Psalms · chapter 139 · verse 17
Psalm 139:17 in Hindi
और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।।
Aur mere liye to he eeshvar, tere vichaar kyaa hee bahumooly haim! Unakee sankhyaa kaa jod kaisaa badaa hai..
Psalm 139:17 in English
- King James Version (KJV)
- How precious also are thy thoughts unto me, O God! how great is the sum of them!
- World English Bible (WEB)
- How precious to me are your thoughts, God! How vast is their sum!
- American Standard Version (ASV)
- How precious also are thy thoughts unto me, O God! How great is the sum of them!
- Bible in Basic English (BBE)
- How dear are your thoughts to me, O God! how great is the number of them!
- Darby Translation (DBY)
- But how precious are thy thoughts unto me, O God! how great is the sum of them!
- Webster's Bible (WBS)
- How precious also are thy thoughts to me, O God! how great is the sum of them!
- Young's Literal Translation (YLT)
- And to me how precious have been Thy thoughts, O God, how great hath been their sum!
Read in context
- 15जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं।
- 16तेरी आंखों ने मेरे बेड़ौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।
- 17और मेरे लिये तो हे ईश्वर, तेरे विचार क्या ही बहुमूल्य हैं! उनकी संख्या का जोड़ कैसा बड़ा है।।
- 18यदि मैं उनको गिनता तो वे बालू के किनकों से भी अधिक ठहरते। जब मैं जाग उठता हूं, तब भी तेरे संग रहता हूं।।
- 19हे ईश्वर निश्चय तू दुष्ट को घात करेगा! हे हत्यारों, मुझ से दूर हो जाओ।
Cross references
- Psalm 40:5 भजन संहिता 40:5हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोलकर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।।
- Jeremiah 29:11 यिर्मयाह 29:11क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, कि जो कल्पनाएं मैं तुम्हारे विषय करता हूँ उन्हें मैं जानता हूँ, वे हानी की नहीं, वरन कुशल ही की हैं, और अन्त में तुम्हारी आशा पूरी करूंगा।
- Isaiah 55:8–9 यशायाह 55:8–9क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
- Psalm 92:5 भजन संहिता 92:5हे यहोवा, तेरे काम क्या ही बड़े है! तेरी कल्पनाएं बहुत गम्भीर है!
- Psalm 36:7 भजन संहिता 36:7हे परमेश्वर तेरी करूणा, कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखो के तले शरण लेते हैं।
- Ephesians 3:9–10 इफिसियों 3:9–10और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्त था। ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए।
- Psalm 31:19 भजन संहिता 31:19आहा, तेरी भलाई क्या ही बड़ी है जो तू ने अपने डरवैयों के लिये रख छोड़ी है, और अपने शरणागतों के लिये मनुष्यों के साम्हने प्रगट भी की है!
- Proverbs 8:31 नीतिवचन 8:31मैं उसकी बसाई हुई पृथ्वी से प्रसन्न थी और मेरा सुख मनुष्यों की संगति से होता था।।