Psalms · chapter 119 · verse 54
Psalm 119:54 in Hindi
जहां मैं परदेशी होकर रहता हूं, वहां तेरी विधियां, मेरे गीत गाने का विषय बनी हैं।
Jahaam maim paradeshee hokar rahataa hoom, vahaam teree vidhiyaam, mere geet gaane kaa vishay banee hain.
Psalm 119:54 in English
- King James Version (KJV)
- Thy statutes have been my songs in the house of my pilgrimage.
- World English Bible (WEB)
- Your statutes have been my songs in the house where I live.
- American Standard Version (ASV)
- Thy statutes have been my songs In the house of my pilgrimage.
- Bible in Basic English (BBE)
- Your rules have been melodies to me, while I have been living in strange lands.
- Darby Translation (DBY)
- Thy statutes have been my songs in the house of my pilgrimage.
- Webster's Bible (WBS)
- Thy statutes have been my songs in the house of my pilgrimage.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Songs have been to me Thy statutes, In the house of my sojournings.
Read in context
- 52हे यहोवा, मैं ने तेरे प्राचीन नियमों को स्मरण करके शान्ति पाई है।
- 53जो दुष्ट तेरी व्यवस्था को छोड़े हुए हैं, उनके कारण मैं सन्ताप से जलता हूं।
- 54जहां मैं परदेशी होकर रहता हूं, वहां तेरी विधियां, मेरे गीत गाने का विषय बनी हैं।
- 55हे यहोवा, मैं ने रात को तेरा नाम स्मरण किया और तेरी व्यवस्था पर चला हूं।
- 56यह मुझ से इस कारण हुआ, कि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए था।।
Cross references
- Hebrews 11:13–16 इब्रानियों 11:13–16ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्हों ने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाई; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं। जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्वदेश की खोज में हैं। और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। पर वे एक उत्तम अर्थात् स्वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उस ने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।।
- Genesis 47:9 उत्पत्ति 47:9याकूब ने फिरौन से कहा, मैं तो एक सौ तीस वर्ष परदेशी होकर अपना जीवन बीता चुका हूं; मेरे जीवन के दिन थोड़े और दु:ख से भरे हुए भी थे, और मेरे बापदादे परदेशी होकर जितने दिन तक जीवित रहे उतने दिन का मैं अभी नहीं हुआ।
- Psalm 89:1 भजन संहिता 89:1मैं यहोवा की सारी करूणा के विषय सदा गाता रहूंगा; मैं तेरी सच्चाई पीढ़ी पीढ़ी तक जताता रहूंगा।
- Psalm 10:1 भजन संहिता 10:1हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?