who are in need from among men.
- Darby Translation (DBY)
- — a generation whose teeth are swords, and their jaw-teeth knives, to devour the afflicted from off the earth, and the needy from [among] men.
- Webster's Bible (WBS)
- [There is] a generation, whose teeth [are as] swords, and their jaw-teeth [as] knives, to devour the poor from off the earth, and the needy from [among] men.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A generation — swords [are] their teeth, And knives — their jaw-teeth, To consume the poor from earth, And the needy from [among] men.
Read in context
- 12ऐसे लोग हैं जो अपनी दृष्टि में शुद्ध हैं, तौभी उनका मैल धोया नहीं गया।
- 13एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं उनकी दृष्टि क्या ही घमण्ड से भरी रहती है, और उनकी आंखें कैसी चढ़ी हुई रहती हैं।
- 14एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं, जिनके दांत तलवार और उनकी दाढ़ें छुरियां हैं, जिन से वे दीन लोगों को पृथ्वी पर से, और दरिद्रों को मनुष्यों में से मिटा डालें।।
- 15जैसे जोंक की दो बेछियां होती हैं, जो कहती हैं दे, दे, वैसे ही तीन वस्तुएं हैं, जो तृप्त नहीं होतीं; वरन चार हैं, जो कभी नहीं कहतीं, बस।
- 16अधोलोक और बांझ की कोख, भूमि जो जल पी पीकर तृप्त नहीं होती, और आग जो कभी नहीं कहती, बस।।
Cross references
- Psalm 57:4 भजन संहिता 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।।
- Psalm 3:7 भजन संहिता 3:7उठ, हे यहोवा! हे मेरे परमेश्वर मुझे बचा ले! क्योंकि तू ने मेरे सब शत्रुओं के जबड़ों पर मारा है और तू ने दुष्टों के दांत तोड़ डाले हैं।।
- Psalm 14:4 भजन संहिता 14:4क्या किसी अनर्थकारी को कुछ भी ज्ञान नहीं रहता, जो मेरे लोगों को ऐसे खा जाते हैं जैसे रोटी, और परमेश्वर का नाम नहीं लेते?
- Job 29:17 अय्यूब 29:17मैं कुटिल मनुष्यों की डाढ़ें तोड़ डालता, और उनका शिकार उनके मुंह से छीनकर बचा लेता था।
- Ecclesiastes 4:1 सभोपदेशक 4:1तब मैं ने वह सब अन्धेर देखा जो संसार में होता है। और क्या देखा, कि अन्धेर सहनेवालों के आंसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अन्धेरे करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था।
- Amos 8:4 आमोस 8:4यह सुनो, तुम जो दरिद्रों को निगलना और देश के नम्र लोगों को नाश करना चाहते हो,
- Revelation 9:8 प्रकाशितवाक्य 9:8और उन के बाल स्त्रियों के से, और दांत सिहों के से थे।
- Psalm 58:6 भजन संहिता 58:6हे परमेश्वर, उनके मुंह में से दांतों को तोड़ दे; हे यहोवा उन जवान सिंहों की दाढ़ों को उखाड़ डाल!
- Psalm 12:5 भजन संहिता 12:5दी लोगों के लुट जाने, और दरिद्रों के कराहने के कारण, परमेश्वर कहता है, अब मैं उठूंगा, जिस पर वे फुंकारते हैं उसे मैं चैन विश्राम दूंगा।
- Psalm 10:8–9 भजन संहिता 10:8–9वह गांवों के घतों में बैठा करता है, और गुप्त स्थानों में निर्दोष को घात करता है, उसकी आंखे लाचार की घात में लगी रहती है। जैसा सिंह अपनी झाड़ी में वैसा ही वह भी छिपकर घात में बैठा करता है; वह दीन को पकड़ने के लिये घात लगाए रहता है,
- Micah 2:1–2 मीका 2:1–2हाय उन पर, जो बिछौनों पर पड़े हुए बुराइयों की कल्पना करते और दुष्ट कर्म की इच्छा करते हैं, और बलवन्त होने के कारण भोर को दिन निकलते ही वे उसको पूरा करते हैं। वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
- James 5:1–4 याकूब 5:1–4हे धनवानों सुन तो लो; तुम अपने आने वाले क्लेशों पर चिल्ला-चिल्लाकर रोओ। तुम्हारा धन बिगड़ गया और तुम्हारे वस्त्रों को कीड़े खा गए। तुम्हारे सोने-चान्दी में काई लग गई है; और वह काई तुम पर गवाही देगी, और आग की नाईं तुम्हारा मांस खा जाएगी: तुम ने अन्तिम युग में धन बटोरा है। देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।