Psalms · chapter 135 · verse 10
Psalm 135:10 in Hindi
उस ने बहुत सी जातियां नाश की, और सामर्थी राजाओं को,
Us ne bahut see jaatiyaam naash kee, aur saamarthee raajaaom ko,
Psalm 135:10 in English
- King James Version (KJV)
- Who smote great nations, and slew mighty kings;
- World English Bible (WEB)
- He struck many nations, and killed mighty kings—
- American Standard Version (ASV)
- Who smote many nations, And slew mighty kings,
- Bible in Basic English (BBE)
- He overcame great nations, and put strong kings to death;
- Darby Translation (DBY)
- Who smote great nations, and slew mighty kings,
- Webster's Bible (WBS)
- Who smote great nations, and slew mighty kings;
- Young's Literal Translation (YLT)
- Who smote many nations, and slew strong kings,
Read in context
- 8उस ने मि में क्या मनुष्य क्या पशु, सब के पहिलौठों को मार डाला!
- 9हे मि, उस ने तेरे बीच में फिरौन और उसके सब कर्मचारियों के बीच चिन्ह और चमत्कार किए।
- 10उस ने बहुत सी जातियां नाश की, और सामर्थी राजाओं को,
- 11अर्थात् एमोरियों के राजा सीहोन को, और बाशान के राजा ओग को, और कनान के सब राजाओं को घात किया;
- 12और उनके देश को बांटकर, अपनी प्रजा इस्राएल के भाग होने के लिये दे दिया।।
Cross references
- Psalm 136:17–22 भजन संहिता 136:17–22उस ने बड़े बड़े राजा मारे, उसकी करूणा सदा की है। उस ने प्रतापी राजाओं को भी मारा, उसकी करूणा सदा की है। एमोरियों के राजा सीहोन को, उसकी करूणा सदा की है। और बाशान के राजा ओग को घात किया, उसकी करूणा सदा की है। और उनके देश को भाग होने के लिये, उसकी करूणा सदा की है। अपने दास इस्राएलियों के भाग होने के लिये दे दिया, उसकी करूणा सदा की है।
- Numbers 21:24 गिनती 21:24तब इस्त्राएलियों ने उस को तलवार से मार लिया, और अर्नोन से यब्बोक नदी तक, जो अम्मोनियों का सिवाना था, उसके देश के अधिकारी हो गए; अम्मोनियों का सिवाना तो दृढ़ था।
- Psalm 44:2–3 भजन संहिता 44:2–3तू ने अपने हाथ से जातियों को निकाल दिया, और इनको बसाया; तू ने देश देश के लोगों को दु:ख दिया, और इनको चारों ओर फैला दिया; क्योंकि वे न तो अपनी तलवार के बल से इस देश के अधिकारी हुए, और न अपने बाहुबल से; परन्तु तेरे दहिने हाथ और तेरी भुजा और तेरे प्रसन्न मुख के कारण जयवन्त हुए; क्योंकि तू उनको चाहता था।।