Psalms · chapter 119 · verse 60
Psalm 119:60 in Hindi
मैं ने तेरी आज्ञाओं के मानने में विलम्ब नहीं, फुर्ती की है।
Maim ne teree aajnyaaom ke maanane mem vilamb naheem, phurtee kee hai.
Psalm 119:60 in English
- King James Version (KJV)
- I made haste, and delayed not to keep thy commandments.
- World English Bible (WEB)
- I will hurry, and not delay, to obey your commandments.
- American Standard Version (ASV)
- I made haste, and delayed not, To observe thy commandments.
- Bible in Basic English (BBE)
- I was quick to do your orders, and let no time be wasted.
- Darby Translation (DBY)
- I have made haste, and not delayed, to keep thy commandments.
- Webster's Bible (WBS)
- I made haste, and delayed not to keep thy commandments.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have made haste, And delayed not, to keep Thy commands.
Read in context
- 58मैं ने पूरे मन से तुझे मनाया है; इसलिये अपने वचन के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर।
- 59मैं ने अपनी चालचलन को सोचा, और तेरी चितौनियों का मार्ग लिया।
- 60मैं ने तेरी आज्ञाओं के मानने में विलम्ब नहीं, फुर्ती की है।
- 61मैं दुष्टों की रस्सियों से बन्ध गया हूं, तौभी मैं तेरी व्यवस्था को नहीं भूला।
- 62तेरे धर्ममय नियमों के कारण मैं आधी रात को तेरा धन्यवाद करने को उठूंगा।
Cross references
- Psalm 95:7–8 भजन संहिता 95:7–8क्योंकि वही हमारा परमेश्वर है, और हम उसकी चराई की प्रजा, और उसके हाथ की भेड़ें हैं।। भला होता, कि आज तुम उसकी बात सुनते! अपना अपना हृदय ऐसा कठोर मत करो, जैसा मरीबा में, वा मस्सा के दिन जंगल में हुआ था,
- Ecclesiastes 9:10 सभोपदेशक 9:10जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहां तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।।
- Galatians 1:16 गलातियों 1:16जब इच्छा हुई, कि मुझ में अपने पुत्रा को प्रगट करे कि मैं अन्यजातियों में उसका सुसमाचार सुनाऊं; तो न मैं ने मांस और लोहू से सलाह ली;
- Proverbs 27:1 नीतिवचन 27:1कल के दिन के विषय में मत फूल, क्योंकि तू नहीं जानता कि दिन भर में क्या होगा।
- Ezekiel 10:6–8 यहेजकेल 10:6–8जब उस ने सन के वस्त्रा पहिने हुए पुरूष को घूमनेवाले पहियों के भीतर करूबों के बीच में से आग लेने की आज्ञा दी, तब वह उनके बीच में जाकर एक पहिये के पास खड़ा हुआ। तब करूबों के बीच से एक करूब ने अपना हाथ बढ़ाकर, उस आग में से जो करूबों के बीच में थी, कुछ उठाकर सन के वस्त्रा पहिने हुए पुरूष की मुट्ठी में दे दी; और वह उसे लेकर बाहर चला गया। करूबों के पंखों के नीचे तो मनुष्य का हाथ सा कुछ दिखाई देता था।