Psalms · chapter 144 · verse 2
Psalm 144:2 in Hindi
वह मेरे लिये करूणानिधान और गढ़, ऊंचा स्थान और छुड़ानेवाला है, वह मेरी ढ़ाल और शरणस्थान है, जो मेरी प्रजा को मेरे वश में कर देता है।।
Vah mere liye karoonaanidhaan aur gadh, oonchaa sthaan aur chhudaanevaalaa hai, vah meree dhaal aur sharanasthaan hai, jo meree prajaa ko mere vash mem kar detaa hai..
Psalm 144:2 in English
- King James Version (KJV)
- My goodness, and my fortress; my high tower, and my deliverer; my shield, and [he] in whom I trust; who subdueth my people under me.
- World English Bible (WEB)
- my loving kindness, my fortress, my high tower, my deliverer, my shield, and he in whom I take refuge, who subdues my people under me.
- American Standard Version (ASV)
- My lovingkindness, and my fortress, My high tower, and my deliverer; My shield, and he in whom I take refuge; Who subdueth my people under me.
- Bible in Basic English (BBE)
- He is my strength, and my Rock; my high tower, and my saviour; my keeper and my hope: he gives me authority over my people.
- Darby Translation (DBY)
- My mercy and my fortress, my high tower and my deliverer, my shield and he in whom I trust, who subdueth my people under me!
- Webster's Bible (WBS)
- My goodness, and my fortress; my high tower, and my deliverer; my shield, and [he] in whom I trust; who subdueth my people under me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- My kind one, and my bulwark, My tower, and my deliverer, My shield, and in whom I have trusted, Who is subduing my people under me!
Read in context
- 1धन्य है यहोवा, जो मेरी चट्टान है, वह मेरे हाथों को लड़ने, और युद्ध करने के लिये तैयार करता है।
- 2वह मेरे लिये करूणानिधान और गढ़, ऊंचा स्थान और छुड़ानेवाला है, वह मेरी ढ़ाल और शरणस्थान है, जो मेरी प्रजा को मेरे वश में कर देता है।।
- 3हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, या आदमी क्या है, कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है?
- 4मनुष्य तो सांस के समान है; उसके दिन ढलती हुई छाया के समान हैं।।
Cross references
- 2 Samuel 22:2–3 2 शमूएल 22:2–3उस ने कहा, यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़, मेरा छुड़ानेवाला, मेरा चट्टानरूपी परमेश्वर है, जिसका मैं शरणागत हूँ, मेरी ढाल, मेरा बचानेवाला सींग, मेरा ऊंचा गढ़, और मेरा शरणस्थान है, हे मेरे उठ्ठार कर्त्ता, तू उपद्रव से मेरा उठ्ठार किया करता है।
- Psalm 91:2 भजन संहिता 91:2मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा।
- Psalm 18:2 भजन संहिता 18:2यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है।
- Psalm 59:9 भजन संहिता 59:9हे मेरे बल, मुझे तेरी ही आस होगी; क्योंकि परमेश्वर मेरा ऊंचा गढ़ है।।
- Psalm 18:47 भजन संहिता 18:47धन्य है मेरा पलटा लेनेवाला ईश्वर! जिस ने देश देश के लोगों को मेरे वंश में कर दिया है;
- Psalm 84:9 भजन संहिता 84:9हे परमेश्वर, हे हमारी ढ़ाल, दृष्टि कर; और अपने अभिषिक्ति का मुख देख!
- Jeremiah 16:19 यिर्मयाह 16:19हे यहोवा, हे मेरे बल और दृढ़ गढ़, संकट के समय मेरे शरणस्थान, जातिजाति के लोग पृथ्वी की चहुंओर से तेरे पास आकर कहेंगे, निश्चय हमारे पुरखा झूठी, व्यर्थ और निष्फल वस्तुओं को अपनाते आए हैं।
- Psalm 110:3 भजन संहिता 110:3तेरी प्रजा के लोगर तेरे पराक्रम के दिन स्वेच्छाबलि बनते हैं; तेरे जवान लोग पवित्राता से शोभायमान, और भोर के गर्भ से जन्मी हुई ओस के समान तेरे पास हैं।
- 2 Samuel 22:40–48 2 शमूएल 22:40–48और तू ने युठ्ठ के लिये मेरी कमर बलवन्त की; और मेरे विरोधियों को मेरे ही साम्हने परास्त कर दिया। और तू ने मेरे शत्रुओं की पीठ मुझे दिखाई, ताकि मैं अपने बैरियों को काट डालूं। उन्हों ने बाट तो जोही, परन्तु कोई बचानेवाला न मिला; उन्हों ने यहोवा की भी बाट जोही, परन्तु उस ने उनको कोई उत्तर न दिया। तब मैं ने उनको कूट कूटकर भूमि की धूलि के समान कर दिया, मैं ने उन्हें सड़कों और गली कूचों की कीचड़ के समान पटककर चारों ओर फैला दिया। फिर तू ने मुुझे प्रजा के झगड़ों से छुड़ाकर अन्य जातियों का प्रधान होने के लिये मेरी रक्षा की; जिन लोगों को मैं न जानता था वे भी मेरे आधीन हो जाएंगे। परदेशी मेरी चापलूसी करेंगे; वे मेरा नाम सुनते ही मेरे वश में आएंगे। परदेशी मुर्झाएंगे, और अपने कोठों में से थरथराते हुए निकलेंगे। यहोवा जीवित है; मेरी चट्टान धन्य है, और परमेश्वर जो मेरे उठ्ठार की चट्टान है, उसकी महिमा हो। धन्य है मेरा पलटा लेनेवाला ईश्वर, जो देश देश के लोगों को मेरे वश में कर देता है,