Psalms · chapter 145 · verse 21
Psalm 145:21 in Hindi
मैं यहोवा की स्तुति करूंगा, और सारे प्राणी उसके पवित्रा नाम को सदा सर्वदा धन्य कहते रहें।।
Maim yahovaa kee stuti karoongaa, aur saare praanee usake pavitraa naam ko sadaa sarvadaa dhany kahate rahen..
Psalm 145:21 in English
- King James Version (KJV)
- My mouth shall speak the praise of the LORD: and let all flesh bless his holy name for ever and ever.
- World English Bible (WEB)
- My mouth will speak the praise of the LORD. Let all flesh bless his holy name forever and ever.
- American Standard Version (ASV)
- My mouth shall speak the praise of Jehovah; And let all flesh bless his holy name for ever and ever.
- Bible in Basic English (BBE)
- My mouth will give praise to the Lord; let all flesh be blessing his holy name for ever and ever.
- Darby Translation (DBY)
- My mouth shall speak the praise of Jehovah; and let all flesh bless his holy name for ever and ever.
- Webster's Bible (WBS)
- My mouth shall speak the praise of the LORD: and let all flesh bless his holy name for ever and ever.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The praise of Jehovah my mouth speaketh, And all flesh doth bless His holy name, To the age and for ever!
Read in context
- 19वह अपने डरवैयों की इच्छा पूरी करता है, ओर उनकी दोहाई सुनकर उनका उद्धार करता है।
- 20यहोवा अपने सब प्रेमियों की तो रक्षा करता, परन्तु सब दुष्टों को सत्यानाश करता है।।
- 21मैं यहोवा की स्तुति करूंगा, और सारे प्राणी उसके पवित्रा नाम को सदा सर्वदा धन्य कहते रहें।।
Cross references
- Psalm 71:8 भजन संहिता 71:8मेरे मुंह से तेरे गुणानुवाद, और दिन भर तेरी शोभा का वर्णन बहुत हुआ करे।
- Psalm 51:15 भजन संहिता 51:15हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा।
- Psalm 150:6 भजन संहिता 150:6जिते प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!
- Psalm 71:23–24 भजन संहिता 71:23–24जब मैं तेरा भजन गाऊंगा, तब अपने मुंह से और अपने प्राण से भी जो तू ने बचा लिया है, जयजयकार करूंगा। और मैं तेरे धर्म की चर्चा दिन भर करता रहूंगा; क्योंकि जो मेरी हानि के अभिलाषी थे, उनकी आशा टूट गई और मुंह काले हो गए हैं।।
- Psalm 145:1–2 भजन संहिता 145:1–2हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तुझे सराहूंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहता रहूंगा। प्रति दिन मैं तुझ को धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।
- Psalm 117:1–2 भजन संहिता 117:1–2हे जाति जाति के सब लोगों यहोवा की स्तुति करो! हे राज्य राज्य के सब लोगो, उसकी प्रशंसा करो! क्योंकि उसकी करूणा हमारे ऊपर प्रबल हुई है; और यहोवा की सच्चाई सदा की है याह की स्तुति करो!
- Revelation 5:11–14 प्रकाशितवाक्य 5:11–14और जब मै ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों की चारों ओर बहुत से स्वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी। और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है। फिर मैं ने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे। और चारों प्राणियों ने आमीन कहा, और प्राचीनों ने गिरकर दण्डवत् किया।।
- Psalm 71:15 भजन संहिता 71:15मैं अपने मुंह से तेरे धर्म का, और तेरे किए हुए उद्धार का वर्णन दिन भर करता रहूंगा, परन्तु उनका पूरा ब्योरा जाना भी नहीं जाता।
- Psalm 30:12 भजन संहिता 30:12ताकि मेरी आत्मा तेरा भजन गाती रहे और कभी चुप न हो। हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं सर्वदा तेरा धन्यवाद करता रहूंगा।।
- Psalm 145:5 भजन संहिता 145:5मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
- Psalm 89:1 भजन संहिता 89:1मैं यहोवा की सारी करूणा के विषय सदा गाता रहूंगा; मैं तेरी सच्चाई पीढ़ी पीढ़ी तक जताता रहूंगा।
- Psalm 103:22 भजन संहिता 103:22हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!