Psalms · chapter 144 · verse 4
Psalm 144:4 in Hindi
मनुष्य तो सांस के समान है; उसके दिन ढलती हुई छाया के समान हैं।।
Manushy to saans ke samaan hai; usake din dhalatee huee chhaayaa ke samaan hain..
Psalm 144:4 in English
- King James Version (KJV)
- Man is like to vanity: his days [are] as a shadow that passeth away.
- World English Bible (WEB)
- Man is like a breath. His days are like a shadow that passes away.
- American Standard Version (ASV)
- Man is like to vanity: His days are as a shadow that passeth away.
- Bible in Basic English (BBE)
- Man is like a breath: his life is like a shade which is quickly gone.
- Darby Translation (DBY)
- Man is like to vanity; his days are as a shadow that passeth away.
- Webster's Bible (WBS)
- Man is like to vanity: his days [are] as a shadow that passeth away.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Man to vanity hath been like, His days [are] as a shadow passing by.
Read in context
- 2वह मेरे लिये करूणानिधान और गढ़, ऊंचा स्थान और छुड़ानेवाला है, वह मेरी ढ़ाल और शरणस्थान है, जो मेरी प्रजा को मेरे वश में कर देता है।।
- 3हे यहोवा, मनुष्य क्या है कि तू उसकी सुधि लेता है, या आदमी क्या है, कि तू उसकी कुछ चिन्ता करता है?
- 4मनुष्य तो सांस के समान है; उसके दिन ढलती हुई छाया के समान हैं।।
- 5हे यहोवा, अपने स्वर्ग को नीचा करके उतर आ! पहाड़ों को छू तब उन से धुंआं उठेंगा!
- 6बिजली कड़काकर उनके तितर बितर कर दे, अपने तीर चलाकर उनको घबरा दे!
Cross references
- Psalm 102:11 भजन संहिता 102:11मेरी आयु ढलती हुई छाया के समान है; और मैं आप घास की नाईं सूख चला हूं।।
- Psalm 109:23 भजन संहिता 109:23मैं ढलती हुई छाया की नाई जाता रहा हूं; मैं टिड्डी के समान उड़ा दिया गया हूं।
- Job 8:9 अय्यूब 8:9क्योंकि हम तो कल ही के हैं, और कुछ नहीं जानते; और पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाई बीतते जाते हैं।
- Psalm 39:5–6 भजन संहिता 39:5–6देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं। सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!
- 2 Samuel 14:14 2 शमूएल 14:14हम को तो मरना ही है, और भूमि पर गिरे हुए जल के समान ठहरेंगे, जो फिर उठाया नहीं जाता; तौभी परमेश्वर प्राण नहीं लेता, वरन ऐसी युक्ति करता है कि निकाला हुआ उसके पास से निकाला हुआ न रहे।
- Ecclesiastes 12:8 सभोपदेशक 12:8उपदेशक कहता है, सब व्यर्थ ही व्यर्थ; सब कुछ व्यर्थ है।
- Ecclesiastes 1:2 सभोपदेशक 1:2उपदेशक का यह वचन है, कि व्यर्थ ही व्यर्थ, व्यर्थ ही व्यर्थ! सब कुछ व्यर्थ है।
- Psalm 62:9 भजन संहिता 62:9सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
- Psalm 39:11 भजन संहिता 39:11जब तू मनुष्य को अधर्म के कारण दपट दपटकर ताड़ना देता है; तब तू उसकी सुन्दरता को पतिंगे की नाई नाश करता है; सचमुच सब मनुष्य वृथाभिमान करते हैं।।
- 1 Chronicles 29:15 1 इतिहास 29:15तेरी दृष्टि में हम तो अपने सब पुरखाओं की नाईं पराए और परदेशी हैं; पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाईं बीते जाते हैं, और हमारा कुछ ठिकाना नहीं।
- Ecclesiastes 1:14 सभोपदेशक 1:14मैं ने उन सब कामों को देखा जो सूर्य के नीचे किए जाते हैं; देखो वे सब व्यर्थ और मानो वायु को पकड़ना है।
- Psalm 103:15–16 भजन संहिता 103:15–16मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है, जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।