Psalms · chapter 150 · verse 6
Psalm 150:6 in Hindi
जिते प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!
Jite praanee haim sab ke sab yaah kee stuti karem! Yaah kee stuti karo!
Psalm 150:6 in English
- King James Version (KJV)
- Let every thing that hath breath praise the LORD. Praise ye the LORD.
- World English Bible (WEB)
- Let everything that has breath praise the LORD! Praise the LORD!
- American Standard Version (ASV)
- Let everything that hath breath praise Jehovah. Praise ye Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let everything which has breath give praise to the Lord. Let the Lord be praised.
- Darby Translation (DBY)
- Let everything that hath breath praise Jah. Hallelujah!
- Webster's Bible (WBS)
- Let every thing that hath breath praise the LORD. Praise ye the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- All that doth breathe doth praise Jah! Praise ye Jah!
Read in context
- 4डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तारवाले बाजे और बांसुली बजाते हुए उसकी स्तुति करो!
- 5ऊंचे शब्दवाली झांझ बाजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्दवाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो!
- 6जिते प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!
Cross references
- Psalm 145:21 भजन संहिता 145:21मैं यहोवा की स्तुति करूंगा, और सारे प्राणी उसके पवित्रा नाम को सदा सर्वदा धन्य कहते रहें।।
- Revelation 5:13 प्रकाशितवाक्य 5:13फिर मैं ने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे।
- Psalm 103:22 भजन संहिता 103:22हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!
- Psalm 145:10 भजन संहिता 145:10हे यहोवा, तेरी सारी सृष्टि तेरा धन्यवाद करेगी, और तेरे भक्त लाग तुझे धन्य कहा करेंगे!
- Psalm 148:7–11 भजन संहिता 148:7–11पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे मगरमच्छों और गहिरे सागर, हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार! हे पहाड़ों और सब टीलो, हे फलदाई वृक्षों और सब देवदारों! हे वन- पशुओं और सब घरैलू पशुओं, हे रेंगनेवाले जन्तुओं और हे पक्षियों! हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य राज्य के सब लोगों, हे हाकिमों और पृथ्वी के सब न्यायियों!