Psalms · chapter 100 · verse 2
Psalm 100:2 in Hindi
आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
Aanand se yahovaa kee aaraadhanaa karo! Jayajayakaar ke saath usake sammukh aao!
Psalm 100:2 in English
- King James Version (KJV)
- Serve the LORD with gladness: come before his presence with singing.
- World English Bible (WEB)
- Serve the LORD with gladness. Come before his presence with singing.
- American Standard Version (ASV)
- Serve Jehovah with gladness: Come before his presence with singing.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give worship to the Lord with joy; come before him with a song.
- Darby Translation (DBY)
- Serve Jehovah with joy: come before his presence with exultation.
- Webster's Bible (WBS)
- Serve the LORD with gladness: come before his presence with singing.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Serve Jehovah with joy, come before him with singing.
Read in context
- 1ृहे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
- 2आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
- 3निश्चय जानो, कि यहोवा की परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।।
- 4उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
Cross references
- Philippians 4:4 फिलिप्पियों 4:4प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्दित रहो।
- Psalm 95:2 भजन संहिता 95:2हम धन्यवाद करते हुए उसके सम्मुख आएं, और भजन गाते हुए उसका जयजयकार करें!
- Psalm 71:23 भजन संहिता 71:23जब मैं तेरा भजन गाऊंगा, तब अपने मुंह से और अपने प्राण से भी जो तू ने बचा लिया है, जयजयकार करूंगा।
- Acts 2:46–47 प्रेरितों के काम 2:46–47और वे प्रति दिन एक मन होकर मन्दिर में इकट्ठे होते थे, और घर घर रोटी तोड़ते हुए आनन्द और मन की सीधाई से भोजन किया करते थे। और परमेश्वर की स्तुति करते थे, और सब लोग उन से प्रसन्न थे: और जो उद्धार पाते थे, उनको प्रभु प्रति दिन उन में मिला देता था।।
- 2 Chronicles 20:27–28 2 इतिहास 20:27–28तब वे, अर्थात् यहूदा और यरूशलेम नगर के सब पुरूष और उनके आगे आगे यहोशापात, आनन्द के साथ यरूशलेम लौटे क्योंकि यहोवा ने उन्हें शत्रुओं पर आनन्दित किया था। सो वे सारंगियां, वीणाएं और तुरहियां बजाते हुए यरूशलेम में यहोवा के भवन को आए।
- Deuteronomy 28:47 व्यवस्थाविवरण 28:47तू जो सब पदार्थ की बहुतायत होने पर भी आनन्द और प्रसन्नता के साथ अपने परमेश्वर यहोवा की सेवा नहीं करेगा,
- Psalm 107:21–22 भजन संहिता 107:21–22लोग यहोवा की करूणा के कारण और उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें! और वे धन्यवादबलि चढ़ाएं, और जयजयकार करते हुए, उसके कामों का वर्णन करें।।
- Psalm 42:4 भजन संहिता 42:4मैं भीड़ के संग जाया करता था, मैं जयजयकार और धन्यवाद के साथ उत्सव करनेवाली भीड़ के बीच में परमेश्वर के भवन को धीरे धीरे जाया करता था; यह स्मरण करके मेरा प्राण शोकित हो जाता है।
- Deuteronomy 12:12 व्यवस्थाविवरण 12:12और वहां तुम अपने अपने बेटे बेटियों और दास दासियों सहित अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने आनन्द करना, और जो लेवीय तुम्हारे फाटकों में रहे वह भी आनन्द करे, क्योंकि उसका तुम्हारे संग कोई निज भाग वा अंश न होगा।
- Deuteronomy 16:11 व्यवस्थाविवरण 16:11और उस स्थान में जो तेरा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास करने को चुन ले अपने अपने बेटे- बेटियों, दास- दासियों समेत तू और तेरे फाटकों के भीतर जो लेवीय हों, और जो जो परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे बीच में हों, वे सब के सब अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने आनन्द करें।
- Deuteronomy 16:14 व्यवस्थाविवरण 16:14और अपने इस पर्व्व में अपने अपने बेटे बेटियों, दास- दासियों समेत तू और जो लेवीय, और परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे फाटकों के भीतर हों वे भी आनन्द करें।
- 1 Kings 8:66 1 राजा 8:66और वे राजा को धन्य, धन्य, कहकर उस सब भलाई के कारण जो यहोवा ने अपने दास दाऊद और अपनी प्रजा इस्राएल से की थी, आनन्दित और मगन होकर अपने अपने डेरे को चले गए।