Isaiah · chapter 35 · verse 5
Isaiah 35:5 in Hindi
तब अन्धों की आंखे खोली जाएंगी और बहिरों के कान भी खोले जाएंगे;
Tab andhom kee aankhe kholee jaaengee aur bahirom ke kaan bhee khole jaaenge;
Isaiah 35:5 in English
- King James Version (KJV)
- Then the eyes of the blind shall be opened, and the ears of the deaf shall be unstopped.
- World English Bible (WEB)
- Then the eyes of the blind will be opened, and the ears of the deaf will be unstopped.
- American Standard Version (ASV)
- Then the eyes of the blind shall be opened, and the ears of the deaf shall be unstopped.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the eyes of the blind will see, and the ears which are stopped will be open.
- Darby Translation (DBY)
- Then the eyes of the blind shall be opened, and the ears of the deaf be unstopped;
- Webster's Bible (WBS)
- Then the eyes of the blind shall be opened, and the ears of the deaf shall be unstopped.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Then opened are eyes of the blind, And ears of the deaf are unstopped,
Read in context
- 3ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो।
- 4घबरानेवालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।।
- 5तब अन्धों की आंखे खोली जाएंगी और बहिरों के कान भी खोले जाएंगे;
- 6तब लंगड़ा हरिण की सी चौकड़ियां भरेगा और गूंगे अपनी जीभ से जयजयकार करेंगे। क्योंकि जंगल में जल के सोते फूट निकलेंगे और मरूभूमि में नदियां बहने लगेंगीद्ध
- 7मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उस में घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।।
Cross references
- Isaiah 42:6–7 यशायाह 42:6–7मुझ यहोवा ने तुझ को धर्म से बुला लिया है; मैं तेरा हाथ थाम कर तेरी रक्षा करूंगा; मैं तुझे प्रजा के लिये वाचा और जातियों के लिये प्रकाश ठहराऊंगा; कि तू अन्धों की आंखें खोले, बंधुओं को बन्दीगृह से निकाले और जो अन्धियारे में बैठे हैं उनको कालकोठरी से निकाले।
- Luke 7:20–23 लूका 7:20–23उन्हों ने उसके पास आकर कहा, यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले ने हमें तेरे पास यह पूछने को भेजा है, कि क्या आनेवाला तू ही है, या हम दूसरे की बाट जोहें? उसी घड़ी उस ने बहुतों को बीमारियों; और पीड़ाओं, और दुष्टात्माओं से छुड़ाया; और बहुत से अन्धों को आंखे दी। और उस ने उन से कहा; जो कुछ तुम ने देखा और सुना है, जाकर यूहन्ना से कह दो; कि अन्धे देखते हैं, लंगडे चलते फिरते हैं, कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं; और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है। और धन्य है वह, जो मेरे कारण ठोकर न खाए।।
- Isaiah 29:18 यशायाह 29:18उस समय बहिरे पुस्तक की बातें सुनने लेगेंगे, और अन्धे जिन्हें अब कुछ नहीं सूझता, वे देखने लेगेंगे।
- Matthew 11:3–5 मत्ती 11:3–5कि क्या आनेवाला तू ही है: या हम दूसरे की बाट जोहें? यीशु ने उत्तर दिया, कि जो कुछ तुम सुनते हो और देखते हो, वह सब जाकर यूहन्ना से कह दो। कि अन्धे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहिरे सुनते हैं, मुर्दे जिलाए जाते हैं; और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।
- Isaiah 32:3–4 यशायाह 32:3–4उस समय देखनेवालों की आंखें धुंधली न होंगी, और सुननेवालों के कान लगे रहेंगे। उतावलों के मन ज्ञान की बातें समझेंगे, और तुतलानेवालों की जीभ फुर्ती से और साफ बोलेगी।
- Psalm 146:8 भजन संहिता 146:8यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है।
- John 9:39 यूहन्ना 9:39तब यीशु ने कहा, मैं इस जगत में न्याय के लिये आया हूं, ताकि जो नहीं देखते वे देखें, और जो देखते हैं वे अन्धे हो जाएं।
- Isaiah 50:4 यशायाह 50:4प्रभु यहोवा ने मुझे सीखनेवालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। भोर को वह नित मुझे जगाता और मेरा कान खोलता है कि मैं शिष्य के समान सुनूं।
- Ephesians 1:17–18 इफिसियों 1:17–18कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे। और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्रा लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है।
- Matthew 9:27–30 मत्ती 9:27–30जब यीशु वहां से आगे बढ़ा, तो दो अन्धे उसके पीछे यह पुकारते हुए चले, कि हे दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर। जब वह घर में पहुंचा, तो वे अन्धे उस के पास आए; और यीशु ने उन से कहा; क्या तुम्हें विश्वास है, कि मैं यह कर सकता हूं? उन्हों ने उस से कहा; हां प्रभु। तब उस ने उन की आंखे छूकर कहा, तुम्हारे विश्वास के अनुसार तुम्हारे लिये हो। और उन की आंखे खुल गई और यीशु ने उन्हें चिताकर कहा; सावधान, कोई इस बात को न जाने।
- Matthew 20:30–34 मत्ती 20:30–34और देखो, दो अन्धे, जो सड़कर के किनारे बैठे थे, यह सुनकर कि यीशु जा रहा है, पुकारकर कहने लगे; कि हे प्रभु, दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर। लोगों ने उन्हें डांटा, कि चुप रहे, पर वे और भी चिल्लाकर बोले, हे प्रभु, दाऊद की सन्तान, हम पर दया कर। तब यीशु ने खडे होकर, उन्हें बुलाया, और कहा; तुम क्या चाहते हो कि मैं तुम्हारे लिये करूं? उन्हों ने उस से कहा, हे प्रभु; यह कि हमारी आंखे खुल जाएं। यीशु ने तरस खाकर उन की आंखे छूई, और वे तुरन्त देखने लगे; और उसके पीछे हो लिए।।
- Matthew 12:22 मत्ती 12:22तब लोग एक अन्धे- गूंगे को जिस में दुष्टात्मा थी, उसके पास लाए; और उस ने उसे अच्छा किया; और वह गूंगा बोलने और देखने लगा।