Psalms · chapter 119 · verse 18
Psalm 119:18 in Hindi
मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं।
Meree aankhem khol de, ki maim teree vyavasthaa kee adbhut baatem dekh sakoon.
Psalm 119:18 in English
- King James Version (KJV)
- Open thou mine eyes, that I may behold wondrous things out of thy law.
- World English Bible (WEB)
- Open my eyes, that I may see wondrous things out of your law.
- American Standard Version (ASV)
- Open thou mine eyes, that I may behold Wondrous things out of thy law.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let my eyes be open to see the wonders of your law.
- Darby Translation (DBY)
- Open mine eyes, and I shall behold wondrous things out of thy law.
- Webster's Bible (WBS)
- Open thou my eyes, that I may behold wondrous things out of thy law.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Uncover mine eyes, and I behold wonders out of Thy law.
Read in context
- 16मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।।
- 17अपने दास का उपकार कर, कि मैं जीवित रहूं, और तेरे वचन पर चलता रहूं।
- 18मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं।
- 19मैं तो पृथ्वी पर परदेशी हूं; अपनी आज्ञाओं को मुझ से छिपाए न रख!
- 20मेरा मन तेरे नियमों की अभिलाषा के कारण हर समय खेदित रहता है।
Cross references
- Ephesians 1:17–18 इफिसियों 1:17–18कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्रा लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है।
- Acts 26:18 प्रेरितों के काम 26:18कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्रा किए गए हैं, मीरास पाएं।
- Isaiah 32:3 यशायाह 32:3उस समय देखनेवालों की आंखें धुंधली न होंगी, और सुननेवालों के कान लगे रहेंगे।
- Isaiah 35:5 यशायाह 35:5तब अन्धों की आंखे खोली जाएंगी और बहिरों के कान भी खोले जाएंगे;
- Matthew 13:13 मत्ती 13:13मैं उन से दृष्टान्तों में इसलिये बातें करता हूं, कि वे देखते हुए नहीं देखते; और सुनते हुए नहीं सुनते; और नहीं समझते।
- 2 Corinthians 4:4–6 2 कुरिन्थियों 4:4–6और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।।
- Isaiah 29:18 यशायाह 29:18उस समय बहिरे पुस्तक की बातें सुनने लेगेंगे, और अन्धे जिन्हें अब कुछ नहीं सूझता, वे देखने लेगेंगे।
- Matthew 16:17 मत्ती 16:17यीशु ने उस को उत्तर दिया, कि हे शमौन योना के पुत्रा, तू धन्य है; क्योंकि मांस और लोहू ने नहीं, परन्तु मेरे पिता ने जो स्वर्ग में है, यह बात तुझ पर प्रगट की है।
- John 9:39 यूहन्ना 9:39तब यीशु ने कहा, मैं इस जगत में न्याय के लिये आया हूं, ताकि जो नहीं देखते वे देखें, और जो देखते हैं वे अन्धे हो जाएं।
- 2 Corinthians 3:13–18 2 कुरिन्थियों 3:13–18और मूसर की नाईं नहीं, जिस ने अपने मुंह पर परदा डाला था ताकि इस्त्राएली उस घटनेवाली वस्तु के अन्त को न देखें। परन्तु वे मतिमन्द हो गए, क्योंकि आज तक पुराने नियम के पढ़ते समय उन के हृदयों पर वही परदा पड़ा रहता है; पर वह मसीह में उठ जाता है। और आज तक जब कभी मूसा की पुस्तक पढ़ी जाती है, तो उन के हृदय पर परदा पड़ा रहता है। परन्तु जब कभी उन का हृदय प्रभु की ओर फिरेगा, तब वह परदा उठ जाएगा। प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्वतंत्राता है। परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।।
- Revelation 3:18 प्रकाशितवाक्य 3:18इसी लिये मैं तुझे सम्मति देता हूं, कि आग में ताया हुआ सोना मुझ से मोल ले, कि धनी हो जाए; और श्वेत वस्त्रा ले ले कि पहिनकर तुझे अपने नंगेपन की लज्जा न हो; और अपनी आंखों में लगाने के लिये सुर्मा ले, कि तू देखने लगे।
- Isaiah 29:10–12 यशायाह 29:10–12यहोवा ने तुम को भारी नींद में डाल दिया है और उस ने तुम्हारी नबीरूपी आंखों को बन्द कर दिया है और तुम्हारे दर्शीरूपी सिरों पर पर्दा डाला है। इसलिये सारे दर्शन तुम्हारे लिये एक लपेटी और मुहर की हुई पुस्तक की बातों के समान हैं, जिसे कोई पढ़े- लिखे मनुष्य को यह कहकर दे, इसे पढ़, और वह कहे, मैं नहीं पढ़ सकता क्योंकि इस पर मुहर की हुई है। तब वही पुस्तक अनपढ़े को यह कहकर दी जाए, इसे पढ़, और वह कहे, मैं तो अनपढ़ हूं।।