Proverbs · chapter 6 · verse 27
Proverbs 6:27 in Hindi
क्या हो सकता है कि कोई अपनी छाती पर आग रख ले; और उसके कपड़े न जलें?
Kyaa ho sakataa hai ki koee apanee chhaatee par aag rakh le; aur usake kapade na jalem?
Proverbs 6:27 in English
- King James Version (KJV)
- Can a man take fire in his bosom, and his clothes not be burned?
- World English Bible (WEB)
- Can a man scoop fire into his lap, and his clothes not be burned?
- American Standard Version (ASV)
- Can a man take fire in his bosom, And his clothes not be burned?
- Bible in Basic English (BBE)
- May a man take fire to his breast without burning his clothing?
- Darby Translation (DBY)
- Can a man take fire in his bosom, and his garments not be burned?
- Webster's Bible (WBS)
- Can a man take fire in his bosom, and his clothes not be burned?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Doth a man take fire into his bosom, And are his garments not burnt?
Read in context
- 25उसकी सुन्दरता देखकर अपने मन में उसकी अभिलाषा न कर; वह तुझे अपने कटाक्ष से फंसाने न पाए;
- 26क्योंकि वेश्यागमन के कारण मनुष्य टुकड़ों का भिखारी हो जाता है, परन्तु व्यभिचारिणी अनमोल जीवन का अहेर कर लेती है।
- 27क्या हो सकता है कि कोई अपनी छाती पर आग रख ले; और उसके कपड़े न जलें?
- 28क्या हो सकता है कि कोई अंगारे पर चले, और उसके पांव न झुलसें?
- 29जो पराई स्त्री के पास जाता है, उसकी दशा ऐसी है; वरन जो कोई उसको छूएगा वह दण्ड से न बचेगा।
Cross references
- Job 31:9–12 अय्यूब 31:9–12यदि मेरा हृदय किसी स्त्री पर मोहित हो गया है, और मैं अपने पड़ोसी के द्वार पर घात में बैठा हूँ; तो मेरी स्त्री दूसरे के लिये पीसे, और पराए पुरूष उसको भ्रष्ट करें। क्योंकि वह तो महापाप होता; और न्यायियों से दणड पाने के योग्य अधर्म का काम होता; क्योंकि वह ऐसी आग है जो जलाकर भस्म कर देती है, और वह मेरी सारी उपज को जड़ से नाश कर देती है।
- James 3:5 याकूब 3:5वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े बन में आग लग जाती है।
- Hosea 7:4–7 होशे 7:4–7वे सब के सब व्यभिचारी हैं; वे उस तन्दूर के समान हैं जिसको पकानेवाला गर्म करता है, पर जब तक आटा गूंधा नहीं जाता और खमीर से फूल नहीं चुकता, तब तक वह आग को नहीं उसकाता। हमारे राजा के जन्म दिन में हाकिम दाखमधु पीकर चूर हुए; उस ने ठट्ठा करनेवालों से अपना हाथ मिलाया। जब तक वे घात लगाए रहते हैं, तब तक वे अपना मन तन्दूर की नाई तैयार किए रहते हैं; उनका पकानेवाला रात भर सोता रहता है; वह भोर को तन्दूर की धधकती लौ के समान लाल हो जाता है। वे सब के सब तन्दूर की नाई धधकते, और अपने न्यायियों को भस्म करते हैं। उनके सब राजा मारे गए हैं; और उन में से कोई मेरी दोहाई नहीं देता है।।