Psalms · chapter 106 · verse 15
Psalm 106:15 in Hindi
तब उस ने उन्हें मुंह मांगा वर तो दिया, परन्तु उनके प्राण को सुखा दिया।।
Tab us ne unhem munh maangaa var to diyaa, parantu unake praan ko sukhaa diyaa..
Psalm 106:15 in English
- King James Version (KJV)
- And he gave them their request; but sent leanness into their soul.
- World English Bible (WEB)
- He gave them their request, but sent leanness into their soul.
- American Standard Version (ASV)
- And he gave them their request, But sent leanness into their soul.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he gave them their request, but sent a wasting disease into their souls.
- Darby Translation (DBY)
- Then he gave them their request, but sent leanness into their soul.
- Webster's Bible (WBS)
- And he gave them their request; but sent leanness into their soul.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He giveth to them their request, And sendeth leanness into their soul.
Read in context
- 13परन्तु वे झट उसके कामों को भूल गए; और उसकी युक्ति के लिये न ठहरे।
- 14उन्हों ने जंगल में अति लालसा की और निर्जल स्थान में ईश्वर की परीक्षा की।
- 15तब उस ने उन्हें मुंह मांगा वर तो दिया, परन्तु उनके प्राण को सुखा दिया।।
- 16उन्हों ने छावनी में मूसा के, और यहोवा के पवित्रा जन हारून के विषय में डाह की,
- 17भूमि फट कर दातान को निगल गई, और अबीराम के झुण्ड को ग्रस लिया।
Cross references
- Numbers 11:31–34 गिनती 11:31–34तब यहोवा की ओर से एक बड़ी आंधी आई, और वह समुद्र से बटेरें उड़ाके छावनी पर और उसके चारों ओर इतनी ले आईं, कि वे इधर उधर एक दिन के मार्ग तक भूमि पर दो हाथ के लगभग ऊंचे तक छा गए। और लोगों ने उठकर उस दिन भर और रात भर, और दूसरे दिन भी दिन भर बटेरों को बटोरते रहे; जिस ने कम से कम बटोरा उस ने दस होमेर बटोरा; और उन्हों ने उन्हें छावनी के चारों ओर फैला दिया। मांस उनके मुंह ही में था, और वे उसे खाने न पाए थे, कि यहोवा का कोप उन पर भड़क उठा, और उस ने उनको बहुत बड़ी मार से मारा। और उस स्थान का नाम किब्रोथत्तावा पड़ा, क्योंकि जिन लोगों ने कामुकता की थी उनको वहां मिट्टी दी गई।
- Isaiah 10:16 यशायाह 10:16इस कारण प्रभु अर्थात् सेनाओं का प्रभु उस राजा के हृष्टपुष्ट योद्धाओं को दुबला कर देगा, और उसके ऐश्वर्य के नीचे आग की सी जलन होगी।
- Psalm 78:29–31 भजन संहिता 78:29–31और वे खाकर अति तृप्त हुए, और उस ने उनकी कामना पूरी की। उनकी कामना बनी ही रही, उनका भोजन उनके मुंह ही में था, कि परमेश्वर का क्रोध उन पर भड़का, और उस ने उनके हष्टपुष्टों को घात किया, और इस्त्राएल के जवानों को गिरा दिया।।
- Isaiah 24:16 यशायाह 24:16पृथ्वी की छोर से हमें ऐसे गीत की ध्वनि सुन पड़ती है, कि धर्मी की महिमा और बड़ाई हो। परन्तु मैं ने कहा, हाय, हाय! मैं नाश हो गया, नाश! क्योंकि विश्वासघाती विश्वासघात करते, वे बड़ा ही विश्वासघात करते हैं।।